Hindi News »Jharkhand »Ranchi »News» सांसारिक चिंता के बजाए येसु इस संसार में आए इसका चिंतन करें

सांसारिक चिंता के बजाए येसु इस संसार में आए इसका चिंतन करें

जीईएल व एनडब्ल्यूजीईएल चर्च के विश्वासियों ने सिरोम टोली चौक स्थित कब्रिस्तान में प्रभु येसु का पुनरुत्थान पर्व...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 03:05 AM IST

सांसारिक चिंता के बजाए येसु इस संसार में आए इसका चिंतन करें
जीईएल व एनडब्ल्यूजीईएल चर्च के विश्वासियों ने सिरोम टोली चौक स्थित कब्रिस्तान में प्रभु येसु का पुनरुत्थान पर्व मनाया। कब्रिस्तान में दोनों ही चर्च के विश्वासी अपने-अपने चर्च के बिशप, पुरोहितों, पंचों और महिला संघ की नेत्री के साथ परिजनों के कब्रों पर कैंडल जलाए। गेंदा फूल के मालाओं से सुसज्जित कब्रों पर अगरबत्ती और सुगंधित दीप जलाकर ईश्वर के स्वर्ग राज्य में उन दिवंगत आत्माओं को स्थान मिलने की प्रार्थनाएं की। परिजनों के कब्रों पर प्रार्थना में लीन विश्वासियों के चेहरे पर यह आत्मविश्वास स्पष्ट झलक रहा था कि मसीह के विश्वास में रहते हुए जिस तरह उनके परिजन और पूर्वज, परलोक सिधार चुके, वह भी ख्रीस्त की तरह मृतकों में से जी उठेंगे और स्वर्ग राज्य में प्रभु के साथ होंगे।

जीईएल चर्च के विश्वासियों ने कब्रिस्तान में जाने से पहले गोस्सनर कंपाउंड स्थित स्मरण पत्थर के पास एकत्रित हुए। यहां से प्रार्थना और भजन करते हुए कब्रिस्तान पहुंचे। कब्रिस्तान में आराधना का संचालन रेव्ह अनुप जोली भेंगरा ने किया। उपदेशक रेव्ह सीमांत एस तिर्की रहे। उनके अलावा जीईएल चर्च के बिशप जॉनसन लकड़ा, फाइनांस सेक्रेटरी प्रदीप कुजूर, अटल खेस, पूनम और कोयर मंडली थी। कोयर टीम के साथ भजन और प्रार्थना के साक्षी वाणी पर भी चिंतन मनन किया।

मसीही जीवन की बुलाहट को पहचानें : रेव्ह सीमांत

रेव्ह सीमांत एस तिर्की ने कहा कि चर्च, ख्रीस्त का देह है और ख्रीस्त चर्च का मुखिया। मसीह में जिलाए गए सभी व्यक्ति का मुख्य उद्देश्य है अपने मसीही बुलाहट को पहचाने। सांसारिक जीवन की जिम्मेवारियों का ईमानदारी से निर्वहन करते हुए स्वर्गीय वस्तुओं की खोज करें। सांसारिक वैभव, सुख-सुविधा और दिखावे के जीवन के पीछे भागते हुए ईश्वर से दूर न हों।

सांसारिक चिंता में जीने के बजाए, चिंतन करें कि येसु इस संसार में आए और हमारे पापों को अपने उपर लिया। क्रूस पर अपने लहू बहाकर हमें चंगा किया। इसके बदले हम मसीही भी अपने जीवन और कार्य में उन्हें उतारें। बिशप जॉनसन लकड़ा के आशीर्वचन व प्रदीप कुजूर के धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। एनडब्ल्यूजीईल चर्च के विश्वासियों ने कब्रिस्तान में आराधना से पहले रात ढाई बजे स्मारक पत्थर के समीप जमा हुए और यहां से शोभायात्रा निकालकर कब्रिस्तान पहुंचे। कब्रिस्तान में आराधना का संचालन रेव्ह सतीश टोप्पो ने किया। उपदेशक बिशप दुलार लकड़ा रहे।

येसु का पुनरुत्थान ख्रीस्तीय जीवन का केंद्र बिंदू : ज्योतिष

हॉली एंजिल्स चर्च में पास्का के संदेश में फादर ज्योतिष किंडो ने कहा कि प्रभु येसु का पुनरुत्थान ख्रीस्तीय जीवन का केंद्र बिंदू है। मसीहियों के विश्वास की दृढ़ता का आधार भी यह पुनरुत्थान है। प्रत्येक ख्रीस्तीय इस पुनरुत्थान की आशा में अपना जीवन बिताता है। यही वजह है कि जो कोई ईश्वर की योजना के अनुसार जीवन व्यतीत करता है, उसके उपर मृत्यु का कोई असर नहीं होता है। ऐसे लोग मरने पर भी मौत का अनुभव नहीं करते हैं। इसके साथ ही फादर ज्योतिष ने तमाम विश्वासियों को येसु के पुनरुत्थान पर्व की बधाईयों के साथ पुनर्जीवित येसु ख्रीस्त के आशीषों की शुभकामनाएं दी।

सीएनआई विश्वासियों ने मना पर्व : सीएनआई विश्वासियों ने बिरसा मुंडा बस पड़ाव कांटाटोली के समीप कब्रिस्तान परिसर में स्थित ऑल सेंटस चैपल में पवित्र प्रभुभोज अनुष्ठान के साथ येसु के पुनरुत्थान का पर्व मनाया। मुख्य अनुष्ठक सीएनआई शिलांग के बिशप मिखायल हेरेंज थे। इसमें उनका सहयोग प्रेसबिटर एसपी लुगून ने किया।

येसु का पुनरुत्थान मसीही विश्वास की रीढ़ : पास्टर

अल्फा ओमेगा मिनिस्ट्री के पास्टर रिक्की ने कहा कि ईस्टर, येसु मसीह के क्रूस मृत्यु के बाद मृतकों में से जी उठने की खुशी का त्योहार है। येसु के दु:खभोग, क्रूस मृत्यु और पुनरुत्थान मसीही विश्वास की रीढ़ है। येसु के पुनरुत्थान के इस त्योहार की खुशियों के लिए मसीही प्रत्येक वर्ष चालीस दिन के महा उपवासकाल की आध्यात्मिक तैयारी, परहेज, उपवास व प्रार्थना से करते हैं। ईस्टर दीन दुखियों और जरूरतमंदों के जीवन में खुशियां बांटने का अवसर है। प्रत्येक मसीह को अपने व्यक्तिगत जीवन की खुशियों और आराम को त्याग करने की जरूरत है। येसु का पुनरुत्थान मसीही विश्वास की दृ़ढ़ता में बढ़ने का अवसर है।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×