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पूर्व MLA कमल किशोर मामले में जवानों को धमकी- मंत्री का नाम लिया, तो हो जाओगे बर्खास्त

नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर एक पीड़ित पुलिसकर्मी ने बताया कि पूरे मामले को झुठलाने की कवायद शुरू हो गई है।

Danik Bhaskar | Dec 22, 2017, 08:51 AM IST
सिम्बॉलिक इमेज। सिम्बॉलिक इमेज।

रांची. एम्स में इलाज के नाम पर दिल्ली में पौने दो साल सजायाफ्ता पूर्व विधायक कमल किशोर भगत के मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल के अधीक्षक अशोक चौधरी कर रहे हैं। उधर, जांच के दायरे में आए रांची जिला बल के एक हवलदार और तीन पुलिसकर्मियों को सच का साथ देने के लिए धमकियां मिल रही हैं। नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर एक पीड़ित पुलिसकर्मी ने बताया कि पूरे मामले को झुठलाने की कवायद शुरू हो गई है।

उसने बताया कि उन्हें कहा गया है कि अगर दिल्ली में केंद्रीय मंत्री सुदर्शन भगत के सरकारी आवास पर कमल किशोर के साथ जाने की बात किसी को भी बताई। खासकर दैनिक भास्कर को तो नौकरी से बर्खास्त कर दिए जाओगे। अभी तो सिर्फ निलंबित किए गए हो। झारखंड से दिल्ली तक अपनी सरकार है। सरकार से लेकर प्रशासन तक के कुछ अधिकारी बेहद नाराज हैं। इस मसले पर पुलिस प्रशासन के कई आला अधिकारियों की पैनी नजर है।

चारों पुलिसकर्मियों से जेल अधीक्षक ने की पूछताछ

18 दिसंबर को दोपहर 2.30 बजे बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल के अधीक्षक अशोक चौधरी ने सजायाफ्ता कमल किशोर को एम्स ले जाने वाले हवलदार मुकेश्वर सिंह, सिपाही विपिन तिर्की, बुद्धदेव उरांव और सुरेश प्रसाद महतो का बयान लिया। चारों पुलिसकर्मियों से यह पूछा गया कि करीब पौने दो साल तक वह दिल्ली में कहां-कहां रहे? वहीं, दिल्ली के रकाबगंज स्थित केन्द्रीय मंत्री सुदर्शन भगत के सरकारी आवास पर जाने के बारे में पूछा गया। इस बिंदु पर चारों पुलिसकर्मियों से बारी-बारी से पूछताछ हुई। इस बिंदु पर चारों खामोश रहे।