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सदन में CM ने अपशब्द का इस्तेमाल किया, स्पीकर बोले- कोई कुछ भी कहे, ऐसा नहीं चलेगा

सदन में हुई तीखी बहस में स्पीकर बाेले कि जिस तरह सदन की कार्यवाही चल रही है, उस पर पूरा देश हंस रहा है।

Dainik Bhaskar

Dec 16, 2017, 06:19 AM IST
झारखंड में पहली बार सदन के भीतर सीएम और स्पीकर के बीच तीखी बहस हुई। झारखंड में पहली बार सदन के भीतर सीएम और स्पीकर के बीच तीखी बहस हुई।

रांची. झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन शुक्रवार को सदन में जमकर हंगामा हुआ। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने सा...(अपशब्द) का प्रयोग किया। झारखंड में पहली बार सदन के भीतर मुख्यमंत्री और स्पीकर डॉ. दिनेश उरांव के बीच भी तीखी बहस हुई। दोनों एक-दूसरे को समझाते रहे कि सदन की कार्यवाही कैसे चलती है। वहीं दैनिक भास्कर ने 14 दिसंबर को ‘मोमेंटम झारखंड से चंद दिन पहले बनी एक लाख पूंजीवाली कंपनी से राज्य सरकार ने किया 1900 करोड़ का एमओयू’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। झामुमो नेता हेमंत सोरेन, अमित महतो, मासस के अरुप चटर्जी और कांग्रेस विधायकों ने सदन में दैनिक भास्कर की प्रतियां लहराईं। सरकार से मोमेंटम झारखंड का सच पूछा। सदन के बाहर भी भास्कर लहराते हुए मोमेंटम झारखंड में फर्जी कंपनियों से एमओयू करने का आरोप लगाया।

सीएम बाेले- विधायक को अपनी बात रखने का हक

- सदन में गैर सरकारी संकल्प पर चर्चा चल रही थी। विधायक अनंत ओझा अपने संकल्प के माध्यम से साहेबगंज के उधवा में राष्ट्रविरोधी गतिविधियों की रोकथाम के लिए अर्द्धसैनिक बल की एक कंपनी रखने की मांग कर रहे थे।

- कांग्रेस के इरफान अंसारी ने टोका-टोकी शुरू कर दी। ओझा उखड़ गए। कहा-17,054 बांग्लादेशी चिह्नित किए गए। हमारी आबादी वहां बंधक बनी हुई है। तभी कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम उठ खड़े हुए।कहा-चतुर्थ विधानसभा के हर सत्र में अनंत ओझा बांग्लादेशी-बांग्लादेशी की बात करते हैं। कौन है बांग्लादेशी?
- ओझा ने कहा कि बांग्लादेशी को कौन संरक्षण दे रहा है?

- स्पीकर दोनों को समझाने लगे कि गैर सरकारी संकल्प पर चर्चा के दौरान नोक-झोंक न करें।

- तभी मुख्यमंत्री उठे। कहा- अनंत ओझा को अपनी बात रखने का हक है। इसमें किसी को इंटरफेयर करने की जरूरत नहीं है। उस क्षेत्र में राष्ट्रविरोधी शक्तियां सक्रिय है। पूरे देश में घुसपैठ हो रहा है। ओझा अपनी बात रख रहे हैं तो इसमें गलत क्या है।

जिस तरह सदन की कार्यवाही चल रही है, उस पर पूरा देश हंस रहा है- स्पीकर

- इस पर स्पीकर ने कहा कि हर कोई नियम-कानून की बात करता है। मुझे भी नियम-कानून की जानकारी है। अासन अपने अधिकार को जानता है, लेकिन कभी उसका प्रयोग नहीं किया। समझने की जरूरत है कि आसन मजबूर नहीं है।

- सीएम ने भी कह दिया कि ऐसा नहीं है। फिर स्पीकर बोले-जिस तरह सदन चल रहा है, उस पर पूरा देश हंस रहा है। सदन में कोई विधायक कुछ भी बोल दे, कुछ भी करे और कहे कि आसन समझेगा, ऐसा नहीं चलेगा। सदन की गरिमा बनाए रखने की जिम्मेदारी सबकी है। इस पर सीएम ने स्पीकर की ओर इशारा करते हुए कहा कि देखिए, सत्ता पक्ष शांत है।
- इससे पहले प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष लगातार स्थानीयता और नौकरी पर सवाल उठा रहा था। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 14 सालों में स्थानीयता तय नहीं हुई। जो नियुक्तियां हुई हैं, उनमें 95 फीसदी स्थानीय लोगों की हुई है। विपक्ष इस पर हंगामा करने लगा। तभी मुख्यमंत्री ने कहा दिया-अब स्थानीय को नौकरी मिल रही है। सा...(अपशब्द) को झंडा ढोने वाला नहीं मिल रहा है तो मिर्चा लग रहा है। इस पर फिर जमकर
बवाल हुआ।

हेमंत सोरेन बोले- गरिमा की उम्मीद अब नहीं, ऐसा सदन सीएम को मुबारक

भोजनावकाश के बाद सदन की कार्यवाही शुरू होते ही प्रतिपक्ष के नेता हेमंत सोरेन ने इस मुद्दे को उठाया। कहा फर्स्ट हाफ में कुछ ऐसी पीड़ादायक बातें हुईं, जो पूरे देश में फैल गई हैं। यह सीएम से जुड़ा है। मुख्यमंत्री इतने उतावले हो जाते हैं कि मर्यादा नहीं रह जाती। वह कह गए, सा...तुम लोगों को मिर्चा लगता है। इस पर स्पीकर ने कहा कि आसन इस विषय पर गंभीर है। जांच का विषय है। स्वत: विलोपित कर दिया जाएगा। इस पर हेमंत सोरेन ने कहा कि सदन की गरिमा की अब उम्मीद नहीं है। ऐसा सदन सीएम को मुबारक हो। इसके बाद हेमंत सोरेन झामुमो विधायको के साथ सदन का बहिष्कार कर बाहर निकल गए।

सदन से बाहर सीएम- चरित्र हनन का प्रयास हुआ तो कड़ी कार्रवाई करेंगे

सदन की कार्यवाही समाप्त होने के बाद मीडियाकर्मियों ने मुख्यमंत्री को घेरा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन के भीतर प्रतिपक्ष के नेता की भूमिका गैर जिम्मेदाराना रहा। जब उनसे पूछा गया कि झामुमो तो आपको माफी मांगने को कह रहा है। पुतला फूंक रहा है। तो सीएम ने कहा- मीडिया का काम सिर्फ सवाल-जवाब करना नहीं है। सच्चाई को सामने लाना है। अगर किसी ने भी चरित्र हनन का प्रयास किया तो मैं व्यक्तिगत तौर पर और सरकार के स्तर पर कड़ी कार्रवाई करूंगा।

झामुमो नेता हेमंत सोरेन, अमित महतो, मासस के अरुप चटर्जी और कांग्रेस विधायकों ने सदन में दैनिक भास्कर की प्रतियां लहराईं। झामुमो नेता हेमंत सोरेन, अमित महतो, मासस के अरुप चटर्जी और कांग्रेस विधायकों ने सदन में दैनिक भास्कर की प्रतियां लहराईं।
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झारखंड में पहली बार सदन के भीतर सीएम और स्पीकर के बीच तीखी बहस हुई।झारखंड में पहली बार सदन के भीतर सीएम और स्पीकर के बीच तीखी बहस हुई।
झामुमो नेता हेमंत सोरेन, अमित महतो, मासस के अरुप चटर्जी और कांग्रेस विधायकों ने सदन में दैनिक भास्कर की प्रतियां लहराईं।झामुमो नेता हेमंत सोरेन, अमित महतो, मासस के अरुप चटर्जी और कांग्रेस विधायकों ने सदन में दैनिक भास्कर की प्रतियां लहराईं।
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