Hindi News »Jharkhand »Ranchi »News» सरकार के खिलाफ मोर्चे में सरयू-अर्जुन को मिले राधाकृष्ण

सरकार के खिलाफ मोर्चे में सरयू-अर्जुन को मिले राधाकृष्ण

मंत्री सरयू राय और पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा की गुरुवार शाम एक घंटे की मुलाकात ने झारखंड की राजनीति में एक...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 03:25 AM IST

मंत्री सरयू राय और पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा की गुरुवार शाम एक घंटे की मुलाकात ने झारखंड की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज कर दी है। सरयू ने बजट सत्र के दौरान संसदीय कार्य मंत्री का पद छोड़ने की पेशकश की थी। मुख्यमंत्री ने इस पर सहमति जताते हुए फाइल कैबिनेट को भेज दी। वहां से दोपहर तीन बजे इसे स्वीकृति के लिए राज्यपाल को भेजा गया। राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने शाम साढ़े पांच बजे इस पर स्वीकृति दी। इसके बाद शाम सात बजे राय को संसदीय कार्यमंत्री पद से मुक्त करने की अधिसूचना जारी कर दी गई।

इसके बाद शाम साढ़े सात बजे सरयू राय पूर्व सीएम मुंडा के आवास पर पहुंचे। इसके 10 मिनट बाद ही भाजपा विधायक राधाकृष्ण किशोर भी वहां आए। किशोर ने कहा कि 10 फरवरी को उनकी बेटी की शादी है, जिसका निमंत्रण कार्ड देने के लिए वे मुंडा के घर गए थे।

सरयू राय और अर्जुन मुंडा की भेंट को लेकर कई कयास लगाए जा रहे हैं। बजट सत्र के अंतिम दिन भाजपा के 24 विधायकों ने सीएम और स्पीकर को पत्र सौंप कर स्थानीय और नियोजन नीति में संशोधन की मांग की थी। इसके बाद आठ असंतुष्ट विधायकों का बुधवार को सरयू राय और अर्जुन मुंडा से मिलना, इसके अगले ही दिन राय का मुंडा से मिलना यह बता रहा है कि सर्कुलर रोड स्थित मुंडा का आवास इन दिनों केंद्र बिंदु बना हुआ है।

राधाकृष्ण किशोर

केंद्रीय नेतृत्व से बातचीत के बाद लेंगे फैसला

सरयू राय चार फरवरी को दिल्ली जाएंगे। यूं तो वे गोवा की राज्यपाल के यहां होने वाली शादी में शामिल होने जा रहे हैं, लेकिन वहां वे पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से मिलकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी देंगे। बताएंगे कि किस तरह चंद दागी अफसरों को बचाने पर सरकार अड़ी रही। इससे सरकार को काफी फजीहत का सामना करना पड़ा। अगले साल यहां लोकसभा और विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे समय में सरकार विरोधी माहौल बनना पार्टी और सरकार के लिए अच्छा नहीं है। वे नेतृत्व परिवर्तन की भी मांग कर सकते हैं। केंद्रीय नेतृत्व से यह राय भी लेंगे कि उन्हें आगे क्या करना है। क्या वे इस्तीफा दे दें। अब केंद्रीय नेताओं की राय के बाद ही वे कोई फैसला लेंगे। कई असंतुष्ट विधायकों ने भी उन्हें दिल्ली पहुंचने का भरोसा दिलाया है। राय चाहते हैं कि इस मुहिम में मुंडा का भी साथ मिले।

7.30 pm- अर्जुन मुंडा से मिलने पहुंचे सरयू राय

अर्जुन मुंडा

नीलकंठ अब संसदीय कार्यमंत्री

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मुझे नई जिम्मेदारी दी है और मुझ पर जो विश्वास व्यक्त किया है, उसका ईमानदारी पूर्वक निर्वहन करने का प्रयास करूंगा। उनके विश्वास पर खरा उतर सकूं, यही मेरी कोशिश रहेगी। नीलकंठ सिंह मुंडा

सरयू का था आग्रह, पद से मुक्त करें

सरयू राय ने सीएम को लिखे पत्र में कहा था कि दो साल से झारखंड विधानसभा की कार्यवाही सुचारू तरीके से नहीं चल रही है। संसदीय कार्यमंत्री होने के नाते मैं खुद को भी इसके लिए जिम्मेदार मानता हूं। ऐसे में मुझे संसदीय कार्य विभाग से मुक्त कर दिया जाए। विधानसभा में विपक्ष के रवैये से परेशान सरकार के समक्ष इस पत्र से असहज स्थिति उत्पन्न हो गई थी।

7.40 pm-अर्जुन मुंडा के घर राधाकृष्ण पहुंचे

मुख्यमंत्री रघुवर दास की अनुशंसा पर राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा को संसदीय कार्य मंत्री का प्रभार दिया है। वर्तमान संसदीय कार्य मंत्री सरयू राय अब केवल खाद्य सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री रहेंगे। गुरुवार को कैबिनेट सचिव एसकेजी रहाटे ने सरकार के इस निर्णय की अधिसूचना जारी कर दी है।

मेरा बड़ा बोझ हल्का हो गया : सरयू राय

मानसिक और नैतिक रूप से मेरा एक बड़ा बोझ का हल्का हो गया है। संसदीय कार्य मंत्री के प्रभार से हटाने के मेरे आग्रह को स्वीकार करने के लिए मैं सीएम रघुवर दास को धन्यवाद देता हूं। मैंने पूरा प्रयास किया था कि सदन चले। इसके लिए स्पीकर के साथ सीएम और प्रतिपक्ष के नेता की मीटिंग भी कराई थी। उम्मीद थी कि कोई रास्ता निकलेगा। पर रास्ता नहीं निकला।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×