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अंधेर नगरी चौपट राजा, टके सेर भाजी टके सेर खाजा...

रांची विवि के स्टूडेंट्स ने शनिवार को नाटक अंधेर नगरी चौपट राजा प्रस्तुत किया। ये यूनिवर्सिटी के वे स्टूडेंट्स...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 03:30 AM IST
रांची विवि के स्टूडेंट्स ने शनिवार को नाटक अंधेर नगरी चौपट राजा प्रस्तुत किया। ये यूनिवर्सिटी के वे स्टूडेंट्स थे जिन्हें एक्सपोजर ग्रुप द्वारा थिएटर वर्कशॉप के तहत 45 दिनों तक थिएटर की ट्रेनिंग दी गई है। इसमें 40 युवाओं को एक्टिंग के साथ सेट डिजाइनिंग, लाइट, मेकअप, कॉस्ट्यूम, म्यूजिक, सेट, प्रोडक्शन मैनेजमेंट की ट्रेनिंग दी गई।

नाटक का मंचन रांची विवि के शहीद स्मृति सभागार में हुआ। निर्देशन संजय लाल ने किया। मुख्य अतिथि रांची विवि के कुलपति डॉ रमेश कुमार पाण्डेय, विशिष्ट अतिथि डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी थे। नाटक के जरिए बताया गया है कि किसी चीज की बाहरी सुंदरता से प्रभावित न होकर उसके अन्य पहलुओं को भी देखना चाहिए। कहानी का प्रसिद्ध डायलॉग है जब महंत अपने चेले से पूछते हैं कि वो कौन सी नगरी है जहां सभी चीजें टके सेर मिलती है। तो चेला कहता है, अंधेर नगरी चौपट राजा, टके सेर भाजी टके सेर खाजा।

अंधेर नगरी चौपट राजा नाटक प्रस्तुत करते रांची विवि के स्टूडेंट्स।

रांची पुलिस के जवानों को समर्पित नाट्य महोत्सव शुरू, पहले दिन हुआ भुक्खड़ का मंचन

झारखंड फिल्म एंड थिएटर एकेडमी द्वारा रांची पुलिस के जवानों को समर्पित दो दिवसीय नाट्य महोत्सव की शुरुआत हुई। इसमें पहले दिन नाटक भुक्खड़ का मंचन हुआ। इसके निर्देशक राजीव सिन्हा थे। भुक्खड़ एक भूखे व्यक्ति की है, जो भूख से तड़प कर फुटपाथ पर ही कोमा में चला जाता है। इस पर शुरू हो जाता है समाज के अलग-अलग वर्ग के लोगों की महत्वाकांक्षाओं का खेल। भूखे शख्स का तो भला नहीं हो पाता लेकिन इस आग में कई नेता अपनी रोटी सेंक लेते हैं।

रांची यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स ने पेश किया नाटक