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दोषी करार देने के बाद जज से बोले लालू- चाय पीनी है, फिर बोले सजा कम कर दीजिए

बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी बोले, लालू यादव आदतन अपराधी हैं। वह सुधरने वाले नहीं हैं।

Danik Bhaskar | Jan 25, 2018, 06:21 AM IST
सुरक्षाकर्मियों के साथ सीबीआई कोर्ट की कैंटीन में चाय पीते लालू प्रसाद यादव। सुरक्षाकर्मियों के साथ सीबीआई कोर्ट की कैंटीन में चाय पीते लालू प्रसाद यादव।

रांची. 950 करोड़ रुपए के बहुचर्चित चारा घोटाले के एक और केस में बिहार के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों लालू प्रसाद यादव और जगन्नाथ मिश्र को 5-5 साल जेल और 10-10 लाख रु. जुर्माने की सजा हुई है। दोषी ठहराए जाने के बाद लालू ने कोर्ट में टी ब्रेक लिया दोषी करार दिए जाने के बाद लालू ने विशेष सीबीआई जज एसएस प्रसाद से अनुरोध किया कि वह चाय पीना चाहते हैं। जज की अनुमति के बाद वह सुरक्षाकर्मियों के साथ सीबीआई कोर्ट की कैंटीन में गए। चाय पीकर लौटेतो कम से कम सजा की गुहार लगाई।

पूर्व सीएम जगन्नाथ मिश्रा को भी 5 साल की सजा

सीबीअाई अदालत ने बुधवार को पूर्व पशुपालन मंत्री विद्यासागर निषाद, पूर्व सांसद जगदीश शर्मा, पूर्व विधायक ध्रुव भगत, तीन पूर्व आईएएस अधिकारी फूलचंद्र सिंह, महेश प्रसाद, सजल चक्रवर्ती समेत कुल 50 लोगों को सजा सुनाई। सभी चाईबासा कोषागार से 33.67 करोड़ रुपए की अवैध निकासी मामले में दोषी ठहराए गए। मिश्रा को पहले मामले में जेल हुई थी, लेकिन दूसरे में बरी हो गए थे।

लालू पर चारा घोटाले के 5 मामले, 2 में सजा आना बाकी

- पहला: चाईबासा ट्रेजरी से 37.70 करोड़ अवैध निकासी का। 30 सितंबर, 2013 को 5 साल की सजा सुनाई गई। जमानत मिल गई, लेकिन चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हो गए।

- दूसरा: देवघर ट्रेजरी से 89.27 लाख रु. अवैध निकासी मामले में 6 जनवरी, 2018 को साढ़े तीन साल की सजा सुनाई गई। सजा को उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी है।

- तीसरा: चाईबासा ट्रेजरी से 33.67 करोड़ की अवैध निकासी में अलग-अलग धाराओं में 24 जनवरी, 2018 को 5-5 साल जेल की सजा सुनाई। दोनों सजाएं साथ चलेंगी।

- चौथा: दुमका ट्रेजरी से 3.39 करोड़ रुपए की अवैध निकासी केस की सुनवाई रांची की विशेष सीबीआई अदालत में हो रही है। 2 फरवरी से बहस शुरू होगी

- पांचवां: डोरंडा ट्रेजरी से 139.37 करोड़ रुपए गबन का आरोप। रोजाना आधार पर रांची की अदालत में सुनवाई हो रही है। अभी सीबीआई गवाह पेश कर रही है।

कुल 76 आरोपी थे, 14 की मौत हो गई, 6 बरी

चाईबासा ट्रेजरी से 1992- 93 में 67 फर्जी आवंटन- पत्रों से 33.67 करोड़ रुपए की अवैध निकासी हुई थी। कुल 76 आरोपियों में से 14 की मौत हो गई। दो ने जुर्म कबूल लिया, तीन सरकारी गवाह बन गए और एक फरार हो गया। 56 के खिलाफ ट्रायल चला। 6 बरी कर दिए गए। जिन 50 को सजा सुनाई गई, उनमें 6 नेता, 3 पूर्व आईएएस, दो सरकारी अधिकारी, 4 सप्लायर शामिल हैं।

तेजस्वी यादव बाेले- लालू को फंसाया गया

लालू के बेटे तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भाजपा के साथ मिलकर लालू को फंसाने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह हाईकोर्ट और जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट में भी जाएंगे। चारा घोटाले के कुल 55 मामलों में से 34 में फैसला हो चुका है।

लालू आदतन अपराधी, सुधरने वाले नहीं- सुशील मोदी

बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा, "लालू यादव आदतन अपराधी हैं। वह सुधरने वाले नहीं हैं। राजद की तरफ से आया बयान दुर्भाग्यपूर्ण है। क्या उनका यह कहना है कि जज भाजपा और नीतीश जी के साथ षड्यंत्र कर रहे हैं?"