Hindi News »Jharkhand »Ranchi »News» Momentun Jharkhand Payment Issue

मोमेंटम झारखंड: CII को 10 करोड़ पेमेंट का मामला फंसा, विवाद समिति के पास

सीआईआई का बजट था 7 करोड़ का, रिवाइज के बाद 17.26 करोड़ का बिल।

Bhaskar News | Last Modified - Jan 09, 2018, 03:30 AM IST

मोमेंटम झारखंड: CII को 10 करोड़ पेमेंट का मामला फंसा, विवाद समिति के पास

रांची. मोमेंटम झारखंड के मुख्य समारोह के आयोजन कर्ता कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज (सीआईआई) का करीब 10 करोड़ के पेमेंट का मामला फंस गया है। ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट 16-17 फरवरी 2017 को हुए मोमेंटम झारखंड में किए गए खर्चों को सीआईआई ने 17 करोड़ 26 लाख रुपए का बिल उद्योग विभाग को दिया था। इसपर विवाद होने के बाद बिलों की जांच के लिए खान आयुक्त अबु बकर सिद्दीकी की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनी हुई है। कमेटी को इसके भुगतान को लेकर तुरंत रिपोर्ट देने को कहा गया था। लेकिन 20 दिनों के बाद भी कमेटी की एक भी बैठक नहीं हुई है। 30 दिसंबर को एक बैठक तय थी। लेकिन उद्योग निदेशक के रविकुमार और कमेटी के कई सदस्यों के नहीं रहने के कारण बैठक नहीं हो सकी।


अगली बैठक की तिथि नहीं हो सकी है। जांच कमेटी को बिलों का भुगतान अनुमान्यता के आधार पर करने के लिए उद्योग सचिव की अध्यक्षता में बनी वर्किंग ग्रुप को एक स्पष्ट रिपोर्ट देने को कहा गया था। मालूम हो कि मोमेंटम झारखंड के दौरान गिफ्ट के सामानों की खरीद में भी बड़े पैमाने पर अनियमितता करने की बात आई है । मोमेंटम झारखंड के खर्च के लिए सिंगल विंडो सिस्टम को जिम्मा दिया गया था। इधर सिंगल विंडो सिस्टम से भी पैसा खर्च हुआ है और उधर उद्योग निदेशालय से भी बड़े पैमाने पर खर्च करने की बात सामने आई है ।

जीआईएस को लेकर बने वर्किंग ग्रुप की बैठकों में भी सीआईआई के बिल पर उठे सवाल

राज्य सरकार ने ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के मुख्य समारोह के आयोजन का जिम्मा सीआईआई को दिया था। इसके लिए 7 करोड़ रुपए का बजट था। जीआईएस से आयोजन से पहले सीआईआई ने 16 करोड़ 26 लाख रुपए का रिवाइज बजट उद्योग विभाग को दिया था।

जीआईएस संपन्न होने के बाद 1 करोड़ 40 लाख रुपए के चार्टर प्लेन खर्च के बिल के साथ सीआईआई ने 17 करोड़ 26 लाख रुपए का बिल उद्योग विभाग को दिया है। इसके बाद सिंगल विंडो सिस्टम से सीआईआई को 7 करोड़ 85 लाख का भुगतान हो चुका है। बिल आने पर जब उद्योग विभाग ने इसकी पड़ताल शुरू की तो पता चला कि कई खर्चों के बिल की राशि अधिक है। इसके बाद राज्य सरकार ने उद्योग विभाग के ऑडिटर , कॉस्ट एकाउंटेंट एसएन केजरीवाल को बिलों की जांच का जिम्मा सौंपा था।

केजरीवाल ने प्रारंभिक स्तर पर बिलों के संबंध में कई सवाल उठा दिए । बाद में जीआईएस को लेकर बनी वर्किंग ग्रुप की बैठकों में भी सीआईआई की बिल को लेकर कई सवाल उठने लगे। मामला उलझता देख उद्योग विभाग ने खान आयुक्त अबू बकर सिद्दीकी की अध्यक्षता में बिलों की जांच के लिए विभाग के ऑडिटर एसएन केजरीवाल समेत चार सदस्यीय उप समिति बना दी।

प्रस्ताव में उद्योग निदेशक के रविकुमार का भी नाम था। बाद में उनके स्थान पर इस उप समिति में उद्योग उपनिदेशक राजेंद्र प्रसाद को रखा गया। लेकिन जांच समिति ने 30 दिसंबर को बैठक बुलाई थी तो उसमें उद्योग निदेशक को भी रहने को कहा गया था।

सीआईआई के विपत्रों की जांच के लिए बनी कमेटी ने अभी रिपोर्ट नहीं सौंपी है। सौंपे गए विपत्रों की जांच करनी है। शीघ्र ही कमेटी की बैठक होगी। उसके बाद रिपोर्ट तैयार कर सौंप दी जाएगी। -अबु बकर सिद्दिकी, माइंस कमिश्नर

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Ranchi News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: momeintm jhaarkhnd: CII ko 10 karoड़ pemeint ka maamlaa fnsaa, vivad smiti ke pass
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×