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बेटों ने दर्ज कराई पिता के खुदकुशी करने की रिपोर्ट, पीएम रिपोर्ट कुछ और कह रही

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि उनका गला रस्सी से दबाया गया था।

Danik Bhaskar | Dec 17, 2017, 07:59 AM IST
मृतक संजय झा। मृतक संजय झा।

रांची. डीसी ऑफिस की गोपनीय शाखा के क्लर्क संजय झा (56) की खुदकुशी के मामले में नया मोड़ आया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि उनका गला रस्सी से दबाया गया था। रांची के डीसी को शुक्रवार रिम्स गए थे। उन्हें वहां के डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट की मौखिक जानकारी दी है। इसके बाद डीसी ने एसएसपी को मामले की जांच करने का निर्देश दिया है। पुलिस ने संजय झा के छोटे बेटे निखिल के बयान पर खुदकुशी की एफआईआर दर्ज की थी।

छोटे बेटे ने मामले को बताया था खुदकुशी

- उनके छोटे पुत्र निहाल ने पुलिस को बताया कि मंगलवार रात नौ बजे पिता ऑफिस से घर लौटे। घर आकर उन्होंने खाना खाया और फिर अपने कमरे में सोने चले गए।

- दो मंजिला घर में ऊपर में एसबेस्टस का घर है। पिता वहीं अकेले सोते थे। मां और हम नीचे वाले कमरे में सोते हैं। रात पौने 12 बजे पिता ने मां अनिता देवी को फोन किया और उनकी तबीयत के बारे में जानकारी ली।

- इसके बाद उन्होंने मुझे फोन किया और पूछा कि घर में सब ठीक ठाक है न। मैंने कहा हां, सब ठीक है। इसके बाद पिता बोले कि वे फांसी लगाने जा रहे हैं। उनके मुंह से ऐसी बातें सुन कर मुझे लगा कि वे मजाक कर रहे हैं, क्योंकि कई बार वे ऐसा कह चुके थे। मैंने सोचा कि उन्हें काम काे लेकर तनाव होगा। वे सचमुच फांसी लगा लेंगे, यह सपने में भी नहीं सोचा था।

- बेटों का कहना था कि उनके पिता पर काम का बोझ अधिक था। वे कार्यालय से जब भी घर आते थे, तो कहते थे कि वर्कलोड बहुत अधिक है, वे आत्महत्या कर लेंगे।

- वहीं पुलिस का कहना है कि सूचना पर घर की छानबीन की गई तो घर का दरवाजा टूटा मिला था। मौके से पुलिस को नायलॉन की रस्सी मिली थी।

पोस्टमॉर्टम में पैर और हाथ में भी जख्म के निशान

पोस्टमाॅर्टम में गला घोंटने की बात सामने आई है। आमतौर पर फांसी लगाने के बाद जो निशान गले में बनते हैं, वे निशान इस पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नहीं है। रस्सी से गला दबाने पर जब व्यक्ति विरोध करता है, तब गले में रगड़ाने से घाव के निशान बन जाते हैं। वहीं निशान संजय झा के गले में मिले हैं। उनके पैर और हाथ में भी जख्म के निशान हैं।

पत्नी ने कही थी ये बात

- संजय झा की पत्नी अनिता देवी ने बताया कि रात में उन्हें फांसी लगाने की सूचना बेटे ने दी। इसके बाद पूरा परिवार ऊपरवाले कमरे में गया। दरवाजा अंदर से बंद था। सबने मिल कर दरवाजा तोड़ा, तो देखा कि पति फांसी के फंदे पर झूल रहे थे। उन्हें तुरंत उतारा गया। उस समय उनकी स्थिति ठीक थी।

- इसके बाद घर में गाड़ी नहीं होनेे की वजह से मोहल्ले में गाड़ी जुगाड़ने में 30 मिनट से ज्यादा समय लग गया। फिर उन्हें रिम्स ले जाया गया। कुछ ही देर में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। समय पर गाड़ी मिल जाती तो शायद पति बच जाते। लेकिन, किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। पड़ोसियों के मुताबिक, संजय झा शांत स्वभाव के व्यक्ति थे।

3 बेटों में एक दिल्ली में, दो रांची में रह कर पढ़ाई कर रहे हैं
- संजय झा के तीन बेटे हैं। बड़ा बेटा निखिल दिल्ली में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है। मंझला बेटा शुभम रांची में ही प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करता है। जबकि, छोटा बेटा निहाल लालपुर स्थित बीआईटी एक्सटेंशन में बीटेक की पढाई कर रहा है।

मामले की खबर मिलने पर मौका-ए-वारदात पर पहुंची पुलिस। मामले की खबर मिलने पर मौका-ए-वारदात पर पहुंची पुलिस।
मृतक संजय झा की पत्नी अनिता देवी ने बताया पूरा वाकया। मृतक संजय झा की पत्नी अनिता देवी ने बताया पूरा वाकया।
मृतक के दो मंजिला घर में ऊपर में एसबेस्टस का घर है। मृतक के दो मंजिला घर में ऊपर में एसबेस्टस का घर है।