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रिम्स के डॉक्टर्स को मनानी थी छुट्टी, इसलिए पेशेंट्स को न एडमिट किया न इलाज

22 दिसंबर को यहां आठ कैंसर मरीज भर्ती थे, जिनमें से एक मरीज को छुट्टी दे दी गई।

Danik Bhaskar | Dec 27, 2017, 04:24 AM IST
कैंसर की मरीज सरोज देवी मंगलवार को फिर रिम्स में भर्ती होने आई। इन्हे भी शनिवार को छुट्टी दे दी गई। कहा गया था कि दो दिन बाद आइए। मंगलवार को इनकी कीमोथेरेपी नहीं हुई। कैंसर की मरीज सरोज देवी मंगलवार को फिर रिम्स में भर्ती होने आई। इन्हे भी शनिवार को छुट्टी दे दी गई। कहा गया था कि दो दिन बाद आइए। मंगलवार को इनकी कीमोथेरेपी नहीं हुई।

रांची. 21 रिम्स के कैंसर विभाग में इलाज के लिए राज्य के कोने-कोने से मरीज आते हैं। इनमें अधिकतर गरीब होते हैं, जो निजी क्लिनिकों में इलाज नहीं करा पाते। रिम्स के कैंसर विभाग में औसतन सात-आठ मरीज भर्ती रहते हैं। 22 दिसंबर को यहां आठ कैंसर मरीज भर्ती थे, जिनमें से एक मरीज को छुट्टी दे दी गई।

23 दिसंबर को सात पुराने मरीजों के अलावा एक नया मरीज भर्ती हुआ। इसी दिन कैंसर विभाग के इकलौते विशेषज्ञ डॉ. अनूप कुमार सात दिनों की छुट्‌टी पर चले गए। अगले दिन रविवार और उसके बाद क्रिसमस की छुट्टी थी। चूंकि छुट्‌टी में कोई खलल न पड़े, इसे देखते हुए कैंसर विभाग में एडमिट सभी आठ मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया गया। कुछ मरीजों को सीधे मंगलवार को आने की सलाह दी गई। कहा गया कि अभी दो दिनों तक छुट्टी है, इसलिए डिस्चार्ज किया जा रहा है।


24-25 दिसंबर को एक भी मरीज नहीं हुआ भर्ती


इसे संयोग कहें या फिर अवकाश का असर कि 23 दिसंबर को सभी मरीजों को डिस्चार्ज किए जाने के बाद अगले दिन 24 और फिर 25 दिसंबर को कैंसर विभाग में कोई मरीज भर्ती ही नहीं हुआ। यानी इन दो दिनों तक डॉक्टरों और नर्सों की छुट्टी रही। डॉ. अनूप के अलावा यहां दो सीनियर रेजीडेंट डॉक्टर पदस्थापित हैं। 26 दिसंबर को अस्पताल खुलते दोपहर तीन बजे तक पांच मरीज एडमिट हो गए। इनमें एक सरोज देवी भी थीं, जिन्हें शनिवार को डिस्चार्ज कर दिया गया था।


दिन में तीन और शाम में पांच मरीजों को दे दी गई छुट्टी


कैंसर विभाग में भरती आठ में से तीन मरीजों को दिन में और बाकी के पांच मरीजों को शाम में छुट्टी दे दी गई। रात में सिस्टर इंचार्ज की ओर से बनाई गई रिपोर्ट के मुताबिक, यहां कोई भी मरीज एडमिट नहीं था।

कैंसर रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अनूप से सीधी बात

सवाल : शनिवार (23 दिसंबर) को आपकी यूनिट में आठ मरीज भर्ती थे। लेकिन, रात तक सभी मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया गया, क्यों?
जवाब :
हो सकता है मरीजों का कीमो चल रहा होगा। कोर्स खत्म होने के कारण भेजा गया होगा।
सवाल : फिर 26 दिसंबर को उन्हें क्यों बुलाया ?
जवाब :
जब मैं हूं ही नहीं, तो क्या जवाब दूं। कैंसर विभाग में मेरे अलावा कोई फैकल्टी नहीं है, तो क्या जवाब दूं।
सवाल : आपकी अनुपस्थिति में कोई तो होगा, जो कि मरीजों को देखेगा?
जवाब :
सीनियर रेजिडेंट हैं, लेकिन आपको पता है कि वे कितनी जिम्मेवारी लेते हैं। वे अपना टेन्योर पूरा करने में लगे रहते हैं।

संबंधित डॉक्टरों से पूछताछ करेंगे

रिम्स के सुपरीटेंडेंट डॉक्टर एसके चौधरी ने बताया कि मैं अवकाश से लौटा हूं। पूरे मामले की जानकारी मुझे नहीं है। कुछ मामला है तो संबंधित डॉक्टरों से बातचीत की जाएगी।

पानी-स्टाफ की कमी से आठ ऑपरेशन टले

रिम्स में मंगलवार को ऑपरेशन थियेटर में कामकाज बाधित रहा। क्योंकि, ओटी में पानी की सप्लाई नहीं हुई। वहीं, 10 ओटी स्टाफ में से एक ही ड्यूटी पर था। नतीजन कई ऑपरेशन टालने पड़े। अव्यवस्था से नाराज डॉक्टरों ने इसकी शिकायत अधीक्षक से की। इधर, ऑपरेशन टलने से मरीज के परिजन काफी मायूस दिखे। दोपहर एक बजे तक वे ओटी के बाहर ऑपरेशन के इंतजार में बैठे रहे। बाद में ऑपरेशन टलने की सूचना के बाद वे निकल गए। सर्जरी ओटी में एक दर्जन मेजर और माइनर ऑपरेशन होने थे। डॉ. विनोद कुमार और डॉ. आरएस शर्मा का ओटी था। इसके अलावा शिशु सर्जन डॉ. हीरेन बिरूआ का भी ओटी था। मंगलवार को दो-चार ऑपरेशन ही हुए। बाकी के ऑपरेशन टालने पड़े।

दोपहर बाद न्यूरो सर्जरी में हुआ ऑपरेशन


न्यूरो सर्जन ओटी में मंगलवार को दो मेजर ऑपरेशन दोपहर एक बजे से शुरू हुए। डॉक्टरों ने बताया कि सुबह 10 बजे से ही ऑपरेशन होना था। लेकिन पानी नहीं होने के कारण दोपहर एक बजे से ऑपरेशन शुरू हुआ, जो काफी देर तक चला। डॉ. बिनोद कुमार के ओटी में बीच ऑपरेशन के दौरान ही पानी खत्म हो गया। डॉक्टरों को हाथ धोने के लिए भी पानी नहीं था।

तकनीकी कारणों से हुई परेशानी : अधीक्षक


रिम्स अधीक्षक डॉ. डॉ. एसके चौधरी ने तकनीकी कारणों से पानी की समस्या हुई। मरीज के परिजन भी नल खुला छोड़ दे देते हैं। नलों की चोरी कर ली जाती है। कहीं लीकेज आदि की मरम्मत के लिए भी पानी बंद करना पड़ता है। इसे जल्द ठीक कर लिया जाएगा। ओटी में कर्मचारियों की उपस्थिति की जानकारी ली जा रही है। वहीं, सर्जन डॉ. आरएस शर्मा ने कहा कि ऑटो स्टाफ के नहीं आने और पानी की समस्या से कई ऑपरेशन टालने पड़े। मंगलवार को सिर्फ दो मेजर ऑपरेशन हुए।