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मोमेंटम झारखंड : प्लेन का सफर हो या पेन की खरीद, सबकी जांच

राज्य सरकार ने मोमेंटम झारखंड के मुख्य समारोह के आयोजन का जिम्मा सीआईआई को दिया था। इसका बजट 7 करोड़ रु. का था।

Danik Bhaskar | Dec 23, 2017, 06:57 AM IST

रांची. मोमेंटम झारखंड में बड़े पैमाने पर फिजूलखर्ची हुई है। इसके सबूत सामने आने लगे हैं। प्लेन का सफर हो या पेन की खरीद सबके जांच के आदेश दिए गए हैं। राज्य सरकार ने मोमेंटम झारखंड के मुख्य समारोह के आयोजन को लेकर कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज (सीआईआई) के द्वारा दिए गए बिलों की जांच के लिए खान आयुक्त अबु बकर सिद्दीकी की अध्यक्षता में जांच कमेटी बना दी है।

कहा है कि कमेटी बिलों का भुगतान अनुमान्यता के आधार पर करने के लिए उद्योग सचिव की अध्यक्षता में बनी वर्किंग ग्रुप को एक स्पष्ट रिपोर्ट दें। मोमेंटम झारखंड में आयोजन से लेकर सामानों की खरीददारी और चार्टर प्लेन को हायर करने में अत्यधिक राशि खर्च करने की बात सामने आई है। मोमेंटम झारखंड के खर्च के लिए सिंगल विंडो सिस्टम को जिम्मा दिया गया था। इधर, सिंगल विंडो सिस्टम से भी पैसा खर्च हुआ है।

ऐसे बढ़ा सीआईआई का बजट : 7 करोड़ का बिल रिवाइज हुआ, 17 करोड़ का बिल भेजा सरकार को

राज्य सरकार ने मोमेंटम झारखंड के मुख्य समारोह के आयोजन का जिम्मा सीआईआई को दिया था। इसका बजट 7 करोड़ रु. का था। मोमेंटम झारखंड के आयोजन से पहले सीआईआई ने 16.26 करोड़ रुपए का रिवाइज बजट उद्योग विभाग को दिया था। कार्यक्रम खत्म होने के बाद 1.40 करोड़ रुपए के चार्टर प्लेन खर्च के बिल के साथ सीआईआई ने 17.26 करोड़ रुपए का बिल भी उद्योग विभाग को दिया। इसके बाद सिंगल विंडो सिस्टम से सीआईआई को 7.85 करोड़ और चार्टर प्लेन का 1.40 करोड़ भुगतान हो चुका है। आगे जब उद्योग विभाग ने इसकी पड़ताल शुरू की तो पता चला कि गाड़ी को हायर करने से लेकर अन्य खर्चों के बिल की राशि अधिक है।

इसके बाद राज्य सरकार ने उद्योग विभाग के ऑडिटर, कॉस्ट एकाउंटेंट एसएन केजरीवाल को बिलों की जांच का जिम्मा सौंपा। केजरीवाल ने प्रारंभिक स्तर पर बिलों के संबंध में कई सवाल उठाए। बाद में मोमेंटम झारखंड को लेकर बनी वर्किंग ग्रुप की बैठकों में भी सीआईआई की बिल को लेकर सवाल उठने लगे। मामला उलझता देख उद्योग विभाग ने खान आयुक्त अबू बकर सिद्दीकी की अध्यक्षता में बिलों की जांच के लिए उप समिति बना दी है। उद्योग निदेशक के रविकुमार ने उप समिति को बिलों की जांच कर एक रिपोर्ट देने को कहा है।

गिफ्ट पर 1.55 करोड़ खर्च : एक थैला, मोमेंटो और टाई की कीमत 2900 रु. बताई गई है। 15 रुपए के राइटिंग पैड के बिल में कीमत 63 रुपए बताया गया है। इसके अलावा बैग में पेन और अन्य सामग्री भी थी। गिफ्ट मद में 1.55 करोड़ खर्च दिखाए गए हैं।