रांची

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चारा घोटाला: दुमका ट्रेजरी मामले में लालू-जगन्नाथ समेत 31 आरोपियों पर फैसला आज

सीबीआई की स्पेशल कोर्ट गुरुवार को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव समेत 31 आरोपियों पर फैसला सुनाएगी।

Dainik Bhaskar

Mar 15, 2018, 06:00 AM IST
जनवरी 1996 में करीब 950 करोड़ रुपए का चारा घोटाला पहली बार सामने आया था। -फाइल जनवरी 1996 में करीब 950 करोड़ रुपए का चारा घोटाला पहली बार सामने आया था। -फाइल

रांची. चारा घोटाला से जुड़े दुमका ट्रेजरी केस में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने फैसला शुक्रवार तक के लिए टाल दिया है। इसमें बिहार के दो पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और डॉ. जगन्नाथ मिश्र समेत 31 आरोपी हैं। कोर्ट ने 5 मार्च को सुनवाई पूरी कर ली थी। लालू पर चारा घोटाले के छह मामले दर्ज हैं। तीन में सजा सुनाई जा चुकी है। वे फिलहाल रांची की बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में बंद हैं।

लालू के वकील ने लगाई थी फैसला टालने की गुहार

- सीबीआई के स्पेशल जज शिवपाल सिंह की अदालत में लालू के वकील ने फैसला टालने की अपील की थी।

- लालू की ओर से आवेदन देकर तत्कालीन बिहार राज्य के महालेखाकार पीके मुखोपाध्याय, उप महालेखाकार बीएन झा और महालेखाकार कार्यालय के सीनियर महानिदेशक प्रमोद कुमार को मामले में आरोपी बनाने की मांग की गई है।

- आवेदन में कहा गया है कि 1991 से 95 की कैग रिपोर्ट तत्कालीन अकाउंटेंट जनरल द्वारा जमा की गई थी। इसमें अवैध निकासी की चर्चा तक नहीं की गई थी।

क्या है दुमका ट्रेजरी मामला?
- दुमका ट्रेजरी से दिसंबर 1995 से जनवरी 1996 के बीच गैरकानूनी तरीके से 3.76 करोड़ रुपए निकाले गए थे। इस मामले में सीबीआई ने 11 अप्रैल 1996 को 48 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। 11 मई 2000 को पहली चार्जशीट दायर की गई।

किन्हें सुनाई जाएगी सजा?
- दुमका ट्रेजरी मामले में लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. जगन्नाथ मिश्र, पूर्व सांसद डॉ. आरके राणा, जगदीश शर्मा समेत 31 आरोपी हैं।

1996 में सामने आया था घोटाला
- जनवरी 1996 में करीब 950 करोड़ रुपए का चारा घोटाला पहली बार सामने आया था।
- इसके तहत 1990 के दशक में चारा सप्लाई के नाम पर सरकारी ट्रेजरी से ऐसी कंपनियों को पैसे जारी किए गए जो थी ही नहीं।

लालू पर क्या आरोप?
- घोटाला हुआ तब लालू बिहार के मुख्यमंत्री थे। उनके पास वित्त मंत्रालय भी था। आरोप है कि उन्होंने पद का दुरुपयोग करते हुए मामले की जांच के लिए आई फाइल को 5 जुलाई 1994 से 1 फरवरी 1996 तक अटकाए रखा। 2 फरवरी 1996 को जांच का आदेश दिया।

लालू इन दो मामलों में काट रहे सजा
1) देवघर ट्रेजरी केस: 69 साल के लालू समेत 16 आरोपियों को 6 जनवरी 2017 को साढ़े तीन साल जेल की सजा सुनाई गई थी। लालू पर 10 लाख का जुर्माना भी लगाया गया था।
2) चाईबासा ट्रेजरी केस: 24 जनवरी 2018 को पांच साल की सजा सुनाई गई।

1997 में पहली बार जेल गए थे लालू
- 1997 में लालू को पहली बार ज्यूडिशियल कस्टडी में लिया गया था। वे 137 दिन जेल में रहे थे और राबड़ी देवी बिहार की सीएम बनी थीं। 12 दिसंबर 1997 को लालू रिहा हुए थे।
- दूसरी बार लालू 28 अक्टूबर 1998 को पटना के बेऊर जेल गए। बाद में उन्हें जमानत मिली। इसी मामले में लालू को 28 नवंबर 2000 में एक दिन के लिए जेल जाना पड़ा था।
- चारा के नाम पर चाईबासा ट्रेजरी से 37 करोड़ रुपए के गबन का दोषी पाए जाने के बाद लालू को 2013 में भी जेल जाना पड़ा था। तब वे दो महीने रांची जेल में रहे थे। 25 लाख रुपए का जुर्माना भी लगा था। उसी साल दिसंबर में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होती है लालू की पेशी
- चारा घोटाले के डोरंडा ट्रेजरी केस में भी सुनवाई चल रही है। इसके लिए लालू जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में हाजिरी देते हैं। चारा घोटाले का छठा केस भागलपुर ट्रेजरी से जुड़ा है। इस केस की सुनवाई पटना की सीबीआई स्पेशल कोर्ट में चल रही है।

लालू यादव चारा घोटाला के दो मामले में रांची के बिरसा मुंडा जेल में सजा काट रहे हैं। -फाइल लालू यादव चारा घोटाला के दो मामले में रांची के बिरसा मुंडा जेल में सजा काट रहे हैं। -फाइल
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जनवरी 1996 में करीब 950 करोड़ रुपए का चारा घोटाला पहली बार सामने आया था। -फाइलजनवरी 1996 में करीब 950 करोड़ रुपए का चारा घोटाला पहली बार सामने आया था। -फाइल
लालू यादव चारा घोटाला के दो मामले में रांची के बिरसा मुंडा जेल में सजा काट रहे हैं। -फाइललालू यादव चारा घोटाला के दो मामले में रांची के बिरसा मुंडा जेल में सजा काट रहे हैं। -फाइल
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