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सात साल में भी पूरा नहीं हुआ बिरहारों के घर का सपना

भास्कर न्यूज | मैकलुस्कीगंज सात वर्षों में भी पूरा नहीं हुआ मैकलुस्कीगंज लपरा पंचायत के महुआटांड़ में रहने वाले...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 03:30 AM IST
भास्कर न्यूज | मैकलुस्कीगंज

सात वर्षों में भी पूरा नहीं हुआ मैकलुस्कीगंज लपरा पंचायत के महुआटांड़ में रहने वाले आदिम जनजाति बिरहारों के आवास का सपना। राज्य सरकार ने राज्य के आदिम जनजाति के संरक्षण के लिए कई और पलायन रोकने के लिए कई प्रकार की महत्वाकांक्षी योजना चला रखी है, ताकि इस आदिम जनजाति को विलुप्त होने से बचाया जा सके। मैकलुस्कीगंज में बिरहोरों के लिए सात वर्ष पूर्व बिरसा आवास योजना के अंतर्गत 51 बिरहोर परिवार के लिए एक लाख रुपये की लागत से मकान बनवाने की योजना शुरू की गई, जिसे बनाने के लिए कई सप्लायर आगे आए और लाभुक बिरहोर के खाते से पैसे निकलवाकर आधा अधूरा काम कर चलते बने। बिरहोरों के नेता मधु बिरहोर व जटा बिरहोर ने बताया कि 2015 में एक सप्लायर ने 14 बिरहारों के खाते से 90 हजार प्रति बिरहोर की राशि निकाल ली और आधा अधूरा काम छोड़कर चंपत हो गया।

2017 में प्रशासनिक दबाव के चलते सप्लायर नसें एक बार पुनः काम शुरू किया, लेकिन खलारी के पूर्व बीडीओ रोहित सिंह के स्थानांतरण के साथ ही एक बार पुनः आवास बनाने का कार्य बंद हो गया। आवास नहीं बनने के कारण कुछ बिरहोर पलायन कर गए और कुछ खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।

इन लाभुकों को नाम पर अकाउंट से हुई निकासी

1. जटा बिरहोर, 2. अर्जुन बिरहोर , 3. रामा बिरहोर, 4. रवाना बिरहोर 5. रामजीत बिरहोर, 6. रघु बिरहोर 7. पृथ्वी बिरहोर 8. सुरेश बिरहोर 9. भगवान बिरहोर, 10. चंदन बिरहोर, 11. मधु बिरहोर, 12. सुशील बिरहोर ।