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शराब पीने से रोका तो पुलिस वैन पर चढ़कर बोला- सरकार बेच रही, तो पीने से क्यों रोक रहे

राजधानी में रात में नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस ने सख्ती कर दी है। शुक्रवार को जांच अभियान चलाया गया

Danik Bhaskar | Dec 23, 2017, 07:54 AM IST

रांची. ये हैं रंजीत ठाकुर और विनय दुबे। नौजवान। लेकिन हरकत घटिया। गुरुवार रात लालपुर चौक के पास ही सड़क पर शराब पी रहे थे। पीसीआर वैन पहुंची। पुलिसकर्मियों ने दोनों को सड़क पर शराब पीने से मना किया। लेकिन दोनों जवानों से उलझ पड़े। हल्ला मचाते हुए पीसीआर वैन पर चढ़कर बोलने लगे- सरकार शराब बेच रही है, तो पुलिस पीने से क्यों रोक रही। फिर दोनों काे लालपुर थाने लाया गया। लेकिन दोनों थाने में भी हंगामा मचाते रहे।

पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की और गाली-गलौज करने लगे। बामुश्किल दोनों के हाजत में डाला गया। फिर भी एक विधायक के नाम पर पुलिसवालों को धमकाते रहे। पुलिसकर्मियों ने दोनों की मेडिकल जांच कराई। फिर एफआईआर कर जेल भेज दिया। हालांकि नशा फटने पर दोनों ने पुलिस से माफी मांगी। परिजन भी थाना पहुंचे, माफी मांगने लगे, लेकिन पुलिसकर्मियों ने दो टूक कहा- एफआईआर दर्ज हो चुकी है, जेल जाना ही पड़ेगा।

थाने में दोनों युवक पुलिसकर्मियों गाली देते रहे। पुलिस जितना समझाती, वे उतना ही उग्र हो धक्का-मुक्की करते रहे। टेबल पर रखे सारे पेपर को इधर-उधर फेंक दिया। एक ने विधायक के भाई को फोन लगा कर जवानों से बात कराई, पर बात नहीं बनी। फिर युवकों ने जवानों को चेताया-तुरंत छोड़ दो, नहीं तो विधायक को फोन लगाएंगे। वर्दी उतरवा देंगे। पुलिस समझाती रही, लेकिन ज्यादा नशे में होने के कारण दोनों गाली-गलौज करते रहे।

बता दें कि राजधानी में रात में नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस ने सख्ती कर दी है। शुक्रवार को जांच अभियान चलाया गया। दो घंटे तक 100 से अधिक की ब्रेथ एनालाइजर से जांच की गई। लेकिन एक भी नशे में नहीं मिला। जांच अभियान रात 8.30 से 10.30 बजे तक चला। ट्रैफिक एसपी संजय रंजन सिंह जांच अभियान की मॉनिटरिंग खुद कर रहे थे। क्रिसमस और नव वर्ष को देखते हुए यह अभियान लगातार जारी रहेगा।