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पढ़ने लड़की ने किया शादी से इनकार, उसे 1 लाख नकद और पढ़ाई का खर्च देगी सरकार

सीएम दास बाेले कि रितु ने पढ़ाई के लिए शादी से इनकार कर मिसाल कायम की है।

Danik Bhaskar | Jan 09, 2018, 06:18 AM IST
रितु कुमारी। रितु कुमारी।

रांची. शादी के दबाव से तंग आकर घर से भागी जरगा गांव की 7वीं की स्टूडेंट रितु कुमारी को सरकार 1 लाख नकद और पढ़ाई का खर्च देगी। ये घोषणा सीएम रघुवर दास ने की है। झारखंड मंत्रालय में जी झारखंड-बिहार द्वारा बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ तथा पहले पढ़ाई-फिर विदाई अभियान के लिए जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाने के बाद बोल रहे थे। उन्होंने रितु कुमारी से वाहन का फीता कटवाया।

पढ़ाई जारी रखने मांगी थी मदद

रितु शुक्रवार को भागकर गुमला के चाइल्ड वेलफेयर सोसाइटी (सीडब्ल्यूसी) कार्यालय पहुंची थी। वहां आवेदन देकर उसने कहा, पिता और सौतेली मां जबरन उसकी शादी कराना चाहते हैं, लेकिन वह पढ़-लिखकर टीचर बनना चाहती है। शादी के विरोध पर पिता उससे मारपीट करते हैं। छोटे भाई को भी तंग कर रहे हैं। रोज-रोज की ऐसी हालत से परेशान हूं, तंग आकर घर छोड़कर भाग आई हूं। कहा, वह माता-पिता के पास नहीं जाना चाहती। पढ़ाई जारी रखने में उसकी मदद की जाए।"

पिता-सौतेली मां बनाती है शादी का दबाव

मेरे पिता बंधन उरांव खेती और राजमिस्त्री का काम करते हैं। मां बासी देवी की 7 साल पहले बीमारी से मौत हो गई। इसके बाद पिता ने सीता देवी से शादी की। पिता शुरू से मुझे गाली देते रहे हैं। शादी के लिए मां भी दबाव डालती है। छोटा भाई 10 साल का है, पिताजी उसे भी मारते हैं। मेरी शादी के लिए गुमला के ही अरमई गांव में लड़का देखा है। दिसंबर में लड़का और उसका परिवार मुझे देखने आया था।

उसने बताया कि गुरुवार शाम पिता जी ने शराब पी और नशे में शादी करने की बात कहने लगे। पढ़ने की बात पर मुझे गालियां देने लगे। कहने लगे, शादी करनी ही होगी। इससे मैं काफी डर गई और शुक्रवार सुबह घर छोड़ कर भागी और ऑटो से गुमला पहुंची। अखबार में ऐसे मामलों में सीडब्ल्यूसी से सहयोग मिलने की जानकारी मुझे पहले से थी, इसलिए पता लगाती हुई मैं सीडब्ल्यूसी कार्यालय आ गई।

सीएम रघुवर दास ने कहा कि कन्या दान पुण्य का काम

सीएम रघुवर दास ने कहा कि कन्या दान पुण्य का काम है, लेकिन विद्यादान सबसे बड़ा पुण्य और जरूरी भी है। यही जागरूकता राज्य के कोने-कोने में फैलानी है। गरीबी को समाप्त करने के लिए शिक्षा ही सबसे सशक्त माध्यम है। बच्चियों को शिक्षित करने से दो परिवारों को इसका लाभ मिलता है। झारखंड की बच्चियां अपने पैरों पर खड़े होने में सक्षम है, जरूरत है उन्हें अवसर प्रदान करने की। गुमला की रितु कुमारी ने पढ़ाई के लिए शादी से इंकार कर एक मिसाल कायम की है। सरकार की ओर से उसकी पढ़ाई की व्यवस्था के साथ साथ एक लाख रुपए की सम्मान राशि दी जाएगी।

पढ़ने के लिए शादी से इनकार करनेवाली बच्ची के साथ मुख्यमंत्री । पढ़ने के लिए शादी से इनकार करनेवाली बच्ची के साथ मुख्यमंत्री ।