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साइंस का दुष्परिणाम भी देखें

झारखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो. गोपाल पाठक ने कहा कि पर्यावरण प्रदूषण से लोगों का स्वास्थ्य लगातार...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 03:35 AM IST
झारखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो. गोपाल पाठक ने कहा कि पर्यावरण प्रदूषण से लोगों का स्वास्थ्य लगातार खराब हो रहा है। प्रतिरोधक क्षमता कम होती जा रही है। ऐसे में वातावरण को शुद्ध रखने के लिए अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाएं। इसमें युवाओं का रोल अहम है। वे मंगलवार को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी में नेशनल साइंस डे के उपलक्ष्य में नीड फॉर फॉरेस्टिंग द साइंटिफिक टेंपर बाय द यूथ इन द 21वीं सेंचुरी विषय पर आयोजित व्याख्यान में बोल रहे थे।

प्रो. पाठक ने कहा कि फ्लोराइड की मात्रा बढ़ने से फ्लोरोसिस रोग से ग्रसित लोगों की संख्या बढ़ रही है। ओजोन परत का क्षय हो रहा है। हम विज्ञान के बल पर विकास कर रहे हैं, लेकिन इसके दुष्परिणाम को भी देखना होगा। मौके पर पीजी जूलॉजी की छात्रा विनिता घोष ने पावर कोलेबरेटिव अंडर ग्रेजुएट बायोलॉजी एजुकेशन पर प्वाइंट प्रजेंटेशन दिखाया। मौके पर प्रो. एसके त्रिपाठी, डॉ. एनडी गोस्वामी, डॉ. नमिता सिंह, डॉ. नमिता लाल, डॉ. भोला महतो, डॉ. विनय भरत, डॉ. अयूब, डॉ. अभय कृष्ण सिंह मौजूद थे। संचालन डॉ. शालिनी लाल व डॉ. जीसी बास्के और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अनुराग त्रिपाठी ने किया।

श्यामा प्रसाद विवि में नेशनल साइंस डे पर प्रो. गोपाल पाठक बोले

साइंस डे पर व्याख्यान देते मुख्य अतिथि, मौजूद वीसी व अन्य।

टेक्नो एप के विस्तार की है 21वीं सदी : प्रो. यूसी मेहता

श्यामा प्रसाद यूनिवर्सिटी के वीसी डॉ. यूसी मेहता ने कहा कि 20वीं सदी एडवांसमेंट आॅफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी का था, जबकि 21वीं सदी साइंस एंड टेक्नोलॉजी के विभिन्न उद्देश्यों के अप्लीकेशन के विस्तार का है। साइंस हमारे दैनिक जीवन को प्रभावित करता है। इसका सकरात्मक पक्ष देखें।