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इस अफसर को उग्रवादियों ने किया किडनैप, वार्ड ब्वॉय ने बताई आंखों देखी बातें

वार्ड ब्वॉय अनिल कुमार के बयान पर रामगढ़ थाने में अपहरण की प्राथमिकी दर्ज की गई है।

Danik Bhaskar | Dec 23, 2017, 05:45 AM IST
बीपीएम सुधीर कुमार। बीपीएम सुधीर कुमार।

रंका/गढ़वा/पलामू. रंका कम्यूनिटी हेल्थ सेंटर में पोस्टेड सुधीर कुमार और एएनएम सनारती टोप्पो को गुरुवार रात 10.35 बजे हथियारबंद टीपीसी उग्रवादियों ने किडनैप कर लिया। गुरुवार देर रात करीब दो बजे सनारती को सलतूआ के बाइस कोठिला जंगल के पास छोड़ दिया। रात भर भटकते हुए सनारती शुक्रवार सुबह 8 बजे मुख्य सड़क पर पहुंच पाई। उग्रवादियों ने सनारती के हाथ पर बीपीएम का मोबाइल नंबर लिख दिया और 10 लाख रु. की फिरौती मांगी। कहा कि फिरौती के लिए इसी नंबर पर संपर्क करें। साथ ही धमकी दी कि फिरौती नहीं मिली तो बीपीएम को मार देंगे।

चश्मदीद के बयान पर पुलिस ने दर्ज की FIR

वार्ड ब्वॉय अनिल कुमार के बयान पर रामगढ़ थाने में अपहरण की प्राथमिकी दर्ज की गई है। रंका डीएसपी विजय कुमार, थाना प्रभारी प्रकाश रजक छापेमारी के अलावा रमकंडा, चैनपुर और रामपर पुलिस भी उग्रवादियों के खिलाफ अभियान चला रही है। रंका डीएसपी विजय कुमार ने बताया कि टीपीसी कमांडर महेंद्र सिंह खरवार के दस्ते ने इस घटना को अंजाम दिया है। उसमें छह लोग शामिल थे। उग्रवादियों ने घटनास्थल पर मौजूद ट्रक चालकों को कहा कि तुम लोगों को कोई खतरा नहीं है। हमलोग किसी विशेष व्यक्ति का इंतजार कर रहे हैं। इसके बाद जैसे ही बीपीएम सुधीर कुमार वहां पहुंचे तो उनका अपहरण कर लिया। सुधीर कुमार पलामू जिला के मोहम्मदगंज के रहने वाले हैं। उनके पिता अंबिका राम बोकारो में काम करते हैं। अपहृत बीपीएम सुधीर कुमार की कार पलामू जिला के नरसिंहपुर पथरा के मिडिल स्कूल के पास मिली है। ग्रामीणों ने बताया कि रात करीब एक बजे एक कार गांव में आकर रुकी। इसके बाद यहां से मोटरसाइकिल के गुजरने की आवाज आई। तब से यह कार यहीं लावारिस हालत में खड़ी थी। इसकी सूचना चैनपुर थाना को दी गई।

प्रत्यक्षदर्शी वार्ड ब्वॉय की आंखों देखी

पहले परिचय पूछा, फिर मुझे ट्रक के नीचे घुसा दिया और बीपीएम और एएनम को ले गए

वार्ड ब्वॉय अनिल कुमार ने बताया कि गुरुवार शाम करीब 6.30 बजे ड्यूटी खत्म करने के बाद बीपीएम सुधीर कुमार अपनी कार से एएनएम सनारती टोप्पो, कंप्यूटर ऑपरेटर अनिल ठाकुर और मेरे साथ सनारती की बुआ को छोड़ने पलामू के नवाडीह सरहुआ गांव गए थे। वहां खाना खाने के बाद रात करीब 11 बजे उसी रास्ते से रंका लौट रहे थे। तभी नवाडीह गांव के पास स्थित तेलमरवा घाटी में पहले से ही छह हथियारबंद लुटेरे लूटपाट करते दिखे। उन्होंने दो ट्रकों को खड़ा कर सड़क जाम कर दिया था। एक में कोयला लदा था, दूसरे में पेट्रोलियम पदार्थ था। जैसे ही हमारी कार वहां रुकी। हथियारबंद लोगों ने हमें घेर लिया। सबको नीचे उतारा।

सबसे पहले सबका मोबाइल स्विच ऑफ कराया। सबके मोबाइल को सनारती के बैग में डलवा दिया। इसके बाद गाड़ी से कुछ दूर ले जाकर पूछताछ शुरू की। हमलोगों ने बताया कि रंका हॉस्पिटल के स्टाप हैं। फिर बारी-बारी पद और नाम पूछा। फिर मुझे और कंप्यूटर ऑपरेटर अनिल ठाकुर को ट्रक के नीचे घुसा दिया। बोला, बाहर निकलोगे तो गोली मार देंगे। इसके बाद बीपीएम सुधीर कुमार और एएनएम सनारती को लेकर उसी कार से मेदिनीनगर की ओर चले गए। साथ ही जंगल में छिपा कर लगाई गई दो बाइक पर कोयला लदे ट्रक के चालक को भी बैठा कर ले गए। घटना के करीब एक घंटे बाद हमलोग किसी तरह रमकंडा थाना पहुंचे।

पथरा गांव में मिली बीपीएम की कार। पथरा गांव में मिली बीपीएम की कार।
प्रत्यक्षदर्शी वार्ड ब्वॉय अनिल कुमार। प्रत्यक्षदर्शी वार्ड ब्वॉय अनिल कुमार।