Hindi News »Jharkhand »Ranchi »News» Five Prisoners Sent From Ranchi Sent To Jail

सिम पर ही आने थे चोरी के आंसर, इसलिए पकड़ से दूर सरगना

रांची से गिरफ्तार पांचों परीक्षार्थी भेजे गए जेल, चार लाख में हुआ था सौदा।

Bhaskar News | Last Modified - Dec 19, 2017, 07:52 AM IST

  • सिम पर ही आने थे चोरी के आंसर, इसलिए पकड़ से दूर सरगना

    रांची।इंडियन रिजर्व बटालियन (आईआरबी) में सिपाही पद के लिए हुई लिखित परीक्षा में हाईटेक तरीके से नकल कर रहे गिरफ्तार पांचों परीक्षार्थियों को पुलिस ने सोमवार को जेल भेज दिया। जेल जाने से पहले परीक्षार्थियों ने पुलिस के सामने कई खुलासे किए। ईचाक के रहने वाले राकेश मेहता (23) ने बताया कि जिन लोगों ने उनके लिए परीक्षा में सेंटिंग की, वे उनके जान-पहचाने वाले थे। लेकिन उनके पहचानवाले लोगों को किसी और ने चोरी के डिवाइस दिए थे। वे सभी बिहार के हैं। उनके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। इस बार चोरी कराने वाले गिरोह के मास्टर माइंड ने ऐसी सतर्कता बरती की पुलिस के हाथ सिर्फ परीक्षार्थी लगे। एक भी गिरोह का सदस्य नहीं धराया।

    - पिछले रविवार 10 दिसंबर को भी रांची में आयोजित आईआरबी की परीक्षा में रांची में तीन परीक्षार्थियों के साथ पांच परीक्षा दिलाने वाले सेटर गिरफ्तार हुए थे। इसमें एक बीएसएनएल का जूनियर टेक्निकल ऑफिसर था। पकड़े गए सभी बिहार के थे।

    - पकड़े जाने के बाद रैकेट चलाने वाले गिरोह ने चोरी कराने के तरीके में इस बार बदलाव किया था। इसी वजह से सिर्फ परीक्षार्थी ही पकड़े गए। इस बार गिरोह के सदस्यों ने हर परीक्षार्थी से एक-एक सिम अलग से मंगवाया था। ताकि अगर वे पकड़े भी जाएं, तो पुलिस उन तक नहीं पहुंच सके।

    - पिछली बार की परीक्षा में गिरोह ने परीक्षार्थियों को खुद का सिम डिवाइस के साथ दिया था। गिरोह के सदस्यों का एक छोटा मोबाइल फोन और ब्लूटूथ युक्त माइक्रोफोन ही पुलिस के हाथ लगा।


    इचाक के ही परिचित ने डिवाइस दिए थे, चार लाख रुपए में हुआ था सौदा : राकेश
    इचाकनिवासी राकेश ने बताया कि उसके गांव का रहनेवाला अनु मेहता ने दोनों भाई के लिए इलेक्ट्रानिक्स डिवाइस की सेंटिंग की थी। अनु ने उन्हें बताया था कि परीक्षा दिलाने वाले लोग बिहार से आएंगे। एक कैंडिडेट का चार लाख रुपए लगेगा। पैसे पास होने के बाद देने होंगे। इससे पहले सभी ओरिजनल सर्टिफिकेट उसने मांगा था। अनु मेहता ने दोनों भाइयों को एक-एक सिम लाने को कहा। हजारीबाग में अनु दो लोगों के साथ आया। उसे दो गंजी, जिसमें मोबाइल बिना कैबिनेट फिट किया हुआ था दिया। दोनों के लिए एक-एक ब्लूटूथ युक्त माइक्रोफोन भी दिया। पर परीक्षा केंद्र में घुसने से पहले ही राकेश पकड़ा गया। राकेश से मिली जानकारी के बाद पुलिस ने उसके भाई विकास मेहता और एक अन्य परीक्षार्थी (इचाक का) सिकंदर को गिरफ्तार कर लिया।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×