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लालू ने जज के सजा सुनाते ही दोनों हाथ जोड़ किया प्रणाम, जमीन छूकर जताई खुशी

कोर्ट रूम लाइव: किसी ने बीमारी की बात बताई, तो कोई बोला- घर में कमानेवाला भी नहीं।

Danik Bhaskar | Jan 07, 2018, 01:15 AM IST
21 साल पुराने देवघर मामले में ला 21 साल पुराने देवघर मामले में ला

रांची. चारा घोटाला के देवघर ट्रेजरी से जुड़े केस में शनिवार को सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने सजा का एलान किया। जज शिवपाल सिंह ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में खड़े एक-एक कर सभी 16 आरोपियों का नाम पुकारा। सबने हाथ उठाकर मौजूदगी दर्ज कराई। लालू प्रसाद ने दोनों हाथ जोड़कर प्रणाम किया। जज ने बारी-बारी से आरोपियों का नाम लिया और सजा सुनाई। जिन्हें साढ़े तीन साल की सजा और पांच लाख का जुर्माना लगा, उन्होंने जेल से जमीन को छूकर खुशी जाहिर की। लालू और राणा ने भी जमीन छूकर और हाथ जोड़ कर जज का अभिवादन किया।

कोर्ट रूम लाइव : सजा 3 साल करने की लगाई गुहार, जज बोले- अब मैं कुछ नहीं कर सकता

जेल से कई अन्य आरोपियों ने भी हाथ जोड़कर जज से अनुरोध किया- हुजूर, सजा तीन साल कर दी जाए। जज ने कहा- सजा कम करने की बात हाईकोर्ट में जाकर कहिए। आप लोग को सजा काटने के लिए ओपन जेल में भेजा जाएगा, जहां गाय भी होगी, चारा भी होगा और आप लोगों को गाय की सेवा करने की भी प्रैक्टिस है। इसलिए आप लोगों को ऐसे ही इंतजाम वाले जेल में भेजा जाएगा।

जगह : सीबीआई ई-कोर्ट।

समय : दिन के दो बजे।

किसी ने बीमारी की बात बताई, तो कोई बोला- घर में कमानेवाला भी नहीं

स्पेशल जज शिवपाल सिंह कोर्ट में दाखिल होते हैं। वीडियो कांफ्रेंसिंग से चारा घोटाले मामले के शेष बचे छह अभियुक्तों त्रिपुरारी मोहन प्रसाद, सुशील कुमार, सुनील कुमार सिन्हा, ज्योति कुमार झा, संजय कुमार अग्रवाल और सुबीर भट्टाचार्य की सजा के बिंदु पर सुनवाई शुरू हुई।

एक-एक कर सभी छह आरोपियों के वकीलों ने कहा कि हमारे मुवक्किल 21 साल तक अदालत का चक्कर लगा चुके हैं, जो अपने आप में सजा के समान है। सभी आरोपियों के वकील ने मुवक्किल के किसी न किसी रोग से ग्रसित होने का हवाला देते हुए मेडिकल रिपोर्ट जज को सौंपा। यह भी कहा कि उनके घर में और कोई कमानेवाला नहीं है। खाने-पीने की दिक्कत हो जाएगी। रहम किया जाए। कम से कम सजा दी जाए।

इस पर सीबीआई के वकील राकेश प्रसाद ने कहा- "मामले की गंभीरता और कानून के मुताबिक सभी आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। इस पर जज शिवपाल सिंह ने कहा- "बीमार है, तो इलाज जेल में हो जाएगा।" इसके बाद सभी आरोपियों को सजा सुनने के लिए शाम चार बजे आने को कहा। कोर्ट की कार्यवाही खत्म हो गई।


जगह : ई कोर्ट रूम।

समय: 3.30 बजे हैं।

कोर्ट रूम वकीलों से भर गय, शाम 4.30 बजे सुनाई सजाई कोर्ट रूम आरोपियों के वकील, मीडियाकर्मी और सीबीआई की टीम से भर चुका था। सीबीआई के एसपी देवेंद्र सिंह और एएसपी एके झा समेत दो सरकारी वकील और अन्य सीबीआई अधिकारी भी पहुंच चुके थे। उस वक्त जस्टिस शंभू लाल साव हत्या के एक मामले की सुनवाई कर रहे थे। पांच गवाहों का बयान दर्ज किया जाना था। चार गवाहों के बयान दर्ज हो चुके थे। पांचवें गवाह का बयान जैसे ही शुरू हुआ, स्पेशल जज शिवपाल सिंह कोर्ट रूम में एंट्री कर गए। जस्टिस एसएल साव ने अगली तारीख पर बयान दर्ज करने की बात कह ई-कोर्ट रूम से बाहर निकल गए।