--Advertisement--

रिटायर्ड जवान ने 5 साल तक बच्ची को घर में कैद रखा, टीम ने किया रेस्क्यू

परिवार के लोग जब मोमो लेकर मोरहाबादी जाते, तब उसे घर में बाहर से बंद कर दिया करते थे, ताकि वह भाग न पाए।

Dainik Bhaskar

Dec 22, 2017, 08:57 AM IST
बच्ची को मुक्त कराने आई टीम। बच्ची को मुक्त कराने आई टीम।

रांची. डोरंडा नेपाल हाउस के पास बीएमपी कैंपस में रहने वाले जैप के सेवानिवृत जवान भवन सिंह थापा ने 12 साल की नाबालिग बच्ची को पांच वर्षों से कैद कर रखा था। बच्ची से पूरा परिवार प्रतिदिन आठ से नौ किलो आटे का मोमो तैयार करवाता था, जिसे वे मोरहाबादी में बेचते थे। गुरुवार को लेबर डिपार्टमेंट के अधिकारियों के साथ मिलकर दीया सेवा संस्थान की बांडेड लेबर रेस्क्यू टीम ने बच्ची को मुक्त कराया। उनके साथ मानवाधिकार संस्था की भी टीम थी।

- बच्ची से थापा परिवार काम कराने के साथ ही मारपीट भी करता था। बच्ची ने बताया कि जब उसकी मां उससे मिलने आती थी, तब थापा परिवार के लोग मिलने तक नहीं देते थे। प्रतिदिन 12.30 बजे थापा परिवार के लोग जब मोमो लेकर मोरहाबादी जाते, तब उसे घर में बाहर से बंद कर दिया करते थे, ताकि वह भाग न पाए। हालांकि भवन थापा ने स्वीकार किया कि वे बच्ची से काम तो कराते थे, लेकिन पूरे पैसे उसकी मां को दिया करते थे। बच्ची गलत बोल रही है।

खुद ठंड से बचने गर्म कपड़े पहन रखे थे, जबकि बच्ची कम कपड़ों में ठिठुर रही थी

- भवन थापा बीएमपी डोरंडा कैंपस के ब्लॉक नंबर 15 में रहते हैं। उनके घर में उनकी पत्नी रितु थापा सहित उनके बच्चे रहते है। जब रेस्क्यू टीम उनके घर पहुंची, तो बच्ची के तन पर काफी कम कपड़े थे। जबकि, इस ठंड में खुद थापा ने गर्म कपड़े पहन रखे थे।

- बच्ची ने बताया कि उसे पहनने के लिए ढंग के कपड़े भी नहीं दिए जाते थे। थापा के पड़ोसियों ने बताया कि बच्ची को बाहर निकलते उन लोगों ने कभी नहीं देखा। रेस्क्यू टीम में दीया सेवा संस्थान की सीता दीया, लेबर डिपार्टमेंट के अधिकारी दिनेश भगत, संदीप कुमार गुप्ता, बसंत नारायण महतो, लियो जेम्स तिग्गा, ललिता मुखर्जी, मनोज कुमार, गोपाल शंकर शामिल थे।

X
बच्ची को मुक्त कराने आई टीम।बच्ची को मुक्त कराने आई टीम।
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..