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15 सालों तक यहां पर था नक्सलियों का राज, इस स्कूल को बम से उड़ा दिया था

सारंडा के एक स्कूल के जरिए जानिए झारखंड की बदलती तस्वीर

Danik Bhaskar | Jan 01, 2018, 08:57 AM IST
ये वो स्कूल है, जिसे बच्चों को पढ़ने से रोकने के लिए नक्सलियों ने बम विस्फोट कर उड़ा दिया था। ये वो स्कूल है, जिसे बच्चों को पढ़ने से रोकने के लिए नक्सलियों ने बम विस्फोट कर उड़ा दिया था।

रांची(झारखंड). सारंडा जंगल पर करीब डेढ़ दशक तक नक्सलियों का कब्जा रहा। पुलिस भी यहां जाने से डरती थी। लेकिन, अब यह पर्यटन हब के रूप में विकसित हो रहा है। जहां नक्सलियों के निशान थे, वह टूरिस्ट स्पॉट बन गया है। थोलकोबाद का मिडिल स्कूल तो एक सिंबल है, जो बता रहा है कि सारंडा किस तरह करवट ले रहा है। ये वो स्कूल है, जिसे बच्चों को पढ़ने से रोकने के लिए नक्सलियों ने बम विस्फोट कर उड़ा दिया था। बच्चों को डराने के लिए दीवार पर एके-47 की तस्वीर बना दी थी। समय बदला। सरकार ने सख्ती की और अब यह नक्सलियों से मुक्त हो गया है। नया स्कूल भवन बन गया है। यह झारखंड के बदलाव की तस्वीर है। झारखंड बदल रहा है।

ऐसे बदल रहा सारंडा

- थोलकोबाद में 100 साल पुराने फिलिप्स गेस्ट हाउस को नक्सलियों ने उड़ा दिया था, वह फिर बनकर तैयार है। यह देशभर के प्रशिक्षु आईएफएस का ट्रेनिंग सेंटर है।

- दो साल से सितंबर से मार्च के बीच हर महीने करीब 1000 सैलानी सारंडा आते हैं।
- गांवों में खंभे लग रहे हैं। 2018 में बिजली से रौशन हो जाएंगे।

- सारंडा में अब तक 53 पुलिस जवान, दो वनकर्मी, 6 आम लोग और 6 नक्सली मारे गए हैं।

- 854.54 वर्गकिमी में 700 पहाड़ियों से घिरा है सारंडा जंगल।

- कुल 64 गांव है, पर एक्शन प्लान में 56 गांव ही जोड़े गए हैं।

- 64 गांवों की कुल आबादी 38,031 है

नक्सलियों ने बच्चों को डराने के लिए दीवार पर एके-47 की तस्वीर बना दी थी। नक्सलियों ने बच्चों को डराने के लिए दीवार पर एके-47 की तस्वीर बना दी थी।