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जीते 53 पार्षद नोमिनेट करेंगे 6 पार्षद 67 सदस्यों वाला होगा नगर निगम बोर्ड

नगर निगम चुनाव में 462 वार्ड प्रत्याशियों के बीच घमासान मचा है। पार्षद बनने के लिए सभी एड़ी-चोटी एक किए हुए हैं। जनता...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 03:15 AM IST
नगर निगम चुनाव में 462 वार्ड प्रत्याशियों के बीच घमासान मचा है। पार्षद बनने के लिए सभी एड़ी-चोटी एक किए हुए हैं। जनता 53 वार्डों से 53 पार्षद चुनेगी, लेकिन छह अन्य लोग भी पार्षद बनेंगे। इससे पार्षदों की कुल संख्या 59 और नगर निगम बोर्ड के सदस्यों की कुल संख्या 67 हो जाएगी। ऐसे छह पार्षदों को चुनाव जीतकर अाने वाले पार्षद नोमिनेट (नामित) करेंगे। नोमिनेट पार्षद आम लोग हो सकते हैं, जिन्होंने चुनाव नहीं लड़ा है या चुनाव हारने वाले प्रत्याशी भी हो सकते हैं, लेकिन शर्त यह है कि म्यूनिसिपल एडमिनिस्ट्रेशन की जानकारी उनके पास होनी चाहिए। नोमिनेट होने वाले इन पार्षदों का अधिकार क्षेत्र नगर निगम बोर्ड की बैठक तक ही सीमित होगा। यह व्यवस्था नगरपालिका अधिनियम-2011 में की गई है। हालांकि, चुनाव के बाद नगर विकास विभाग की ओर से इसे लेकर दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।

इधर, इस व्यवस्था को जानने वाले कुछ लोग पार्षद बनने का जुगाड़ लगाने लगे हैं। ऐसे लोग अपने करीबी पार्षद प्रत्याशी की तन-मन-धन से सपोर्ट कर रहे हैं, ताकि निगम बोर्ड गठन के बाद उनके भी पार्षद बनने की संभावना प्रबल रहे। वार्ड आरक्षण के कारण इस बार चुनाव नहीं लड़ पा रहे महिला या पुरुष पार्षद भी नामित पार्षद बनने को उत्सुक हैं। इस कारण वे पति या प|ी के साथ चुनाव प्रचार में लगे हैं। आने वाले दिनों के लिए गोलबंदी कर रहे हैं।

आम लोग या फिर चुनाव हारने वाले उम्मीदवार भी हो सकते हैं नोमिनेटेड पार्षद

ऐसे समझिए निगम बाेर्ड सदस्यों का गणित

53 पार्षद जनता से चुनकर आएंगे।

01 मेयर,01 डिप्टी मेयर होंगे।

01 लोकसभा सांसद होंगे।

04 विधायक शामिल रहेंगे।

06 पार्षदों का निर्वाचित पार्षद करेंगे चयन

01 राज्यसभा सांसद होंगे।

नामित पार्षदों के ये होंगे अधिकार


ये अर्हताएं दिलाएंगी पार्षद पद : नगरपालिका प्रशासन का ज्ञान होना या कार्य अनुभव रखने वाले तीन लोग पार्षद बनेंगे। इनमें दो महिलाअों का होना अनिवार्य है। वहीं अल्पसंख्यक वर्ग के तीन सदस्य में भी दो महिला सदस्यों का होना जरूरी है। 53 वार्ड के पार्षद छह सदस्यों को उनकी योग्यता, अनुभव के आधार पर नोमिनेट करेंगे।

...लेकिन : निगम के किसी तरह के चुनाव प्रक्रिया में शामिल होने का अधिकार नामित पार्षदों के पास नहीं होगा।

ये फायदे :
नगर विकास विभाग जारी करेगा दिशा-निर्देश

नामित पार्षदों को म्यूनिसिपल प्रशासन का ज्ञान होना जरूरी

पिछले चुनाव में भी प्रावधान था, पर सभी नियम नहीं बने थे

वर्ष 2013 में हुए नगर निकाय चुनाव में भी छह नामित पार्षद बनाने का प्रावधान था। कई लोग पार्षद बनने की तैयारी में लगे भी थे, लेकिन नगर विकास विभाग की ओर से नोमिनेशन प्रक्रिया के तहत चुने जाने वाले पार्षदों के बारे में कोई निर्देश जारी नहीं किया गया। इसकी वजह यह थी कि नगरपालिका अधिनियम से जुड़े कई नियम बने ही नहीं सके थे। लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। नगरपालिका अधिनियम के तहत आने वाले लगभग सभी नियम बन गए हैं। इस कारण इस प्रावधान को लागू करने का रास्ता साफ हो गया है। अब चुनाव के बाद नगर विकास विभाग की ओर से निर्देश जारी होना बाकी है।