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पॉकेटमनी से 16 हजार में बनाई शॉर्ट फिल्म, हॉलीवुड फिल्मों को पीछे छोड़ जीते दो अवाॅर्ड

नोटबंदी के दौरान कालाधन सफेद करनेवाले एक ड्रग स्मगलर पर आधारित है फिल्म की कहानी।

Danik Bhaskar | Jan 28, 2018, 08:48 AM IST
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रांची. रातू रोड काली मंदिर गली के आकाश सिंह ने पॉकेट मनी से बचाए महज 16,000 रुपए से शॉर्ट मूवी ‘अ पूअर स्मगलर’ बनाई। यह न सिर्फ यूट्यूब पर देखी जा रही है, बल्कि लॉस एंजिल्स सिने फेस्ट में बेस्ट सेमीफाइनल मूवी और बेस्ट सेमी फाइनल टाइटल सांग से 4 जनवरी को नवाजी भी गई। इसका टाइटल सांग हॉलीवुड सिंगर हाॅरमोनी ब्लॉसम ने गाया है। साथ दिया है, अमेरिकन रैपर दिशिनेजा ने। इसकी रिकॉर्डिंग भी लॉस एंजिल्स में ही हुई थी।

सपना था कंप्यूटर इंजीनियर बनना
ललन सिंह और गायत्री सिंह की दूसरी संतान आकाश का सपना था, कंप्यूटर इंजीनियर बनना। गुरुनानक स्कूल से 12 वीं कर आकाश कोलकाता चले चले गए। वहां टेक्नो इंडिया यूनिवर्सिटी में बीटेक में दाखिला लिया। एक साल बाद वे यूनिवर्सिटी के नाटक समूह ‘धुव्रतारा’ से जुड़ गए। अपने ही लिखे नाटक स्कॉलरशिप में भूमिका भी निभाई। फिर रुझान शॉर्ट फिल्म बनाने का हुआ।

नए सिरे से कहानी लिखकर शूट किया

अफ्रीकी फिल्ममेकर क्रिस डोफर के प्रोडक्शन के लिए पहली डॉक्यूमेंट्री बनाई, बीयर्ड रॉबी। यह नोटबंदी पर थी। इसके बाद वीमेन इंपावरमेंट पर बीवेयर बनाई। बीयर्ड से संतुष्ट थे। जबकि नोटबंदी को लेकर पक्ष-विपक्ष में तर्कों से बाजार गर्म था। कालेधन के खिलाफ लगातार छापेमारी की जा रही थी, आकाश ने नए सिरे से एक कहानी 16 नवंबर 2016 को लिखी। 17 दिनों में इसे कोलकाता के साल्टलेक सिटी और अलीपुर में शूट किया। लॉस एंजिल्स के सम्मान के बाद उनकी खुशी को दोगुना किया, बारसिलोना प्लैनेट फिल्म फेस्ट में के ऑफिशियली बेस्ट ट्रेलर कैटेगरी में ‘अ पूअर स्मगलर’ का चयन होना।

कालाधन छुपाने वालों पर चुटीली बातें

फिल्म की कहानी के केंद्र में एक ड्रग स्मगलर है। नोटबंदी के समय वह अपने कालेधन को सफेद करना चाहता है। इसी दौरान उसे पुलिस पकड़ लेती है। इसी के समानांतर एक लड़के की कहानी चलती है, जो अपने हास्य के बल पर नोटबंदी का समर्थन करता है। कालेधन छुपाने वाले पर चुटीली बातें करता है।