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छात्र को प्रोत्साहन में मिले 10 हजार में से प्राचार्य ने हड़प लिए सात हजार

छात्र और उसकी मां पर दबाव डाल जबरन प्राचार्य ने निकलवाए लिए पैसे भास्कर न्यूज | लातेहार राजकीयकृत उत्क्रमित...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 02:00 AM IST

छात्र और उसकी मां पर दबाव डाल जबरन प्राचार्य ने निकलवाए लिए पैसे

भास्कर न्यूज | लातेहार

राजकीयकृत उत्क्रमित मध्य विद्यालय अमवाटीकर के आठवीं कक्षा के छात्र संजीत उरांव पिता भोला उरांव ने बीईईओ उत्तरी को आवेदन सौंपकर विद्यालय के प्राचार्य ओमप्रकाश पर खेल प्रतियोगिता की प्रोत्साहन राशि हड़पने की शिकायत की है। सौंपे गए आवेदन में छात्र संजीत ने बताया है कि मैंने हस्तकला खेल प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए पूर्व में आवेदन भरा था, जिसमें मेरा चयन हुआ था।

चयन होने के बाद मैंने तीन फरवरी को इस खेल प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर सरकार द्वारा मुझे बतौर प्रोत्साहन राशि दस हजार रुपए मेरे पंजाब नेशनल बैंक के खाते में भेजी गई थी। जब इसकी जानकारी प्राचार्य ओमप्रकाश को मिली तो वे तीन-चार मर्तबा मुझ पर बैंक खाते से पैसे निकालने का दबाव बनाने लगे। उन्होंने कई बार मुझे घर से बैंक का पासबुक लाने के लिए दबाव बनाया, लेकिन मैंने पासबुक लाकर नहीं दिया। अंतत: उन्होंने मुझे यह धमकी दी कि अगर तुम पासबुक घर से नहीं लाकर दोगे तो तुम्हारा सर्टिफिकेट नहीं दूंगा। इसके बाद भी जब मैंने पासबुक नहीं लाया तो वे मेरी मां, जो इस स्कूल में रसोईया है, को अपनी बाइक पर बैठाकर जबरन घर से पासबुक ले आए और मुझे जबरन पंजाब नेशनल बैंक ले गए। बैंक में मुझसे जबरन निकासी फॉर्म पर साइन कराकर पैसे की निकासी कर ली। तीन हजार रुपए मुझे दिए और स्वयं सात हजार रुपए रख लिए। प्राचार्य की इस करतूत से छात्र संजीत हतोत्साहित है। उसने उपायुक्त राजीव कुमार व जिला शिक्षा अधीक्षक मसूदी टुडू से प्रोत्साहन राशि वापस कराते हुए प्राचार्य पर कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।

लातेहार राउमवि अमवाटीकर के एचएम ओमप्रकाश ने कहा कि मैंने संजीत से कोई पैसे नहीं लिए हैं और न ही पैसे निकालने के लिए कोई दबाव दिया है। मुझ पर लगाए गए आरोप निराधार हैं।

लातेहार डीएसई मसूदी टुडू ने कहा कि प्रोत्साहन राशि पर सिर्फ छात्र का अधिकार होता है। उसपर शिक्षक का कोई अधिकार नहीं। मैं इस मामले की जांच कराता हूं। मामला सत्य पाए जाने पर दोषी प्राचार्य पर कार्रवाई की जाएगी तथा छात्र संजीत को उसकी प्रोत्साहन राशि वापस दिलाई जाएगी।

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