रांची

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देश में 12 ज्योतिर्लिंग, इसमें से देवघर को हटाने ऐसी रची गई पूरी साजिश

देवघर वैद्यनाथ से द्वादश ज्योतिर्लिंग की पदवी छीनने की साजिश पर भास्कर का सबसे बड़ा खुलासा।

Dainik Bhaskar

Feb 14, 2018, 08:16 AM IST
श्लोक के मूल रूप में प्रज्वलिक श्लोक के मूल रूप में प्रज्वलिक

रांची. देश में 12 ज्योतिर्लिंग हैं, लेकिन अब भगवान शिव की इस सूची से देवघर ज्योर्तिलिंग को हटाने की साजिश की गई है। इस पर नया विवाद छिड़ गया है। देवघर के ज्योतिर्लिंग की जगह महाराष्ट्र के बीड जिले के परली वैद्यनाथ मंदिर को शामिल किया गया है। मामले में सामने आया है कि पहले उज्जैन में लगे शिलापट्‌ट पर से देवघर के नाम मिटाए गए। उसके बाद द्वादश ज्योतिर्लिंग के कैलेंडर में देवघर की जगह परली को जोड़ा अौर फिर महाराष्ट्र ने दबाव डालकर परली में घोषित कराया ज्योतिर्लिंग।

यह विवाद शुरू हुआ शैव महोत्सव से

शैव महोत्सव 5 से 7 जनवरी को उज्जैन में मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग और श्रीमहाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने संयुक्त रूप से कराया था। जिसमें देशभर के बारहों ज्योतिर्लिंग से पंडित आए थे। देवघर वैद्यनाथ मंदिर के प्रतिनिधि भी उज्जैन गए थे, लेकिन जो आमंत्रण पत्र छपा था, उसमें देवघर ज्योतिर्लिंग के बदले परली के वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग को शामिल किया गया था। यह देखकर देवघर के पंडित बेहद आहत हुए। उन्होंने तत्काल आयोजन समिति के समक्ष विरोध किया। अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा देवघर के महामंत्री दुर्लभ मिश्र ने कहा कि यदि देवघर वैद्यनाथ मंदिर को ज्योतिर्लिंग मानते नहीं है तो उन्होंने हमें द्वादश ज्योतिर्लिंग समागम शैव महोत्सव में बुलाया ही क्यों?

लेकिन शोभायात्रा में महाराष्ट्र और बिहार दोनों का जिक्र

इसका मतलब यह है इन ज्योतिर्लिंगों में हुए बदलाव को लेकर उज्जैन में भी दो धड़े काम कर रहे हैं। महाराष्ट्र के लोगों ने दबाव डालकर परली का नाम ज्योतिर्लिंग की सूची में डलवाया है। वे सशंकित भी थे तभी देवघर व परली दोनों को न्यौता दिया। हमलोग वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग से संबंधित धार्मिक और ऐतिहासिक दस्तावेज मध्य प्रदेश शासन और श्रीमहाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति उज्जैन को भेजेंगे। उन्हें कहेंगे कि 12 ज्योतिर्लिंगों की सूची में देवघर ज्योतिर्लिंग को शामिल किया जाए। अगर ऐसा नहीं होगा तो हम सभी दस्तावेजों के साथ न्यायालय जाएंगे।

उज्जैन शैव महोत्सव आयोजन समिति के उपाध्यक्ष विभाष उपाध्याय ने कहा कि महोत्सव के कार्ड पर हमने जरूर देवघर बाबा वैद्यनाथ का उल्लेख नहीं किया, किंतु शोभायात्रा में महाराष्ट्र और बिहार दोनों का जिक्र किया था। हमारे लिए दोनों ही मंदिर पूजनीय है।

भास्कर टीम ने जुटाए सभी पक्षों के मत

जब भास्कर ने उनके सामने देवघर के ज्योतिर्लिंग होने से संबंधित तथ्य रखे तो उन्होंने कहा कि इस मामले में जो शंकराचार्य कहेंगे, वह मान्य होगा। इसके बाद भास्कर टीम पुरी में शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती और रायपुर में शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती से मिली। दोनों ने ही स्पष्ट रूप से कहा कि देवघर स्थित श्रीवैद्यनाथ मंदिर ही ज्योतिर्लिंग है।

ज्योतिर्लिंग पर शोध कर चुके और श्रीश्री वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग वांड्मय के लेखक मोहनानंद मिश्र का कहना है कि देवघर में स्थित वैद्यनाथ मंदिर ज्योतिर्लिंगों में शामिल है। शिवपुराण की कोटिरूद्र संहिता में ज्योतिर्लिंगों का वर्णन है। इसमें वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग को चिताभूमि में बताया गया है। इस ज्योतिर्लिंग का वर्णन अन्य पुराणों में भी है। लेकिन, परली के ज्योतिर्लिंग का उल्लेख किसी धर्मग्रंथ में नहीं है। सिर्फ बम्बई संस्करण के स्तोत्र संकलन और गीताप्रेस की स्तोत्र रत्नावली में परली है।

आगे की स्लाइड्स में पढ़ें, प्रमुख दस्तावेज जो देवघर को ज्योतिर्लिंग प्रमाणित करते हैं...

रिपोर्ट - पुरी से धर्मेंद्र झा/ रायपुर से देवेंद्र गोस्वामी/ देवघर से रजनीश कुमार/उज्जैन से ओम प्रकाश सोनोवणे/परली से प्रकाश चवन।

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