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BJP स्टेट प्रेसिंडेंट- पत्थलगड़ी के पीछे चर्च का दिमाग और पैसा, बिशप ने दिया दो टूक जवाब

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह गिलुवा ने कहा कि चर्च के लोग अंग्रेजों के ही तो नुमाइंदे हैं।

Dainik Bhaskar

Mar 05, 2018, 02:12 AM IST
लक्ष्मण गिलुवा रविवार को भास्कर से बातचीत कर रहे थे। लक्ष्मण गिलुवा रविवार को भास्कर से बातचीत कर रहे थे।

रांची(झारखंड). बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा ने कहा कि पत्थलगड़ी के वर्तमान स्वरूप के पीछे चर्च का दिमाग और धन है। पहले हम पुरखों की याद में पत्थलगड़ी करते थे। अब इसी बहाने चर्च ने राष्ट्रविरोधी गतिविधियां बढ़ा दी हैं। उसने इसके लिए हजारों करोड़ रुपए की योजना बनाई है। आदिवासी सीधे-सादे और गरीब हैं। शिक्षा से थोड़ी दूर हैं। इसी वजह से चर्च नाजायज लाभ उठाता है। लक्ष्मण गिलुवा रविवार को भास्कर से बातचीत कर रहे थे। उधर, रांची के ऑक्जिलियरी बिशप तेलेस्फोर बिलुंग से जब इस संबंध में बात की तो उन्होंने कहा कि आरोप लगाना तो बीजेपी का पुराना काम रहा है।

चर्च के लोगों को बताया अंग्रेजों का नुमाइंदा
गिलुवा ने कहा, लगता है कि चर्च की कोई दूरगामी योजना है। वे अपनी संख्या तो बढ़ा ही रहे हैं, हमारे समाज, राज्य और देश के विरोध में प्रचार कर विषाक्त माहौल भी बना रहे हैं। देश को आजादी दिलाने में आदिवासियों ने काफी खून बहाया है। अंग्रेजों के खिलाफ बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू, नीलांबर-पीतांबर आदि का संघर्ष ऐतिहासिक है। अब देखिए, उन अंग्रेजों को तो हमने भगा दिया। देश को आजाद करा दिया, पर आज भी कहीं न कहीं वे अंग्रेज हमारे यहां हैं। चर्च के लोग उन अंग्रेजों के ही तो नुमाइंदे हैं, जो हमारे बीच विवाद के बीज बो रहे हैं। धर्मांतरण बिल लाकर सरकार ने सरना आदिवासियों के पक्ष में कदम उठाया है। इसी वजह से वे सरकार के खिलाफ काम कर रहे हैं।

खूंटी की पत्थलगड़ी सरना समाज से अलग
गिलुवा ने कहा कि खूंटी और बंदगांव क्षेत्र में जो पत्थलगड़ी हो रही है, वह सरना समाज की पत्थलगड़ी से अलग है। पत्थलगड़ी करने वाले नहीं चाहते कि उनके गांव में बाहरी व्यक्ति आए। इसका सबसे बड़ा कारण है अफीम की खेती।

अब खूंटी के सोनपुर गांव में पत्थलगड़ी

खूंटी के अड़की डिविजन के सोनपुर गांव में रविवार को पत्थलगड़ी की गई। पहले पाहन ने पूजा-अर्चना की। फिर समाजसेवी डॉ. जोसेफ पूर्ति ने फीता काटकर पत्थलगड़ी का उद्घाटन किया।

क्या है पत्थलगड़ी?

पत्थलगड़ी आदिवासी समाज की परंपरा है, जिसके जरिए से गांव का सीमांकन किया जाता है, लेकिन अब इसी की आड़ में गांव के बाहर अवैध ढंग से पत्थलगड़ी की जा रही है। पत्थर पर ग्राम सभा का अधिकार दिलाने वाले भारतीय संविधान के अनुच्छेदों (आर्टिकल) की गलत व्याख्या करते हुए ग्रामीणों को आंदोलन के लिए उकसाया जा रहा है।

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अब खूंटी के सोनपुर गांव में पत्थलगड़ी। अब खूंटी के सोनपुर गांव में पत्थलगड़ी।
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लक्ष्मण गिलुवा रविवार को भास्कर से बातचीत कर रहे थे।लक्ष्मण गिलुवा रविवार को भास्कर से बातचीत कर रहे थे।
अब खूंटी के सोनपुर गांव में पत्थलगड़ी।अब खूंटी के सोनपुर गांव में पत्थलगड़ी।
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