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चारा घोटाला : इंस्पेक्टर की गवाही, कहा- तत्कालीन ADG ने धमकाया था लालू का नाम हटा दो

तत्कालीन निगरानी एडीजी डीपी ओझा ने मुख्यमंत्री लालू प्रसाद का नाम लेते हुए धमकी दी थी कि बर्बाद कर देंगे।

Dainik Bhaskar

Mar 15, 2018, 01:35 AM IST
बिंदुभूषण द्विवेदी। (फाइल फोटो) बिंदुभूषण द्विवेदी। (फाइल फोटो)

रांची. बुधवार को चारा घोटाला मामले आरसी 47 की सुनवाई के दौरान सीबीआई के स्पेशल जज प्रदीप कुमार की अदालत में सीबीआई की ओर से पेश निगरानी के तत्कालीन इंस्पेक्टर बिंदु भूषण द्विवेदी अपनी गवाही से सनसनी मचा दी। उन्होंने कहा कि तत्कालीन निगरानी एडीजी डीपी ओझा ने मुख्यमंत्री लालू प्रसाद का नाम लेते हुए धमकी दी थी कि बर्बाद कर देंगे।

गवाही में द्विवेदी ने और क्या कहा..

द्विवेदी ने कहा, चारा घोटाला मामले में 27 मई 1992 को उन्होंने दूसरा जांच प्रतिवेदन एडीजी कार्यालय में समर्पित किया था। तब निगरानी ब्यूरो के एडीजी पद पर डीपी ओझा आ गए थे। जांच प्रतिवेदन में बिहार के दो मुख्यमंत्री लालू प्रसाद और भागवत झा आजाद का नाम शामिल था। प्रतिवेदन को देखने के बाद ओझा से पहले निगरानी के तत्कालीन एडीजी जी नारायण ने इंस्पेक्टर को दोनों मुख्यमंत्री का नाम हटा कर फिर से जांच प्रतिवेदन देने को कहा। इसके पीछे तर्क देते हुए एडीजी ने कहा था कि दोनों मुख्यमंत्रियों के नाम शामिल करोगे तो तुम्हारी नौकरी खतरे में पड़ जाएगी और जांच की कार्रवाई भी खटाई में पड़ जाएगी।

लालू के चलते ही परेशान किया जाता रहा : बिंदुभूषण

द्विवेदी ने कोर्ट से स्पष्ट कहा कि लालू प्रसाद के चलते ही तब उन्हें दंडित किया गया था। पहले रांची से पटना ट्रांसफर कर दिया गया और कोई काम भी नहीं दिया गया। फिर हर समय काफी परेशान भी किया गया। यह भी कहा कि निगरानी ब्यूरो रांची के तत्कालीन एसपी बी पी सिंह विकट ने भी सलाह दी थी कि इन सब में हाथ मत डालो, जिन लोगों ने भी इसमें रिपोर्ट करने का प्रयास किया है उसकी बर्बादी हो गई है। एसपी बिकट ने तब कहा था कि तत्कालीन बिहार के मुख्यमंत्री भागवत झा आजाद का जिक्र करते हुए जांच किया था तो उस समय उन्हें दिक्कत हो गई थी। इसके बाद इस पूरे मामले को लेकर उन्होंने एडीजी श्री जी नारायण से मिलकर प्रतिवेदन सौंपा था। लेकिन सारे जांच प्रतिवेदन को लेकर तत्कालीन एडीजी डीपी ओझा कुंडली मारकर बैठ गए।

एक आैर केस में लालू पर फैसला आज

चारा घोटाला के एक और मामले 38ए/96 में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद और जगन्नाथ मिश्रा समेत अन्य के खिलाफ सीबीआई की विशेष अदालत में गुरुवार को फैसला सुनाया जाएगा। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह ने इस मामले की सुनवाई पूरी कर ली है और अब इस मामले में फैसला सुनाने की तिथि 15 मार्च 2018 निर्धारित की है। चारा घोटाला का यह मामला दुमका कोषागार से 3.97 लाख रुपए की अवैध निकासी का है।

डीपी ओझा। (फाइल फोटो) डीपी ओझा। (फाइल फोटो)
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बिंदुभूषण द्विवेदी। (फाइल फोटो)बिंदुभूषण द्विवेदी। (फाइल फोटो)
डीपी ओझा। (फाइल फोटो)डीपी ओझा। (फाइल फोटो)
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