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पत्थलगड़ी पर CS बोले- हम बातचीत को तैयार, JMM ने कहा- CM का बयान उकसाने वाला

पद संभालते ही मुख्य सचिव ने पत्थलगड़ी पर स्पष्ट किया रुख, झामुमो ने सीएम के बयान पर जताई आपत्ति।

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 01:12 AM IST

रांची/चक्रधरपुर. झारखंड के मुख्य सचिव का पद संभालते ही सुधीर त्रिपाठी ने कहा कि वह पत्थलगड़ी पर बातचीत के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि पत्थलगड़ी पर कुछ लोग सरकार से कुछ कहना चाहते हैं। वे कुछ संदेश दे रहे हैं। यह उनकी रूठी हुई खामोशी है, जो शोर कर रही है। ऐसा है तो हम उनसे संवाद करना चाहेंगे। ऐसा कोई मामला नहीं है, जिसे संवाद के जरिए सुलझाया नहीं जा सकता। हालांकि, पत्थलगड़ी के पीछे राष्ट्रविरोधी तत्वों के शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी कुछ कहना नहीं चाहते। इसके बारे में उनका अध्ययन सीमित है। उधर, झामुमो ने मुख्यमंत्री रघुवर दास द्वारा खूंटी में दिए गए भाषण को उकसाने वाला बताया है।

पत्थलगड़ी पर अब चलने लगे बयानों के तीर

मुख्यमंत्री बयान पर काबू रखें : झामुमो

झामुमो विधायक दीपक बिरुआ, शशिभूषण सामड और दशरथ गागराई ने बुधवार को चक्रधरपुर में मुख्यमंत्री के भाषण पर कड़ा ऐतराज जताया। कहा-किसी को भी राष्ट्र और संविधान विरोधी करार देना उचित नहीं है। सीएम को खुद के बयान पर काबू रखना चाहिए। बिरुआ ने कहा कि मुख्यमंत्री ही राष्ट्र, संविधान और आदिवासी विरोधी है। उन्हें आदिवासी परंपरा की जानकारी नहीं है। विधायक दशरथ गगराई ने कहा कि पत्थलगड़ी आदिवासियों की परंपरा है। मुख्यमंत्री आदिवासियों को कुचल देना चाहते हैं, जबकि इन्हीं के वोट से वे सीएम की कुर्सी तक पहुंचे हैं। रघुवर दास पूर्व सीएम मधु कोड़ा को आदिवासी नेता होने के कारण फंसाए जाने की बात कहते हैं। जबकि कोल्हान के लोगों ने ही मधु कोड़ा को विधायक बनाया। कोल्हान के आदिवासियों को मुख्यमंत्री के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। विधायक शशिभूषण सामड़ ने कहा कि सीएम अपने उपर संयम रखना सीखें।

गैरजिम्मेदाराना बयान दे रहे हेमंत : बीजेपी

बीजेपी के प्रदेश महामंत्री सह मुख्यालय प्रभारी दीपक प्रकाश ने कहा कि गैर पारंपरिक और असंवैधानिक पत्थलगड़ी का समर्थन करके नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन राष्ट्रविरोधी ताकतों का समर्थन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने अपने भाषण में कहीं भी आदिवासी को कुचलने की बात नहीं की बल्कि उन्होंने राष्ट्रविरोधी शक्तियों को कुचलने की बात कही है। हेमंत सोरेन गैर जिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं जो उनकी आदत में शुमार है। उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन को आज विकास की याद आ रही है परंतु जिन लोगों ने वर्षों सत्ता में रहकर आदिवासी समाज को उनके मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा, उस कांग्रेस पार्टी के साथ वे घूम रहे हैं। झामुमो ने राज्य हित के हर अवसर को दांव पर लगाया है। चाहे वह आंदोलन को बेचना हो या सत्ता में रहकर यहां के संसाधन को लूटना और लुटवाना हो।