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रिश्तेदार से ही केस दर्ज करवाकर जेल गए थे लालू के सेवक, पुलिस-जेल सिस्टम बेनकाब

बड़ा सवाल कि क्या बिना पुलिस की मिलीभगत से ऐसा मुमकिन है?

Danik Bhaskar | Jan 10, 2018, 07:48 AM IST
24 घंटे लालू के साथ रहने वाले दो सेवकों में से वह एक लक्ष्मण पुराना रसोइया है। पटना से दिल्ली तक में लालू के लिए खाना पकाता रहा है। 24 घंटे लालू के साथ रहने वाले दो सेवकों में से वह एक लक्ष्मण पुराना रसोइया है। पटना से दिल्ली तक में लालू के लिए खाना पकाता रहा है।

रांची. चारा घोटाले में सजायाफ्ता राजद प्रमुख लालू प्रसाद की सेवा के लिए उनका रसोइया लक्ष्मण कुमार और सेवक मदन यादव मारपीट व छिनतई की घटना के महज छह घंटे के भीतर ही जेल पहुंच गए। वह भी अपने ही रिश्तेदार से फर्जी केस करवाकर। इससे पुलिस की फुर्ती ही सवालों के घेरे में आ गई। पुलिस अब सिर्फ केस करने वाले को ही दोषी मान रही है। ऐसे में बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि क्या बिना पुलिस की मिलीभगत से ऐसा संभव है। क्योंकि गंभीर अपराधाें में भी पुलिस पहले शिकायत दर्ज करती है। छानबीन करती है और फिर एफआईआर, लेकिन यहां ऐसा कुछ नहीं हुआ।

मदन और सुमित चाचा-भतीजा

मामले की जांच करने वाले सिटी डीएसपी राजकुमार मेहता भी मानते हैं कि साकेत नगर निवासी सुमित यादव ने लक्ष्मण और मदन के खिलाफ फर्जी केस किया था। उन्होंने कहा कि सुमित के खिलाफ पुख्ता सबूत मिले हैं। कांटाटोली में जिस जगह मारपीट की घटना का जिक्र है, पुलिस ने वहां सीसीटीवी फुटेज खंगाला है। शिकायतकर्ता को कई बार थाने बुलाया, लेकिन वह नहीं आया। सुमित के खिलाफ जांच कर रिपोर्ट कोर्ट को सौंपी जाएगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। सुमित की मां के मुताबिक मदन और सुमित चाचा-भतीजा है।

लालू यादव के जेल पहुंचने से दो घंटे पहले पहुंचे उनके खास

- मामला 23 दिसंबर 2017 का है। सीबीआई कोर्ट में सुनवाई के दौरान लालू को जेल भेजने का अंदेशा बना तो उनके चाहने वालों ने आनन-फानन में लक्ष्मण और मदन को जेल पहुंचाकर उनकी सेवा का रास्ता तैयार कर दिया।

उस दिन सुबह 11 बजे सुमित यादव ने लोअर बाजार थाने में लक्ष्मण और मदन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई।

- आरोप था कि सुबह 8:15 बजे कांटाटोली चौक के पास जब वे मदन से बकाया मांगने गए तो उसके साथ गाली-गलौज की गई। उसके साथ आए लक्ष्मण ने मारपीट की और जेब से 10 हजार रुपए निकाल लिए।

- एफआईआर दर्ज होने के बाद वकील प्रित्यांशु कुमार सिंह ने दोनों को ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट अवनिका गौतम की कोर्ट में सरेंडर कराया। और दोपहर 2:30 बजे दोनों को जेल भेज दिया गया। वह भी लालू यादव के जेल पहुंचने से दो घंटे पहले।

दूसरे कैदियों की तरह लालू से भी पूरा काम लिया जाएगा

उधर, जेल प्रशासन ने लालू प्रसाद को बागवानी का काम आवंटित कर दिया है। वह बुधवार से काम शुरू करेंगे। इसकी एवज में उन्हें रोज 91 रुपए मिलेंगे। जेलर सुमन ने बताया कि लालू प्रसाद को रोज सुबह-शाम बागवानी करनी है। अन्य कैदियों की तरह उनसे भी पूरा काम लिया जाएगा।

आज कोर्ट में पेश होंगे लालू, चाईबासा केस में सुनवाई पूरी, फैसला इसी महीने मुमकिन

- चारा घोटाले के तीन अन्य मामले में लालू प्रसाद बुधवार को कोर्ट में पेश होंगे। चाईबासा कोषागार से जुड़े केस आरसी 68ए-1996 में उन्हें सीबीआई के स्पेशल जज एसएस प्रसाद की कोर्ट में पेश किया जाएगा।

- इस मामले में सुनवाई लगभग पूरी हो चुकी है। सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक बीएमपी सिंह बुधवार को अपना पक्ष रखेंगे। इनकी बहस पूरी हो जाने के बाद कोर्ट फैसला सुनाने के लिए अगली तारीख तय करेगी।

- वहीं दुमका कोषागार से अवैध निकासी से जुड़े केस आरसी 38ए-1996 में सीबीआई के स्पेशल जज शिवपाल सिंह की अदालत में उनकी पेशी होगी। चारा घोटाले के सबसे बड़े मामले डोरंडा कोषागार से 139 करोड़ से अधिक की सरकारी राशि की अवैध निकासी से जुड़े केस आरसी47ए-1996 में स्पेशल जज प्रदीप कुमार की अदालत में उन्हें पेश किया जाएगा।

लालू के लिए रांची में लक्ष्मण का काम आरजेडी वर्कर मदन यादव (लाल घेरे में) देखता है। लंबे वक्त से हिनू में रहकर दूध का कारोबार करता है। पिछली बार भी लालू के होटवार में बंद रहने के दौरान उनकी सेवा के लिए जेल पहुंचा था। लालू के लिए रांची में लक्ष्मण का काम आरजेडी वर्कर मदन यादव (लाल घेरे में) देखता है। लंबे वक्त से हिनू में रहकर दूध का कारोबार करता है। पिछली बार भी लालू के होटवार में बंद रहने के दौरान उनकी सेवा के लिए जेल पहुंचा था।