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हत्याकांड में मृतक के पत्नी-मामा बयान से पलटे, 61 केस वाला शूटर राजीव रंजन बरी

सुनवाई के दौरान कोर्ट में रत्नेश सिंह की पत्नी और मामा-मामीं सभी आरोपियों को पहचानने से इनकार किया।

Dainik Bhaskar

Dec 20, 2017, 08:15 AM IST
राजीव रंजन सिंह। राजीव रंजन सिंह।

रांची. धुर्वा थाना क्षेत्र के वार्ड 39 के तत्कालीन पार्षद रत्नेश सिंह हत्याकांड में सात आरोपी साक्ष्य के अभाव में रिहा कर दिए गए। यह फैसला न्याययुक्त राजीव आनंद की अदालत ने मंगलवार को सुनाया। रिहा होनेवालों में जमशेदपुर के कुख्यात अपराधी अखिलेश सिंह गिरोह का खूंखार शूटर राजीव रंजन सिंह समेत विश्वनाथ प्रताप सिंह उर्फ बीपी लाल उर्फ प्रिंस, प्रकाश कुमार, मनीष गुप्ता उर्फ डैनी, मिट्ठू सिंह उर्फ विनोद सिंह और राजू गोप शामिल हैं। राजीव रंजन सिंह पर रांची के विभिन्न थानों में 61 आपराधिक मामले दर्ज हैं।

- इस हत्याकांड में तीन साल सुनवाई चली। सुनवाई के दौरान कोर्ट में रत्नेश सिंह की पत्नी और मामा-मामीं सभी आरोपियों को पहचानने से इनकार किया। गवाही दी कि रत्नेश सिंह को किसने गोली मारी, उनलोगों ने नहीं देखा था।

- आरोपियों के खिलाफ 29 नवंबर 2014 को पार्षद के मामा डॉ. तेज नारायण सिंह ने एफआईआर दर्ज कराई थी। प्राथमिकी में उन्होंने कहा था कि 28 नवंबर 2014 की शाम 7:30 बजे रत्नेश को राजीव रंजन सिंह और विश्वनाथ ने देसी कट्टा से गोली मारी थी।

राजीव रंजन सिंह पर दर्ज मामले ज्यादातर हत्या के

- पार्षद हत्याकांड का आरोपी राजीव रंजन सिंह बोड़ेया में हुए भाजपा नेता दीपक तिवारी हत्याकांड का भी आरोपी है। उसके खिलाफ रांची के थानों में ज्यादातर हत्या के केस हैं। रंगदारी के भी कई मामले दर्ज हैं।

- कुछ साल पहले मेन रोड में एक व्यवसायी राजगढ़िया को गोली मारने के बाद उसका नाम सामने आया था। उसे अखिलेश सिंह का खास शूटर माना जाता है। लालपुर में जमीन खाली कराने को लेकर हुई गोलीबारी में भी वह जेल गया था।

रांची के बस स्टैंडों का ठेका लेने की जुगत में

जमशेदपुर के गैंगस्टर अखिलेश सिंह का गिरोह इन दिनों राजधानी रांची में अपना दबदबा बनाने में जुटा है। नए साल में कुछ बस स्टैंड का ठेका लेने का जिम्मा उसने अपने शूटर राजीव रंजन को सौंपा है। इस गिरोह में कांके रोड और चर्च रोड के ज्यादा दागी युवक हैं। वहीं जेल में बंद कुछ कुख्यात अपराधियों के साथ भी इस शूटर की पुरानी अदावत चल रही है। जमीन पर कब्जा दिलाने के नाम पर उसने एक बिल्डर से 18 लाख रुपए में सौदेबाजी की थी।

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राजीव रंजन सिंह।राजीव रंजन सिंह।
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