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बेटे की लाश देख मां बोली - मुझे जिंदा चाहिए बेटा, नहीं तो मुझे भी डैम में धकेल दो

दोस्तों के साथ डैम घूमने गए इकलौते बेटे की लाश 3 घंटे बाद निकाली जा सकी।

Bhaskar News | Last Modified - Dec 20, 2017, 08:20 AM IST

रांची. सोमवार शाम चार बजे धुर्वा डैम में डूबे इंजीनियरिंग के छात्र अभिषेक पुष्प (19) का शव मंगलवार की सुबह नौ बजे डैम से निकाला गया। एनडीआरएफ की टीम सुबह छह बजे शव की तलाश में पानी में उतरी। तीन घंटे की मशक्कत के बाद शव अंदर में मिला। अभिषेक ओरमांझी स्थित आरटीसी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग का छात्र था। वह पांच दोस्तों के साथ सोमवार को धुर्वा डैम घूमने आया था। इसी क्रम में डैम में नहाने सभी दोस्त उतरे। इसी बीच अभिषेक ने डैम के फाटक के ऊपर चढ़ गया और वहां से छलांग लगाई थी। इससे वह गहरे पानी में चला गया।

मां बोली - मुझे जिंदा चाहिए बेटा, नहीं तो मुझे भी डैम में धकेल दो

- लोवाडीह स्थित आनंद विहार निवासी राजेश पुष्प का पुत्र अभिषेक पुष्प उर्फ कुन्नू (18) की मौत पर मुहल्लेवासियों में शोक है। अभिषेक की मौत धुर्वा डैम में डूबने से हो गई थी।

- अभिषेक आरटीसी इंस्टीट्यूट आॅफ टेक्नोलॉजी के मैकेनिकल डिप्लोमा का छात्र था। सोमवार को वह अपने पांच दोस्तों के साथ धुर्वा डैम घूमने गया था।

- उसका शव मंगलवार को घर पर लाया गया था। शव पहुंचते ही मां सुषमा रो- रोकर बेहोश हो जा रही थी।

- होश होने के बाद आनेवाले परिजन व लोगों को देख वह कह रही थी कि मुझे जिंदा बाबू (कुन्नू) चाहिए, नहीं तो मुझे भी डैम में ले जाकर धकेल दीजिए। परिजन व स्थानीय महिलाएं उन्हें समझाने की कोशिश कर रहे थे। इकलौते बेटे के जाने के वियोग में परिवार की महिलाएं बेहोश हो रही थीं।

शव पहुंचते ही अभिषेक को देखने सैकड़ों बैचमेट पहुंचे

- अभिषेक के डूबने के बाद उसके शव को एनडीआरएफ की टीम ने सोमवार को काफी खोजबीन की, लेकिन नहीं मिला था। मंगलवार की सुबह उसके शव को निकाला गया। शव घर पहुंचते ही आसपास के कई लोग वहां पहुंच गए। - कुछ देर के बाद आरटीसी इंस्टीट्यूट से अभिषेक के सैकड़ों बैचमेट पहुंचे और अपने आपको रोक न पाए। सभी दोस्त फूट-फूटकर रोने लगे।

- उनलोगों का कहना था कि अभिषेक पढ़ाई में बहुत ही अच्छा था। उसका स्वभाव भी काफी मिलनसार था। अभिषेक के पिता राजेश पुष्प बोकारो स्थित इलेक्ट्रो स्टील कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं।

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Web Title: bete ki laash dekh maan boli - mujhe jindaa chaahie betaa, nahi to mujhe bhi daim mein dhkel do
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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