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फसल में आग लगी तो किसान ने कुएं में कूदकर जान दी, पत्नी का नुकसान से इनकार

कुएं के पास कंबल और शॉल मिलने के बाद तलाशा तो शव बरामद हुआ।

Danik Bhaskar | Dec 08, 2017, 07:45 AM IST
मृतक के परिजन को मुआवजा राशि द मृतक के परिजन को मुआवजा राशि द

सिसई (गुमला). धान और मड़ुआ की तैयार फसल जलने से आहत मुरगु कमता नकटी टोली गांव के 50 वर्षीय किसान बुदू उरांव ने कुएं में कूदकर जान दे दी। उनका शव गुरुवार को घर से करीब एक किमी दूर दुर्गा उरांव के कुएं से मिला। मृतक की पत्नी बुधनी देवी ने बताया कि धान और मड़ुआ काटकर खेत के समीप खलिहान में रखा था। चार दिसंबर को परिवार के लोग आलू उखाड़ने गए थे। इसी दौरान खलिहान में आग लग गई। 20 गांज धान और 10 क्विंटल मड़ुआ जल गया। बुदू के बड़े भाई बहुरा उरांव का भी 15 गांज धान जल गया। इससे परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया। तभी से बुदू गुमसुम रहने लगे। पांच दिसंबर को वह दिनभर खलिहान के पास ही बैठा रहा। मुखिया हेमा देवी व सीओ सुमंत तिर्की को सूचना देकर मुआवजे की मांग भी की। बुधवार सुबह चार बजे ही वह घर से निकल गए। गुरुवार को कुएं के पास कंबल और शॉल मिले। कुएं में झग्गर डाला तो शव बरामद हुआ। बुधवार को बीडीओ-सीओ गांव गए थे। कहा था कि आवेदन देने पर मुआवजा मिलेगा।


किसान की मौत की सूचना मिलते ही विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव गांव पहुंचे। पीड़ित परिवार को ढांढ़स बंधाया। किसान की पत्नी को 10 हजार रुपए दिए। उन्होंने कहा कि किसान को सरकारी प्रक्रिया के तहत मुआवजा मिलेगा। हालांकि आगजनी आपदा में नहीं आता है। विधानसभा सत्र में प्रयास करूंगा कि इसे आपदा में शामिल किया जाए। डीसी श्रवण साय व एसपी अंशुमान कुमार भी मौके पर पहुंचे। डीसी के आदेश पर बीडीओ-सीओ ने 200 किलो अनाज मुहैया कराया।

पत्नी बोलीं-इस बार अच्छी फसल हुई थी

पत्नी बुधनी ने कहा- बुदू उरांव ने अपनी पांच एकड़ जमीन के अलावा गांव के सकमा साय, सोफिया साय व बुदुल उरांव के खेत को साझे में लेकर धान, मड़ुआ, बादाम और केतारी की खेती की थी। पिछले साल का धान बेचकर पूंजी लगाया था। खूब मेहनत की थी। इस साल धान और मड़ुआ की फसल अच्छी हुई थी। बुदू के एक बेटे केश्वर उरांव और तीन बेटियों विनीता उरांव, सुनीता उरांव व अनिता उरांव की शादी हो चुकी है। छोटे बेटे मंगरू उरांव की शादी की तैयारी कर रहे थे। उसके लिए रिश्ता ढूंढ़ रहे थे। इससे पहले ही यह घटना हो गई।