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स्वावलंबी बनने के गुर सीखकर गांव लौटे 20 युवक-युवतियां

जिले के उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र के 20 आदिवासी युवक-युवतियां बेंगलुरु में आयोजित दसवें आदिवासी युवा सम्मेलन में...

Dainik Bhaskar

Feb 02, 2018, 02:00 AM IST
जिले के उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र के 20 आदिवासी युवक-युवतियां बेंगलुरु में आयोजित दसवें आदिवासी युवा सम्मेलन में भाग लेकर लौटे। सीआरपीएफ 11वीं बटालियन व नेहरु युवा केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में उन्हें बेंगलुरु भ्रमण के लिए भेजा गया था। लातेहार पहुंचने पर सीआरपीएफ के पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। द्वितीय कमान अधिकारी पी खरमुजई व अश्वनी परमार ने बताया कि 21 जनवरी को उन्हें बेंगलुरु रवाना किया गया था। सभी ने बेंगलूरु में दसवें आदिवासी युवा सम्मेलन में भाग लिया। सम्मेलन के बाद उन्हें विभिन्न पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया गया। युवक-युवतियों को रोजगार, शिक्षा से संबंधित कई जानकारी दी गई। वहां की संस्कृति एवं सभ्यता से सभी अवगत हुए। इस कार्यक्रम का उद्देश्य नक्सल इलाके में रहनेवाले युवक-युवतियों को स्वावलंबी बनाना है। ताकि, वे समाज की मुख्यधारा से नहीं भटके और लोगों को भटकने न दें। इधर, भ्रमण से वापस लौटे युवक-युवतियों ने बताया कि हम अन्य लोगों को भी रोजगार से जोडऩे का प्रयास करेंगे और सीआरपीएफ के सहयोग के बारे में बताएंगे, ताकि लोग किसी मजबूरी में गांव के युवक-युवतियां मुख्यधारा से न भटके और न ही नक्सलवाद का सहारा ले। मौके पर उप कमांडेंट एमएस यादव, फिरोज अली, एमएस राकेश कुमार, बुधी राम, नेहरु युवा केंद्र के रामाशीष चौधरी, रंजीत कुमार, एसपी सिंह समेत सीआरपीएफ के कई जवान मौजूद थे।

कार्यक्रम

सभी ने बेंगलुरु में दसवें आदिवासी युवा सम्मेलन में भाग लिया और वहां की संस्कृति से पाया परिचय

बेंगलुरू से लौटे आदिवासी युवक-युवतियों के साथ सीआरपीएफ के पदाधिकारी।

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