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वन विभाग की सख्ती के बाद भी नहीं थमी लकड़ी तस्करी

डीबी स्टार

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 03:30 AM IST

डीबी स्टार रांची

रांची और आसपास के जिलों में लकड़ी तस्करों पर कार्रवाई के बाद भी वे थम नहीं रहे हैं। पेड़ों की अवैध कटाई करके वाहनों से एक जिले से दूसरे जिले में भेजने का काम जारी है। हालांकि कई बार अवैध लकड़ी समेत जब्त वाहन के मालिक को नोटिस जारी कर बुलाया भी जाता है, लेकिन कार्रवाई के डर से सामने ही नहीं आ रहा।

ऐसा ही एक मामला भरनो का सामने आया है। 22 जनवरी 2018 को भरनो ब्लॉक चौक के समीप दोपहर करीब 1.30 बजे ही पुलिस और वन गश्ती दल द्वारा एक पिकअप वैन को पकड़ा गया। JHO1N-1884 नंबर के पिकअप वैन में 10 पीस सेमल और चार पीस शीशम बोटा जब्त किया गया। जब्ती के बाद गुमला वन प्रमंडल के न्यायालय में यह मामला भी चल रहा है। पिकअप वैन में लदी लकड़ी वैध है या अवैध? इसको साबित करने के लिए अभी तक कोई सामने नहीं आया। ऐसे में गुमला वन प्रमंडल के प्राधिकृत पदाधिकारी-सह- वन प्रमंडल पदाधिकारी की ओर से नोटिस जारी कर कहा गया है कि वाहन मालिक, जब्त वन पदार्थ के दावेदार (यदि कोई हो) तो वे 12.02.2018 को गुमला वन प्रमंडल के न्यायालय में 11.00 बजे दिन में स्वयं या अपने अधिवक्ता के माध्यम से उपस्थित होकर अपना पक्ष प्रस्तुत करें। अगर दावेदार सामने नहीं आने की स्थिति में उपलब्ध साक्ष्यों और अभिलेखों के आधार पर एक पक्षीय निर्णय ले ली जाएगी।

इधर, विभाग के कुछ कर्मियों का कहना है कि राज्य भर में हाइवे के चाैड़ीकरण में भी पेड़ों की अंधाधुंध कटाई हो रही है और कीमती लकड़ी बैकडोर से तस्करों के पास पहुंच रही है। इस पर बड़े अधिकारी ध्यान ही नहीं दे रहे हैं तो हम क्या कर सकते हैं। अनगड़ा और सिल्ली इलाके में भी सबसे ज्यादा पेड़ों की अवैध कटाई कर तस्करी का मामला सामने आता रहता है। विभाग की आेर से कार्रवाई होती है। इसके बाद भी तस्करी नहीं थम रही है। इससे साफ है कि तस्करों के साथ अधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगत से इंकार नहीं किया जा सकता। कई बार अभियान की जानकारी पहले ही तस्करों तक पहुंच जाती है।

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