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कैबिनेट का फैसला: कब्जे की जमीन छुड़ाकर घर-खेती के लिए भूमिहीनों को देगी सरकार

खेती के लिए 5 एकड़, और घर के लिए 12.5 डिसमिल मिलेगी जमीन।

Dainik Bhaskar

Dec 20, 2017, 07:56 AM IST
सिम्बॉलिक इमेज। सिम्बॉलिक इमेज।

रांची. राज्य सरकार भूमिहीनों और सुयोग्य श्रेणी के लोगों को ग्रामीण इलाकों में पांच एकड़ कृषि भूमि और घर बनाने के लिए 12.5 डिसमिल जमीन देगी। उस अनियमित जमाबंदी को भी नियमित की जाएगी, जिस गैरमजरुआ खास जमीन पर उनका कब्जा है। बंदोबस्त की जानेवाली जमीन को संबंधित व्यक्ति बेच नहीं सकेगा। हालांकि वह जमीन उसके उत्तराधिकारी के नाम हस्तांतरित होगी। सरकार ने भूमिहीन और सुयोग्य श्रेणी के दायरे को भी बढ़ा दिया है। दो एकड़ जमीन वाले भूमिहीन की श्रेणी में होंगे। अब तक यह एक एकड़ था। इसी तरह, पहले सैनिक और अर्द्धसैनिक बल के जवानों के नाम ही जमीन बंदोबस्ती का प्रावधान था। अब पुलिस के जवान भी इसके दायरे में आएंगे।

ऐसे समझें : सरकार कैसे देगी जमीन

मान लीजिए, अापने 10 एकड़ जमीन पर कब्जा कर रखा है। उसकी गलत तरीके से अनियमित जमाबंदी करा रखी है। अब सरकार आपके पांच एकड़ जमीन की जमाबंदी नियमित कर देगी। शेष पांच एकड़ जमीन सरकार की हो जाएगी। अब उस जमीन का किस तरह से हस्तांतरण या बिक्री होगी, अभी इस पर फैसला नहीं हुआ है। सरकार के इस फैसले से करीब एक लाख परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इनके बीच अवैध हस्तांतरण या कब्जे वाली 6.49 लाख एकड़ जमीन में से लगभग दाे लाख एकड़ जमीन वितरित हो जाएगी। कई ऐसे मामले भी हैं, जिनमें लोगों के पास पहले से अपनी जमीन है और उन्होंने सरकारी जमीन भी कब्जा कर रखा है। उसपर घर बना रखा है। ऐसे में उन्हें सिर्फ घर वाली जमीन ही बंदोबस्त होगी। राज्य में ऐसे कई मामले हैं।

भूमिहीन और सुयोग्य श्रेणी में कौन

अब तक एक एकड़ जमीन वाले भूमिहीन की श्रेणी में थे। अब दो एकड़ तक जमीन वाले सामान्य वर्ग के लोगों को भूमिहीन माना गया है। बास सहित 50 डिसमिल तक जमीन वाले सैनिक, अर्द्धसैनिक बल व राज्य पुलिस के जवान भूमिहीन माने जाएंगे। सुयोग्य श्रेणी में पहले अजा-जजा, पिछड़ा वर्ग एक व दो, पूर्वी पाकिस्तान व वर्मा से फरवरी 1964 या इसके बाद भारत आने वाले, सैनिक या युद्ध में वीरगति प्राप्त सैनिक इसमें आते थे। अब सामान्य श्रेणी के भूमिहीनों, ड्यूटी के दौरान शहीद सैनिकों के उत्तराधिकारियों, दिव्यांगों और उग्रवादी मुठभेड़ में शहीद पुलिसकर्मियों के आश्रितों को भी शामिल किया गया है।

कैसे, कहां और कितनी जमीन होगी बंदोबस्त

- भूमिहीन और सुयोग्य परिवारों को केवल ग्रामीण इलाके में सरकारी जमीन पर 1985 से पूर्व कब्जा या गलत जमाबंदी करानेवाले परिवारों को ही जमीन की बंदोबस्ती होगी।
- ग्रामीण इलाके में पांच एकड़ कृषि भूमि व घर बनाने के लिए 12.5 डिसमिल जमीन की बंदोबस्ती की जाएगी।

इस तरह की जमीन की नहीं हो पाएगी बंदोबस्ती

- गैरमजरुआ आम जमीन, मसलन-गोचर, वन भूमि, श्मशान, हड़गड़ी, कब्रिस्तान, सरना स्थल, मसना स्थल, नदी, नाला, पहाड़, आम रास्ता आदि।
- सरकारी कार्यालयों, थाना, अस्पताल के आसपास के 150 मीटर दायरे की जमीन, राजपथ व इसके दोनों किनारे 150-150 मीटर के दायरे में।

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