Hindi News »Jharkhand »Ranchi »News» Chief Secretary Again Under Allegations

मंत्री सरयू राय ने सीएम को लिखे 3 पत्र, तीनों के कठघरे में चीफ सेक्रेटरी राजबाला

बिना आधार राशन बंद करने और सारंडा में फर्जी सर्वे से सड़क के लिए सीएस राजबाला जिम्मेदार

Bhaskar News | Last Modified - Feb 13, 2018, 09:05 AM IST

मंत्री सरयू राय ने सीएम को लिखे 3 पत्र, तीनों के कठघरे में चीफ सेक्रेटरी राजबाला

रांची. खाद्य मंत्री सरयू राय ने मुख्यमंत्री को तीन पत्र लिखे हैं। तीनों के कठघरे में मुख्य सचिव राजबाला वर्मा हैं। पत्र में उन्होंने बिना आधार वाले 11:30 लाख परिवारों का राशन बंद कराने के लिए राजबाला वर्मा को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने लिखा है कि 11.30 करोड़ राशन कार्ड रद्द करवाने और सरकार के 1000 दिन की उपलब्धि में इसे गिनाने के लिए मुख्य सचिव और तत्कालीन खाद्य सचिव विनय चौबे को तय समय-सीमा के भीतर शो-कॉज कर जवाब मांगें। उनके खिलाफ विधि सम्मत कारवाई करें।

उन्होंने लिखा है कि केंद्र सरकार ने फर्जी ढंग से नकली और गलत राशन कार्ड पर अनाज लेने वालों का सूची से नाम हटाने के बारे में जानकारी मांगी थी। लेकिन राज्य सरकार ने वैसे लोगों को भी इस सूची में शामिल कर अपनी उपलब्धि बता दी, जिनका राशन कार्ड आधार न होने की वजह से रद्द कर दिया गया था। मेरी जानकारी के बिना ही राज्य सरकार ने एक हजार दिन पूरा होने के अवसर पर घोषणा कर दी कि राज्य में कुल 11.30 लाख राशन कार्ड रद्द कर दिए गए हैं। इससे काफी धन की बचत हुई है। सरयू राय ने कहा कि मैंने मुख्य सचिव द्वारा बिना आधार वाले राशन कार्ड को रद्द करने के आदेश को कैंसिल कर दिया था। लेकिन मुख्य सचिव और तत्कालीन खाद्य सचिव ने बाद में भी यह स्पष्ट नहीं किया कि उनके द्वारा दिए गए आदेश का कारण क्या था।

एक-दो बसें चलती थीं, राजबाला वर्मा ने रिपोर्ट में कहा-यातायात का भारी दबाव

एक अन्य पत्र में सरयू राय ने सारंडा आरक्षित वन प्रमंडल में गुवा-सलाई रोड निर्माण में नियमों के विपरीत काम करने का आरोप लगाया है। लिखा है कि इस रोड पर मुश्किल से एक-दो बसें, आधा दर्जन चार पहिया वाहन और करीब दो दर्जन दो पहिया वाहन दिन भर में चलते हैं । लेकिन पथ निर्माण सचिव रहते राजबाला वर्मा ने 2015 में विभाग से एक फर्जी सर्वे रिपोर्ट बनाकर यह कहा कि इस सड़क पर यातायात का भारी दबाव है। इसलिए इसे चौड़ा करना जरूरी है।

शर्तों के अनुसार साढ़े तीन मीटर चौड़ी इस सड़क को सात मीटर किया जाना था । लेकिन इस सड़क को 25 मीटर चौड़ा करने का प्रस्ताव भेज दिया। काम शुरू हो गया। मामला एनजीटी में गया और सड़क निर्माण पर रोक लगा दी गई। काम कर रही ठेका कंपनी ने भी हस्तक्षेप याचिका दायर कर दी। एनजीटी ने सुनवाई के दौरान फरवरी 2017 में आदेश दिया था कि तत्कालीन पथ निर्माण सचिव एवं वर्तमान मुख्य सचिव एक ही व्यक्ति हैं। इनके इरादे ईमानदार नहीं हैं।

मुख्य सचिव बनते ही राजबाला वर्मा ने इस मामले में पथ निर्माण विभाग को प्रति शपथ दायर करने का आदेश दे दिया, जबकि वन विभाग को यह करना था। एनजीटी के निर्देश पर जब वन विभाग ने अलग से शपथ पत्र दायर किया तो दोनों में काफी विरोधाभास था। एनजीटी ने मुख्य सचिव को दोषी अफसरों पर कार्रवाई करने को कहा, लेकिन कुछ नहीं हुआ

स्पेशल ब्रांच नहीं कर सकता मुख्य सचिव के खिलाफ जांच

वहीं, खाद्य मंत्री सरयू राय ने इंडसइंड बैंक के तत्कालीन कॉरपोरेट हेड द्वारा मुख्य सचिव राजबाला वर्मा को लेकर किए गए ट्वीट मामले की जांच और उसमें सीएस को कथित तौर पर क्लीन चिट दिए जाने पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि स्पेशल ब्रांच को किसी प्रकार की जांच की शक्ति नहीं दी गई है। सरयू राय की ओर से उनके निजी सचिव कुमार मनीष ने सीएम के प्रधान सचिव को पत्र लिखा है। कहा है कि मुख्य सचिव पर लगे आरोपों पर विशेष शाखा की जांच रिपोर्ट मंत्री कोषांग को उपलब्ध कराई जाए। पत्र की कॉपी विशेष शाखा के एडीजी अनुराग गुप्ता को भी भेजी गई है। सोमवार को लिखे इस पत्र में कहा गया है कि स्पेशल ब्रांच मैन्युअल के मुताबिक विशेष शाखा को जांच करने का अधिकार नहीं है। इसका दायित्व केवल राज्य और राज्यहित की सुरक्षा के लिए सूचनाओं का संग्रह करना है। इसलिए संभव है इस मामले में विशेष शाखा ने ऐसी ही सूचना का संग्रह कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी होगी।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×