रांची

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12 ज्योतिर्लिंगों में देवघर की जगह महाराष्ट्र बैद्यनाथ मंदिर के नाम लाने पर विवाद

महोत्सव में बैद्यनाथधाम के ज्योतिर्लिंग न बताकर परली स्थित बैद्यनाथ के ज्योतिर्लिंग बताया गया।

Danik Bhaskar

Jan 15, 2018, 08:23 AM IST
- फाइल फोटो। - फाइल फोटो।

देवघर(झारखंड). बीते दिनों में उज्जैन के महाकाल में हुए शैव महोत्सव में बारह ज्योतिर्लिंग में झारखंड के बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग की जगह महाराष्ट्र के परभनी जिला के परली गांव स्थित बैद्यनाथ को ज्योतिर्लिंग झांकी के रूप में शामिल करने को लेकर अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के देवघर शाखा के सदस्य सह मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्यों ने आपत्ति जतायी है। देवघर के अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा ने उज्जैल प्रबंधन व शैव महोत्सव के संयोजक माखन सिंह को पत्राचार कर खुले मंच पर अपना तर्क रखने को कहा है।

- अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के महामंत्री दुर्लभ मिश्र ने बताया कि इस महोत्सव में हमारे बैद्यनाथधाम के ज्योतिर्लिंग न बताकर परली स्थित बैद्यनाथ के ज्योतिर्लिंग बताया गया, जिसका हम लोगों ने विरोध किया है। साथ ही इसपर आपत्ति भी दर्ज की है।

- उन्होंने बताया कि शिव पुराण, पद्म पुराण, लिंग पुराण आदि में जो रावण द्वारा बैद्यनाथ को स्थापित करने की कथा बताई गई है, उसके अनुसार झारखंड के देवघर में ही बैद्यनाथ विराजमान है और इसी तथ्य पर आदि गुरु शंकराचार्य ने द्वादश ज्योतिर्लिंग पर श्लोक का वर्णन किया है, जिसमें कहा गया है कि चिताभूमि में बैद्यनाथ विराजमान हैं और देवघर में ही सती का हृदय गिरा था और यहीं पर उनका अंतिम संस्कार हुआ था।
इसे चिताभूमि कहते हैं और इसलिए कहा गया है कि चिताभुमौं च बैद्यनाथः लेकिन शैव महोत्सव में इसे बैद्यनाथ बताकर महाराष्ट्र के परभनी जिला के परली गांव में स्थापित मंदिर को बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग बताया गया जो आदि गुरु शंकराचार्य व पुराणों के विपरित है। जिसका देवघर बैद्यनाथ प्रबंधन समिति व अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा इसका विरोध करती है और इस मुद्दे को खुले मंच पर चर्चा करने की खुली चुनौती देती है।

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