--Advertisement--

स्मार्ट सिटी में 2600 करोड़ का टेंडर और वर्क ऑर्डर देकर रांची देश में नंबर वन

केंद्र ने स्मार्ट सिटी के तहत हो रहे कार्यों के आकलन के आधार पर रैंकिंग की है।

Danik Bhaskar | Dec 23, 2017, 07:09 AM IST

रांची. स्मार्ट सिटी मिशन में शामिल शहरों में हो रहे काम के आधार पर केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने रैंकिंग की है। दूसरे राउंड में शामिल 33 शहरों में रांची टॉप पर पहुंच गया है। स्मार्ट सिटी के लिए नगर विकास विभाग ने कुल 2600 करोड़ रुपए का टेंडर और वर्क ऑर्डर दिया है। कई प्रोजेक्ट पर काम भी शुरू हो गए हैं। उस आधार पर दूसरे राउंड में चयनित कुल 33 शहरों में रांची को पहला स्थान मिला है।

दूसरे स्थान पर वाराणसी है, जिसने 900 करोड़ का वर्क आर्डर दिया है। जबकि, 700 करोड़ वर्क आर्डर के साथ कोटा तीसरे स्थान पर और 600 के साथ नागपुर चौथे स्थान पर पहुंचा है। वडोदरा में 400 करोड़ रुपए का टेंडर और वर्क ऑर्डर जारी किया गया है। पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर मात्र 500 करोड़ के टेंडर और वर्क ऑर्डर में सिमट गया है। पहले राउंड में चयनित 20 शहरों में सूरत करीब 2800 करोड़ रुपए का टेंडर और वर्क ऑर्डर जारी कर टॉप पर है।

अर्बन टावर, जुप्मी बिल्डिंग, स्मार्ट रोड से मिले अधिक नंबर

रांची स्मार्ट सिटी को टॉप रैंक दिलाने में एचईसी का सबसे बड़ा योगदान है। क्‍योंकि, शहरी क्षेत्र में एचईसी की 656 एकड़ जमीन पर देश में पहली ग्रीन फिल्ड स्मार्ट सिटी बनने की दिशा में रांची आगे बढ़ रही है। अर्बन टावर, सिविक सेंटर, जुप्मी बिल्डिंग, साइकिल शेयरिंग सिस्टम, पैन सिटी के तहत पांच स्मार्ट रोड, फ्लाईओवर, ट्रैफिक मैनेजमेंट कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम, बिरसा मुंडा स्मृति पार्क पर काम होने से अधिक अंक मिले हैं।

ऐसे की गई रैंकिंग : केंद्र ने स्मार्ट सिटी के तहत हो रहे कार्यों के आकलन के आधार पर रैंकिंग की है। इसमें प्रोजेक्ट की डीपीआर, कितने प्रोजेक्ट का टेंडर फाइनल हुआ और कितने का वर्क ऑर्डर जारी हुआ इसका आकलन किया गया।

स्वच्छता एप से 2,12,531 लोगों ने दर्ज कराईं शिकायतें

स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 से पहले स्वच्छता एप से शिकायत आने और 24 घंटे में उसका समाधान करने में झारखंड ने नया रिकॉर्ड बनाया है। सभी राज्यों को पीछे छोड़ते हुए झारखंड ने यह मुकाम हासिल किया है। एप से साफ-सफाई नहीं होने की शिकायत दर्ज कराने में झारखंड 100 प्रतिशत सफल हुआ है। तय समय में समस्या का समाधान करने में 97 प्रतिशत, शहर का मैप होने पर 97 प्रतिशत और समाधान का प्रतिशत 96 है। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने सभी राज्यों की मैपिंग के बाद यह आंकड़ा जारी किया है। राज्यभर में अभी तक 1,11,051 लोगों ने एप डाउनलोड किया है। अभी तक 2,12,531 शिकायतें एप से दर्ज कराई गई हैं।

स्मार्ट सिटी के सभी कंपोनेंट को जल्द धरातल पर उतारा जाएगा

नगर विकास के सचिव अरुण कुमार सिंह ने बताया कि केन्द्र सरकार ने रैंकिंग की रिपोर्ट जारी कर दी है। स्मार्ट सिटी के जितने भी कंपोनेंट है उसे जल्द धरातल पर उतारा जाएगा। बड़ी योजनाओं पर काम तेजी से चल रहा है। समय सीमा के अंदर रांची स्मार्ट बनेगी। स्वच्छता सर्वेक्षण में भी लाेगों की समस्याओं का माधान करने में झारखंड टॉप पर है। लोगों का सहयोग रहा तो स्वच्छता सर्वेक्षण में सभी शहर टॉप 100 में शामिल होंगे।

इधर, स्वच्छता एप डाउनलोड कराने का टार्गेट पूरा, अब पूछे जाएंगे सवाल

स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 की शुरुआत 4 जनवरी से होगी। इसे लेकर नगर निगम के अधिकारी पिछले एक माह से स्वच्छता एप डाउनलोड कराने में जुटे हुए थे। शुक्रवार को 23,600 एप डाउनलोड कराने का लक्ष्य पूरा हो गया। अब कम से कम 13 हजार एप को कार्यशील करने में निगम जुट गया है। स्वच्छता सर्वेक्षण शुरू होने के दौरान जिन लोगों ने एप डाउनलोड किया है उनसे शहर की साफ-सफाई पर एप से ही सवाल पूछे जाएंगे।