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बिहार में रिटायर्ट आफिसर ने बनाया अपना अलग देश, खुद बन बैठा राजा

बिहार के रिटायर ऑफिसर रामो बिरूवा ने बिहार के एक इलाके को अलग देश घोषित करके खुद को राजा बना लिया।

Dainik Bhaskar

Dec 18, 2017, 05:44 AM IST
In Bihar, the retired officer made his own separate country

जमशेदपुर/ रांची. रिटायर ऑफिसर रामो बिरूवा ने झारखंड के एक इलाके को अलग देश घोषित करके खुद को राजा बना लिया। झारखंड के कोल्हान को अलग देश की मांग कई सालों से चली आ रही हैं। बता दें कि ये मामला संयुक्त राष्ट्र तक जा चुका है। 18 दिसंबर काे अलग देश का झंडा फहराने की तैयारी थी। जमशेदपुर से 150 किमी दूर पश्चिमी सिंहभूम जिले के खूंटपानी प्रखंड के भोया गांव के बिंदीबासा में समारोह के लिए स्टेज बनाकर 2000 से ज्यादा कुर्सियां लगाई गई थी।

रातोंरात रोका प्रोग्राम

- प्रशासन को जैसे ही इसकी खबर लगी, रातोंरात बिंदीबासा पहुंचकर प्रोग्राम पर रोक लगा दी। गांव में छापामारी कर रामो बिरूवा के समर्थक मुन्ना बानसिंह को राष्ट्रद्रोह के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया। रामो बिरूवा, मुन्ना बानसिंह सहित 45 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

- मुख्य आरोपी रामो बिरूवा फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। बिंदीबासा में धारा 144 लगा दी गई है। बानसिंह को जेल भेज दिया गया है। 1837 में ब्रिटिश राज के गजट में दर्ज कोल्हान गवर्नमेंट इस्टेट के लिए विशेष कानून विल्किंसन रूल्स बनाया गया था जो आज भी प्रभावी है।

आदिवासी कोल्हान को मानते हैं अलग देश

- अंग्रजों के भारत छोड़ने के 70 साल बाद भी कोल्हान गवर्नमेंट इस्टेट नामकरण के आधार पर आदिवासियों का एक समूह कोल्हान को अलग देश मानता हैं। अविभाजित बिहार में सरकारी अफसर रह चुके 80 वर्षीय रामो बिरूवा ने कोल्हान राज का स्वतंत्र झंडा बना लिया।

- 1995 में बिरूवा ने इस मसले पर इंग्लैंड की महारानी और भारत के राष्ट्रपति से पत्राचार किया था। 3 साल बाद जवाब आया, जिसमें बिरूवा को कोल्हान गवर्नमेंट इस्टेट का खेवट नंबर एक कहा गया।

- खेवट का मतलब मालिक। इसी आधार पर बिरूवा खुद को कोल्हान गवर्नमेंट इस्टेट का मालिक यानी राजा मानता है और 18 दिसंबर को उसने कोल्हान को अलग देश घोषित कर झंडा फहराने की घोषणा की थी। कोल्हान के अंतर्गत यह वर्ग पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला जिले को शामिल करता है।


केसी हेंब्रम 80 के दशक में यही मांग संयुक्त राष्ट्र ले गए थे

- कोल्हान को अलग देश का दर्जा देने की मांग संयुक्त राष्ट्र संघ तक जा चुका है। इसलिए आज सरकार के कान खड़े हो गए। 2016 में दिवंगत केसी हेंब्रम ने विल्किंसन रूल्स को आधार बताते हुए कोल्हान रक्षा संघ बनाकर इसे स्वतंत्र देश का दर्जा दिलाने का आंदोलन किया था।

- तर्क था कि विल्किंसन रूल्स में कोल्हान गवर्नमेंट इस्टेट का गठन हुआ है, स्वतंत्र सत्ता चलाने की व्यवस्था है, आजादी के बाद रियासतों का विलय हुअा था, मगर कोल्हान का विलय नहीं हुआ। केसी हेंब्रम पर भी देशद्रोह का केस हुआ था।

- झारखंड बनने के बाद उनके मुकदमे को वापस ले लिया गया। अभी प. सिंहभूम प्रशासन रामो बिरूवा की तलाश में है और उसने सारंडा जंगल में शरण ले रखी है।

मामले को इंग्लैंड की महरानी से नहीं जोड़ सकते

झारखंड के पूर्व गृह सचिव और भाजपा नेता जेबी तुबिद कहना है कि विल्किंसन रूल्स में मानकी मुंडा की पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था के तहत शासन प्रणाली के संचालन की बात कही गई है। मानकी मुंडा की व्यवस्था को इंग्लैंड की महारानी से नहीं जोड़ सकते।

झंडा फहराना चाहते थे लोग

चाईबासा सदर की सर्किल ऑफिसर आर.रोनिता कहना हैं कि रामो कुछ लोग कोल्हान को स्वतंत्र देश कह रहे हैं, झंडा फहराना चाहते हैं। इस पर रोक लगा दी गई है। जो ऐसा करेगा या कहेगा, उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

In Bihar, the retired officer made his own separate country
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