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राजबाला को अब सीएम का सलाहकार बनाकर राज्यमंत्री का दर्जा देने का प्रस्ताव

चारा घोटाले की आरोपी पूर्व चीफ सेक्रेटरी राजबाला को इससे पहले सरकार ने बचाया था।

Bhaskar News | Last Modified - Mar 04, 2018, 12:42 AM IST

राजबाला को अब सीएम का सलाहकार बनाकर राज्यमंत्री का दर्जा देने का प्रस्ताव

रांची.राज्य सरकार ने पूर्व मुख्य सचिव राजबाला वर्मा को मुख्यमंत्री रघुवर दास का सलाहकार बनाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री द्वारा भेजे गए बफशीट (पीतपत्र) के बाद कैबिनेट सचिवालय ने सलाहकार बनाने संबंधी फाइल सीएमओ को भेज दी है। इसमें कहा गया है कि सरकार पहले इन्हें सलाहकार नियुक्त कर ले, काम का दायित्व तय करने के संबंध में अलग से आदेश जारी होगा। सलाहकार बनाने पर उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा मिलेगा। मुख्यमंत्री अभी जमशेदपुर में हैं। उनके लौटने के बाद ही इस पर अंतिम फैसला होगा। उधर, शनिवार को जमशेदपुर में राजबाला को सलाहकार बनाने संबंधी पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कोई टिप्पणी नहीं की।

राजबाला के रिटायरमेंट से एक दिन पहले मामला खत्म कर दिया गया
राजबाला को पहले सेवा विस्तार देने पर विचार हो रहा था। लेकिन सरकार में उनका विरोध और सेवा विस्तार की अवधि में भी चारा घोटाले के आरोप पर कार्रवाई की बाध्यता को देखते हुए ऐसा नहीं किया। रिटायरमेंट से एक दिन पहले उनके खिलाफ सीबीआई के आरोप (जांचोपरांत) को सरकार ने सिर्फ चेतावनी देकर खत्म कर दिया। इससे तय हो गया कि रिटायरमेंट के बाद इस मामले में कार्रवाई नहीं हो सकेगी। प्रावधान के अनुसार रिटायरमेंट के बाद चार वर्ष से अधिक पुराने मामले पर विभागीय कार्यवाही नहीं चल सकती है। इनका मामला 1991 का है।

27 को चेतावनी, 28 को बढ़ी फाइल

चारा घोटाले में चाईबासा ट्रेजरी से अवैध निकासी मामले में राजबाला पर आरोप था कि वह डीसी रहते हुए ट्रेजरी की रक्षा नहीं कर सकी। सरकार इस मामले में राजबाला वर्मा से 2003 से स्पष्टीकरण पूछ रही थी। 15 साल में 23 रिमाइंडर के बाद भी पक्ष नहीं रखा तो 5 जनवरी को शोकॉज किया गया था। 15 जनवरी को उन्होंने शोकॉज का जवाब सरकार को दिया।। उस स्पष्टीकरण पर कार्मिक, विधि और महाधिवक्ता ने अपनी-अपनी राय दी। लेकिन रिटायरमेंट से एक दिन पहले सरकार ने चेतावनी देकर उनकी फाइल बंद कर दी। लेकिन अगले ही दिन 28 फरवरी को उन्हें सलाहकार बनाए जाने की फाइल बढ़ गई।

मंत्री सरयू राय बोले- सीएम की चेतावनी एक साल प्रभावी, इस दौरान सलाहकार बनाया ही नहीं जा सकता

खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने कहा कि मुख्यमंत्री ने चारा घोटाले में राजबाला वर्मा को चेतावनी की सजा दी है। चेतावनी का प्रभाव एक साल तक रहता है। ऐसे में उन्हें मुख्यमंत्री के सलाहकार जैसे जिम्मेवार पद पर नहीं बैठाया जाना चाहिए। सीएम को सलाह देने के लिए मंत्रिपरिषद होता है। इसके बाहर यदि कोई सलाहकार बनाया जाता है तो उससे असंवैधानिक स्थिति पैदा होगी। वैसे तो सीएम को सलाहकार पद पर किसी को बैठाने का विशेषाधिकार है। लेकिन पहले सरकार काे बताना चाहिए कि वह किस क्षेत्र की विशेषज्ञ हैं।

मुंडा ने कहा-राय की मांग पर कैबिनेट में विचार हो

सरयू राय द्वारा उठाए गए सवाल पर जब पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा से बात की गई तो उन्होंने कहा-अगर मंत्रिपरिषद का कोई सदस्य किसी विषय को उठा रहा है तो कैबिनेट में चर्चा होनी चाहिए। उसका हल निकाला जाना चाहिए। क्योंकि, कैबिनेट की अपनी गोपनीयता है। वह सामूहिक जिम्मेदारी के आधार पर काम करता है।

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Web Title: raajbaalaa ko ab CM ka slaahkar banakar rajyaMantri ka drjaa dene ka prstaav
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