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60 से 70 बच्चों को दी गई थी ट्रेनिंग, जो अब संभाल रहे दस्ता

डीआईजी अमोल वेणुकांत होमकर के समक्ष सरेंडर करनेवाला भाकपा (माओवादी) संगठन से जुड़े प्रकाश उरांव ने बताया कि वह...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 03:25 AM IST

60 से 70 बच्चों को दी गई थी ट्रेनिंग, जो अब संभाल रहे दस्ता
डीआईजी अमोल वेणुकांत होमकर के समक्ष सरेंडर करनेवाला भाकपा (माओवादी) संगठन से जुड़े प्रकाश उरांव ने बताया कि वह नक्सलियों के मिलिट्री विंग का काम देखता था। उसने बताया कि वह संगठन में अपनी मर्जी से गया था और वापस भी मर्जी से आया है। उसने यह भी बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों से करीब 60 से 70 बच्चों को उठाकर बूढ़ा पहाड़ ले जाकर ट्रेनिंग दी गई थी, जो आज बड़े होकर अलग-अलग क्षेत्रों में दस्ता संभाल रहे हैं।

प्रकाश ने बताया कि वह इसी साल जनवरी में अंतिम बार बूढ़ा पहाड़ में सुधाकरण से मिला था। उस समय सुधाकरण के साथ उसकी प|ी नीलिमा और संतोष भी थे। सुधाकरण वर्तमान में बूढ़ा पहाड़ में नहीं है। उसने बताया कि 2012 में जेल से छूटने के बाद वह 2013 में दस्ता में फिर वापस आ गया।

सरेंडर करने पर डीआईजी उसे आत्मसमर्पण नीति के तहत तत्काल 50 हजार का चेक सौंपा।

झांसे में आकर शामिल हो गया था नक्सली दस्ते में

प्रकाश ने बताया कि वह लोहरदगा जिले के टोटो गांव का निवासी है। उसने बताया कि सीआरपीएफ से रिटायर उसके पिता को लकवा मार दिया था। बड़ा भाई बाहर पढ़ता था। इस वजह से प्रकाश की पारिवारिक जिम्मेदारी बढ़ गई। इसी दौरान गांव में प्रतिबंधित संगठन एमसीसी के सदस्य मुरारी, टोहन और अन्य आते रहते थे। वे गांववालों को पुलिस के खिलाफ भड़काते थे। उन्हीं की बातों में आकर 1998 में दस्ते में शामिल हो गया। बताया कि वर्ष 2000 में लोहरदगा पश्चिम में नकुल के साथ प्लाटून में रहा। उस समय एक प्लाटून के डिप्टी कमांडर का जिम्मा दे दिया गया। वर्ष 2001 में सेक्शन कमांडर बना दिया गया। फिर 2002 में सबजोनल कमांडर बनाकर लोहरदगा पश्चिम में पूरे प्लाटून का जिम्मा दे दिया गया।

अपने दो बच्चों को रांची के बड़े स्कूल में पढ़ा रहा है

प्रकाश ने बताया कि दो बच्चे एक बेटा और एक बेटी रांची के एक प्रतिष्ठित स्कूल में पढ़ रहे हैं। उसने बताया कि नक्सली संगठन में शामिल होने के बाद शुरुआत में वह भंडरा, चट्टी, केरो इलाके में छह सात माह रहा। वर्ष 1999 में उसे एरिया कमांडर बना दिया गया। फिर चंदवा जंगल में बंदूक चलाने की ट्रेनिंग ली।

आरएमपी डाॅक्टर की गला रेत हत्या समेत कई मामले

प्रकाश पर हत्या समेत कई मामले दर्ज हैं। सेरेंगदाग में सितंबर 2016 में एक आरएमपी डाॅक्टर की उसने गला रेत हत्या कर दी थी। इसके अलावा उसपर किस्को थाना और हेरहंज थाना में भी हत्या का मामला दर्ज है। उसपर आर्म्स एक्ट, सीएलए एक्ट, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम में कई मामले विभिन्न थानों में दर्ज है।

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