--Advertisement--

ट्राइबल लीडर ने महिलाओं की न्यूड फोटो वायरल, रखी थी ये शर्त

डर्टी पॉलीटिक्स : आदिवासी नेता ने ट्राइबल एरिया में रहने वाली महिलाओं की न्यूड फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर दी।

Danik Bhaskar | Dec 19, 2017, 05:10 AM IST

धनबाद(झारखंड़). आदिवासी नेता ने ट्राइबल एरिया में रहने वाली महिलाओं की न्यूड फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। नेता के कहने पर आदिवासी महिलाओं ने ये फोटो बेटों की नौकरी के लिए खिंचवाई थी। आदिवासी लीडर रामाश्रय सिंह ने महिलाओं से कहा कि ये फोटो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्टेट गवर्नमेंट को भेजी जाएंगी, लेकिन उसने इन फोटो को फेसबुक पर वायरल कर दिया।

पीएम मोदी को भेजी फोटो
- रमाश्रय ने 19 डीवीसी विस्थापित आदिवासी की नौकरी की मांग को लेकर पीएम मोदी और राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा था। जिसके साथ ये फोटो भी अटैच किए थे।
- गांव में रहने वाली इन महिलाओं को सोशल मीडिया की जानकारी नहीं हैं लेकिन जैसे ही फोटो की चर्चा होने लगी और गांव के लोगों को इस बारे में जानकारी लगी तो वे बेहद नाराज हुए।
- फोटो वायरल होने पर महिलाओं ने कहा कि नेता से शर्त थी कि ये सिर्फ सरकार को भेजी जाएगी, कुछ खास लोगों के पास फोटो थी। फोटो वायरल करना हमारे साथ धोखा है।


ये है पूरा मामला
- यह मामला साल 1956 का है। डीवीसी ने झारखंड. बंगाल के 240 गांवों के 12 हजार फैमिली से जमीन अधिग्रहण किया। धनबाद, जामताड़ा, पुरुलिया और वर्धमान जिला के किसानों की जमीन ली।
- विस्थापितों के अनुसार कुल 38 हजार एकड़ जमीन और 5 हजार घर किसानों से लिए गए थे। तय था कि हर विस्थापित परिवार से एक सदस्य को नौकरी मिलेगी। कुल 9500 नौकरी देने पर सहमति बनी।
- डीवीसी ने 500 वास्तविक विस्थापितों को नौकरी दी। जबकि 9 हजार फर्जी विस्थापित नौकरी में आ गए। असली विस्थापित इसे लेकर 50 सालों से आंदोलन कर रहे हैं। हक के लिए चौथी पीढ़ी संघर्ष कर रही है।

यह धोखा है, गलत हुआ है

- न्यूड फोटो खिंचवाने वाली महिला मंगोली हेम्ब्रम ने कहा कि मैं अपने बेटे की नौकरी के लिए न्यूड आंदोलन में शामिल हुई थी। कहा गया था कि इसे सिर्फ सरकार को भेजा जाएगा। पर मेरी न्यूड फोटो इंटरनेट पर आ गई। यह धोखा है। मुझे और हम सभी प्रदर्शनकारियों को विश्वास में लेकर गलत किया गया। यह नीचता है।

- वही दूसरी महिला बहामुनी हेम्ब्रम ने कहा कि मैं विस्थापित परिवार से हूं। डीवीसी ने जमीन के बदले नौकरी नहीं दी। इसलिए अन्य लोगों के साथ मिलकर आंदोलन कर रही हूं। बेटे को नौकरी मिल जाएगी, ऐसा सोच कर नग्न हुई थी। ये तस्वीरें सिर्फ खास लोगों के पास थी। सभी के बीच आने से शर्मसार हूं।


आदिवासी नेता ने कहा गलती हो गई
- आदिवासी महासभा के लीडर रामश्रय ने कहा कि मेरे फेसबुक एकाउंट से आपत्तिजनक तस्वीरें डाली गई। देखिए, मुझे इसका अफसोस है। मैं दिल से दु:खी हूं। मैं इन तस्वीरों से संबंधित सारे पोस्ट हटा लूंगा।