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कल घर-घर जाकर लोगों को दी जाएगी फाइलेरिया की दवा

सिविल सर्जन पैट्रिक टेटे ने शनिवार को सदर अस्पताल में प्रेस कांफ्रेंस कर मलेरिया नियंत्रण समिति विभाग की ओर से...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 02:00 AM IST
सिविल सर्जन पैट्रिक टेटे ने शनिवार को सदर अस्पताल में प्रेस कांफ्रेंस कर मलेरिया नियंत्रण समिति विभाग की ओर से चलाई जा रहे फाइलेरिया मुक्त अभियान की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि फाइलेरिया जैसे गंभीर बीमारियों को लेकर सरकार की ओर से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिसके माध्यम से लोगों को दवा खिलाकर बीमारी से बचने की पहल की जा रही है।

जिले के सदर प्रखंड, सेन्हा, कुडू, किस्को, भंडरा व नगर परिषद में 493364 लोगों को डीईसी, एलबेंडाजोल दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। 2 अप्रैल को बूथ स्तरीय कार्यक्रम के माध्यम से लोगों के घर-घर जाकर फाइलेरिया की दवा दी जाएगी। दवा से पूर्व जांच की प्रक्रिया भी करनी है। यह सभी प्रक्रिया डीपीएम के माध्यम से की जाएगी। फाइलेरिया बीमारी होने पर 10 से 12 वर्ष के बाद इसके लक्षण दिखाई पड़ने लगता है। इस दौरान हाथ व पैर समेत शरीर के अन्य हिस्से फूलने लगते हैं।

उन्होंने बताया कि दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों को दवा देना खतरनाक साबित हो सकता है। 2 से 5 वर्ष तक के लोगों को एक गोली लेना है। वहीं 6 से 14 वर्ष तक के लोगों को डीइसी की 2 गोली और एलबेंडाजोल की एक गोली लेनी है। 15 वर्ष से अधिक लोगों को डीइसी की 3 गोली और एलबेंडाजोल की एक गोली लेना है। उन्होंने कहा कि ज्यादा उम्र वाले लोगों को दवा लेने की जरूरत नहीं है। इस मौके पर फाइलेरिया विभाग के इंचार्ज अनुज कुमार, अनुज वर्मा, रजनी लकड़ा, नौशाद अली असरफ, डीपीएम नाजिश अख्तर, आलोक कुमार व दिवाकर पाठक समेत अन्य मौजूद थे।

प्रेस कांफ्रेंस करते सिविल सर्जन व उपस्थित अन्य अधिकारी।