• Home
  • Jharkhand News
  • Ranchi
  • News
  • झारखंड में सबसे पहले होलिका दहन चुटिया में, क्योंकि कभी ये राजधानी थी
--Advertisement--

झारखंड में सबसे पहले होलिका दहन चुटिया में, क्योंकि कभी ये राजधानी थी

रांची | झारखंड में सबसे पहले होलिका दहन चुटिया में होती है। यह परंपर करीब 1300 साल पुरानी है। यह नागवंशी राजाओं का...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 03:40 AM IST
रांची | झारखंड में सबसे पहले होलिका दहन चुटिया में होती है। यह परंपर करीब 1300 साल पुरानी है। यह नागवंशी राजाओं का शासन था और चुटिया छोटानागपुर की राजधानी थी। मान्यता थी कि किसी महत्वपूर्ण काम की शुरुआत राजधानी से हो। इसीलिए परंपरा शुरू हुई। बाद में 1685 में यहां राम मंदिर बना और यह परंपरा जारी है। इसके साथ ही नए साल का आगमन मान लिया जाता है।

गुरुवार सुबह 7:53 बजे से भद्रा शुरू होगा, जो शाम 6:58 बजे तक रहेगा। इसलिए होलिका दहन शाम 7:30 से 9 बजे तक उत्तम है।

इस बार होली में मनाएं जिंदगी के रंगों का जश्न

खुशियों के रंगों में सराबोर होने का त्योहार होली आ गया। बस, एक दिन बाद हर घर, मोहल्ला, शहर रिश्तों और प्यार के अनगिनत रंगों में रंगा नजर आएगा। खूब खेलिए, लेकिन गुलाल के रंगों के साथ। इस साल अबीर और गुलाल के खुशबूदार रंगों से रिश्तों में उपजी सारी खटास, कड़वाहट मिटा दीजिए। रिश्तों में जितनी हो सके, मिठास घोलिए। अपनों और अपने आसपास के जरूरतमंदों के साथ प्यार के रंग बिखेरिए। हो सके तो अबीर और गुलाल के साथ कुछ गुझिया उन्हें भी दीजिए। इससे आप अपनी ही नहीं उनकी जिंदगी में भी खुशियों के ऐसे रंग भर देंगे जो होली के बाद भी अमिट रहेंगे। तो आइए हम सब मिल-जुलकर जिंदगी में रंगों का जश्न गुलाल के साथ मनाएं।

सभी पाठकों को होली की हार्दिक शुभकामनाएं -भास्कर परिवार