--Advertisement--

PMO का झारखंड CMO को लेटर: चीफ सेक्रेटरी समेत 3 IAS पर करें कार्रवाई

राजबाला वर्मा, पूजा सिंघल और मानव संसाधन विभाग के प्रधान सचिव एपी सिंह पर उचित कार्रवाई के आदेश।

Dainik Bhaskar

Feb 07, 2018, 06:43 AM IST
PMO letter to Jharkhand CMO to action against IAS officers included chief secretary

रांची. मुख्य सचिव राजबाला वर्मा दो महीने के भीतर तीसरे मामले में फंस गई हैं। पहले चारा घोटाला, फिर बेटे की कंपनी में निवेश का दबाव और अब मनरेगा मामले में आरोपी कृषि सचिव पूजा सिंघल को बचाने का आरोप। अब प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) को पत्र लिखकर राजबाला वर्मा, पूजा सिंघल और मानव संसाधन विभाग के प्रधान सचिव एपी सिंह पर उचित कार्रवाई करने को कहा है।

पीएमओ की तरफ से उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं

केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय के अवर सचिव केसी राजू के हस्ताक्षर से 25 जनवरी को यह पत्र भेजा गया है। जेवीएम के खूंटी जिला अध्यक्ष दिलीप मिश्रा ने जुलाई और सितंबर में राजबाला वर्मा और एपी सिंह के खिलाफ शिकायत की थी। आरोप था कि खूंटी की तत्कालीन डीसी पूजा सिंघल के खिलाफ हो रही जांच में राजबाला वर्मा और एपी सिंह ने गलत रिपोर्ट दी और उनपर दोष साबित नहीं होने दिया। साथ ही सचिव रैंक में प्रोन्नति दे दी। दिलीप मिश्रा ने सीवीसी (चीफ विजिलेंस कमीशन) और पीएमओ में यह शिकायत की थी। इसके बाद पीएमओ की तरफ से झारखंड सरकार के प्रधान सचिव को मामले पर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार के तीन प्रमुख अफसरों पर क्या हैं आरोप

1. पूजा सिंघल- खूंटी में डीसी रहते मनरेगा के कामों में गड़बड़ी और पलामू डीसी रहते जंगल झाड़ वन भूमि को गैर मजरुआ सरकारी भूमि के रूप में एक निजी कंपनी को कोयला उत्खनन के लिए आवंटित करना।

2. एपी सिंह- पूजा सिंघल के खिलाफ विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी थे। जांच रिपोर्ट में उसे दोषी नहीं पाया।इसी की रिपोर्ट को आधार बनाकर डीपीसी ने सचिव रैंक में प्रमोशन की अनुशंसा की।

3. राजबाला वर्मा - कार्मिक विभाग की आपत्ति के बावजूद आरोपी पूजा सिंघल को सचिव रैंक में प्रोन्नति देने की कार्रवाई करना और प्रपत्र क के रहते विभागीय कार्यवाही शुरू करने पर मंजूरी नहीं देना।

कठौतिया माइंस मामले में एसीबी को जांच के लिए अनुमति नहीं दे रही सरकार

पलामू जिले में कठौतिया कोल माइंस के लिए 83 एकड़ जंगल-झाड़ी को गैर मजरुआ जमीन के रूप में गलत तरीके से एक निजी कंपनी को देने के मामले में सरकार पांच माह से एसीबी को जांच की अनुमति नहीं दे रही है। पलामू के तत्कालीन कमिश्नर एनके मिश्रा ने इस मामले में सात अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही चलाने के लिए जांच रिपोर्ट के साथ आरोप पत्र सरकार को भेजा था। छह आरोपियों तत्कालीन भू-अर्जन पदाधिकारी उदयकांत पाठक, अवर निबंधक और पंडवा के सीओ आलोक कुमार, कार्यपालक दंडाधिकारी सौरभ प्रसाद, राप्रसे अधिकारी जया रेचल मिंज, सुधीर कुमार दास और कमल किशोर के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू हो गई। लेकिन पूजा सिंघल के खिलाफ कार्यवाही शुरू नहीं हुई।

X
PMO letter to Jharkhand CMO to action against IAS officers included chief secretary
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..