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शादी से नाराज पिता नहीं आए तो दुल्हन हुई बेहोश, यहां दिखे शादी के ऐसे भी रंग

कभी घूंघट की आड़ में दुल्हन शर्माती, तो कभी पिया से नजरें चार हुईं।

Dainik Bhaskar

Jan 22, 2018, 05:57 AM IST
बेहोश दुल्हन गजला को संभालता दूल्हा। बेहोश दुल्हन गजला को संभालता दूल्हा।

धनबाद. धनबाद के सबसे बड़े विवाह आयोजन में विवाह का हर रंग इस आंगन में दिखा। कभी समधी मिलन का आनंद मिला, तो कभी दुल्हन की सहेलियों की हंसी-ठिठोली सुनाई पड़ी। कभी घूंघट की आड़ में दुल्हन शर्माती, तो कभी पिया से नजरें चार हुईं। कभी कन्यादान ने रुलाया, तो कभी विदाई की बेला ने नयनों को भिगोया।

सबसे बड़े जयमाला स्टेज पर जब एक साथ 57 जोड़ों ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाया, तो शहर के करीब 10 हजार लोगों ने उन पर फूल बरसाए। गाजे-बाजे के साथ जब बारात निकली, तो पूरा शहर बाराती बन कर नाच उठा। बारात जब वापस स्टेडियम पहुंची, तो वही बाराती सराती बनकर दूल्हे के स्वागत में लग गए। 46 मंडपों में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 46 जोड़ों ने एक-दूसरे को अपना जीवन साथी बनाया। 5 मुस्लिम जोड़ों ने एक-दूसरे को कबूल किया। 6 ईसाई जोड़े भी एक-दूसरे के जीवन साथी बने।

शादी से नाराज पिता नहीं आए तो दुल्हन बेहोश

वर-वधू वरमाला स्टेज पर पहुंच गए हैं। वरमाला की तैयारी चल रही है। तभी दुल्हन गजला बेहोश हो गई। उसे उठाकर स्टेज से उतारा गया। गजला होश में आई तो आंखों में आंसू था। उसने बताया कि शादी से पिता नाराज हैं। वह नहीं आए हैं। बस इसी से वह दु:खी है।

दुल्हन के मन को न भाया दूल्हा- सामूहिक विवाह के दौरान उस वक्त लोगों की सांसें रुक गई, जब शादी के लिए पहुंची एक दुल्हन ने दूल्हा पसंद नहीं होने की बात कही। एक घंटे तक उसे समझाया गया। इसके बाद वधू जयमाला को तैयार हुई। घंटो इसे लेकर पारिवारिक ड्रामा चलता रहा। आयोजक भी इस स्थिति में असमंजस्य में नजर आए।

6 प्रेमी जोड़ों को मिली मंजिल- सामूहिक विवाह में 6 प्रेमी जोड़े ने शादी रचाई। सालों के उनके प्यार को विवाह की मंजिल मिल गई। इसकी खुशी उनके चेहरे पर बयां हो रही थी। झारिया के रहने वाली रजनी- रितेश, सिंदरी के शक्ति सोरेन- प्रतिभा कुमारी, लोदना की मनीषा और नवादा के दीप प्रकाश ने अपने प्यार को नया नाम दिया।

मेयर ने दी स्वच्छता चुनरी - कार्यक्रम में मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल और नगर आयुक्त राजीव रंजन पहुंचे। दोनों ने निगम की ओर से वर-वधू को स्वच्छता की चुनरी, गमछा और पौधा भेंट की। मेयर और नगर आयुक्त ने वर और वधू को भविष्य की शुभकामना दी। उनसे स्वच्छता की अपील भी की। वर-वधू उत्साहित दिखे।

सर्व धर्म समभाव का संदेश- धनबाद के गोल्फ ग्राउंड में आयोजित सामूहिक विवाह ने समाज व जिला को दहेज मुक्त, पर्यावरण संरक्षण के साथ सर्व धर्म समभाव का संदेश दिया। एक मंच पर पंडित, मौलवी, पादरी व गुरुद्वारा के प्रमुख जुटे। एक दूसरे के गले मिले। सभी ने कार्यक्रम की सफलता में अहम भूमिका निभाई।

10 हजार लोग बने शादी के गवाह

सर्व धर्म सामूहिक समिति द्वारा रणधीर वर्मा स्टेडियम में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में 57 बेटियां दुल्हन बनकर विदा हुईं। सुबह 8 बजे से ही लोग गोल्फ ग्राउंड स्थित विवाह आयोजन स्थल पर जुटने लगे। करीब 10 हजार लोगोें ने वहां पहुंचकर वर-वधू को आशीर्वाद दिया।

1-2 और 3...। तीन कहते ही वर-वधू एक-दूसरे के गले में वरमाला डाल देते हैं। दूल्हा का चेहरा खिलखिला उठता है। दुल्हन शर्म से सिर झुका लेती है। दुल्हन संजोती कहती है...इस परंपरा के बाद अब हम दोनों एक-दूसरे हो गए। 1-2 और 3...। तीन कहते ही वर-वधू एक-दूसरे के गले में वरमाला डाल देते हैं। दूल्हा का चेहरा खिलखिला उठता है। दुल्हन शर्म से सिर झुका लेती है। दुल्हन संजोती कहती है...इस परंपरा के बाद अब हम दोनों एक-दूसरे हो गए।
Photos of mass marriage ceremony
बहू के कदम घर में पड़ते ही बरसीं खुशियां; सास ने दुल्हन का माथा चूमा, दिया आशीर्वाद। बहू के कदम घर में पड़ते ही बरसीं खुशियां; सास ने दुल्हन का माथा चूमा, दिया आशीर्वाद।
शादी संपन्न हो चुकी हैं। विदाई की बेला आ गई है। दुल्हन रो रही है। मां-पिता रो रहे हैं। संभालने वाला रो रहा है। दुल्हन सीता कभी पिता को खोज रही है तो कभी मां से लिपट रही है। शादी संपन्न हो चुकी हैं। विदाई की बेला आ गई है। दुल्हन रो रही है। मां-पिता रो रहे हैं। संभालने वाला रो रहा है। दुल्हन सीता कभी पिता को खोज रही है तो कभी मां से लिपट रही है।
कभी घूंघट की आड़ में दुल्हन शर्माती, तो कभी पिया से नजरें चार हुईं। कभी घूंघट की आड़ में दुल्हन शर्माती, तो कभी पिया से नजरें चार हुईं।
Photos of mass marriage ceremony
Photos of mass marriage ceremony
सप्रदूषण मुक्त बारात निकली। ई-रिक्शे पर सवार होकर 57 दूल्हे एक साथ बारात की शक्ल में निकले। इस नजारे पर दुल्हन सुनीता बोली...मेरी बारात आदर्श बन गई। देखो सखी, पटाखों की शोर नहीं है, फिर भी छतों पर महिलाएं निकल आयी हैं। हर कोई नाच रह है... मेरे पिया भी। सप्रदूषण मुक्त बारात निकली। ई-रिक्शे पर सवार होकर 57 दूल्हे एक साथ बारात की शक्ल में निकले। इस नजारे पर दुल्हन सुनीता बोली...मेरी बारात आदर्श बन गई। देखो सखी, पटाखों की शोर नहीं है, फिर भी छतों पर महिलाएं निकल आयी हैं। हर कोई नाच रह है... मेरे पिया भी।
Photos of mass marriage ceremony
Photos of mass marriage ceremony
Photos of mass marriage ceremony
निगम की ओर से वर-वधू को स्वच्छता की चुनरी, गमछा और पौधा भेंट किया गया। निगम की ओर से वर-वधू को स्वच्छता की चुनरी, गमछा और पौधा भेंट किया गया।
सुबह 8 बजे से ही लोग गोल्फ ग्राउंड स्थित विवाह आयोजन स्थल पर जुटने लगे। करीब 10 हजार लोगोें ने वहां पहुंचकर वर-वधू को आशीर्वाद दिया। सुबह 8 बजे से ही लोग गोल्फ ग्राउंड स्थित विवाह आयोजन स्थल पर जुटने लगे। करीब 10 हजार लोगोें ने वहां पहुंचकर वर-वधू को आशीर्वाद दिया।
विवाह स्थल पर दुल्हन अपने परिवार के साथ पहुंच रही हैं। भव्य मंच और जुट रही भीड़ देख दुल्हन शोभा बोली...हे सखी (साथ आयी सहेली) मैंने सोचा भी नहीं था कि शादी का आयोजन ऐसा होगा। वह किसी को नहीं जानती, पर ऐसा लगता है कि हर कोई मेरा अपना है। विवाह स्थल पर दुल्हन अपने परिवार के साथ पहुंच रही हैं। भव्य मंच और जुट रही भीड़ देख दुल्हन शोभा बोली...हे सखी (साथ आयी सहेली) मैंने सोचा भी नहीं था कि शादी का आयोजन ऐसा होगा। वह किसी को नहीं जानती, पर ऐसा लगता है कि हर कोई मेरा अपना है।
गोल्फ ग्राउंड से दुल्हन बन विदा हुईं 57 दुल्हनें। गोल्फ ग्राउंड से दुल्हन बन विदा हुईं 57 दुल्हनें।
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बेहोश दुल्हन गजला को संभालता दूल्हा।बेहोश दुल्हन गजला को संभालता दूल्हा।
1-2 और 3...। तीन कहते ही वर-वधू एक-दूसरे के गले में वरमाला डाल देते हैं। दूल्हा का चेहरा खिलखिला उठता है। दुल्हन शर्म से सिर झुका लेती है। दुल्हन संजोती कहती है...इस परंपरा के बाद अब हम दोनों एक-दूसरे हो गए।1-2 और 3...। तीन कहते ही वर-वधू एक-दूसरे के गले में वरमाला डाल देते हैं। दूल्हा का चेहरा खिलखिला उठता है। दुल्हन शर्म से सिर झुका लेती है। दुल्हन संजोती कहती है...इस परंपरा के बाद अब हम दोनों एक-दूसरे हो गए।
Photos of mass marriage ceremony
बहू के कदम घर में पड़ते ही बरसीं खुशियां; सास ने दुल्हन का माथा चूमा, दिया आशीर्वाद।बहू के कदम घर में पड़ते ही बरसीं खुशियां; सास ने दुल्हन का माथा चूमा, दिया आशीर्वाद।
शादी संपन्न हो चुकी हैं। विदाई की बेला आ गई है। दुल्हन रो रही है। मां-पिता रो रहे हैं। संभालने वाला रो रहा है। दुल्हन सीता कभी पिता को खोज रही है तो कभी मां से लिपट रही है।शादी संपन्न हो चुकी हैं। विदाई की बेला आ गई है। दुल्हन रो रही है। मां-पिता रो रहे हैं। संभालने वाला रो रहा है। दुल्हन सीता कभी पिता को खोज रही है तो कभी मां से लिपट रही है।
कभी घूंघट की आड़ में दुल्हन शर्माती, तो कभी पिया से नजरें चार हुईं।कभी घूंघट की आड़ में दुल्हन शर्माती, तो कभी पिया से नजरें चार हुईं।
Photos of mass marriage ceremony
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सप्रदूषण मुक्त बारात निकली। ई-रिक्शे पर सवार होकर 57 दूल्हे एक साथ बारात की शक्ल में निकले। इस नजारे पर दुल्हन सुनीता बोली...मेरी बारात आदर्श बन गई। देखो सखी, पटाखों की शोर नहीं है, फिर भी छतों पर महिलाएं निकल आयी हैं। हर कोई नाच रह है... मेरे पिया भी।सप्रदूषण मुक्त बारात निकली। ई-रिक्शे पर सवार होकर 57 दूल्हे एक साथ बारात की शक्ल में निकले। इस नजारे पर दुल्हन सुनीता बोली...मेरी बारात आदर्श बन गई। देखो सखी, पटाखों की शोर नहीं है, फिर भी छतों पर महिलाएं निकल आयी हैं। हर कोई नाच रह है... मेरे पिया भी।
Photos of mass marriage ceremony
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निगम की ओर से वर-वधू को स्वच्छता की चुनरी, गमछा और पौधा भेंट किया गया।निगम की ओर से वर-वधू को स्वच्छता की चुनरी, गमछा और पौधा भेंट किया गया।
सुबह 8 बजे से ही लोग गोल्फ ग्राउंड स्थित विवाह आयोजन स्थल पर जुटने लगे। करीब 10 हजार लोगोें ने वहां पहुंचकर वर-वधू को आशीर्वाद दिया।सुबह 8 बजे से ही लोग गोल्फ ग्राउंड स्थित विवाह आयोजन स्थल पर जुटने लगे। करीब 10 हजार लोगोें ने वहां पहुंचकर वर-वधू को आशीर्वाद दिया।
विवाह स्थल पर दुल्हन अपने परिवार के साथ पहुंच रही हैं। भव्य मंच और जुट रही भीड़ देख दुल्हन शोभा बोली...हे सखी (साथ आयी सहेली) मैंने सोचा भी नहीं था कि शादी का आयोजन ऐसा होगा। वह किसी को नहीं जानती, पर ऐसा लगता है कि हर कोई मेरा अपना है।विवाह स्थल पर दुल्हन अपने परिवार के साथ पहुंच रही हैं। भव्य मंच और जुट रही भीड़ देख दुल्हन शोभा बोली...हे सखी (साथ आयी सहेली) मैंने सोचा भी नहीं था कि शादी का आयोजन ऐसा होगा। वह किसी को नहीं जानती, पर ऐसा लगता है कि हर कोई मेरा अपना है।
गोल्फ ग्राउंड से दुल्हन बन विदा हुईं 57 दुल्हनें।गोल्फ ग्राउंड से दुल्हन बन विदा हुईं 57 दुल्हनें।
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