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स्कूल में अटेंडेंस तो मम्मी-पापा को तुरंत चलता है पता, होमवर्क... असाइनमेंट भी एप से ही संभव / स्कूल में अटेंडेंस तो मम्मी-पापा को तुरंत चलता है पता, होमवर्क... असाइनमेंट भी एप से ही संभव

Bhaskar News Network

Dec 21, 2017, 03:45 AM IST

News - रांची में पहली बार डीएवी पब्लिक स्कूल, बरियातू में डायरेक्ट कनेक्टिविटी एप डीएवीपब्लिक स्कूल, बरियातू अब 24 घंटे...

स्कूल में अटेंडेंस तो मम्मी-पापा को तुरंत चलता है पता, होमवर्क... असाइनमेंट भी एप से ही संभव
रांची में पहली बार डीएवी पब्लिक स्कूल, बरियातू में डायरेक्ट कनेक्टिविटी एप

डीएवीपब्लिक स्कूल, बरियातू अब 24 घंटे टीचर्स, स्टूडेंट्स और पैरेंट्स को एक एप से एक-दूसरे को जोड़ दिया है। दिन हो या रात, छुटि्टयां हों या स्कूल खुले हों, टीचर्स जब चाहें पैरेंट्स और स्टूडेंट्स तक अपनी बात पहुंचा सकते हैं। ठीक ऐसा ही पैरेंट्स स्टूडेंट्स के साथ भी है, वह भी एक प्लेटफॉर्म पर। इसके लिए स्कूल ने करीब 20 दिन पहले एक एंड्राॅयड एप लांच किया है, जिसका नाम है एक्सटडी स्कूल एप। पैरेंट्स स्कूल में अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से फोन में इसे इंस्टॉल कर सकते हैं। एप प्ले स्टोर पर फ्री में उपलब्ध है।

कैसा रहा बच्चों का रिजल्ट : पैरेंट्स को मिल जाते हैं टेस्ट के मार्क्स आंसरशीट टीचर्सबच्चों के टेस्ट के मार्क्स और आंसरशीट एप से ही पैरेंट्स तक पहुंचा देते हैंं। साथ ही एग्जाम शेड्यूल, सिलेबस, स्कूल टाइम-टेबल, इवेंट्स आदि की जानकारी भी के एडमिन कंसोल से एक ही बार में सभी पैरेंट्स स्टूडेंट्स तक पहुंच जाती है।

पढ़ाई-रिजल्ट पर फोकस- स्टूडेंट एबसेंट, तो भी मिलता है असाइनमेंट: स्टूडेंटस्कूल में एबसेंट हो, तब भी होमवर्क, असाइनमेंट और स्टडी मैटेरियल उस तक पहुंच जाता है। एप से टीचर्स पूरे क्लास को एक साथ टाइपिंग या इमेज अपलोड कर असाइनमेंट्स भेज सकते हैं।

बच्चों पर पैरेंट्स-स्कूल की नजर बच्चे स्कूल बंक नहीं कर रहे: जैसेही बच्चों का अटेंडेंस क्लास में मार्क होता है, खबर एप नोटिफिकेशन से पैरेंट्स को मिल जाती है। अब बच्चे स्कूल बंक नहीं कर पाते। बच्चा घर से स्कूल जाता है, लेकिन पहुंचता नहीं है तो भी उसके पैरेंट्स को मैसेज मिल जाता है।

^एप में एक सुविधा है, जिससे हम हमेशा इसे बनाने वालों के संपर्क में रहते हैं। कभी कोई दिक्कत आती है, तो हम उन्हें सूचना देते हैं। दो-तीन दिन में ही उसे ठीक कर दिया जाता है। इसमें अभी और भी फीचर्स जुड़वाए जाएंगे। -गीता प्रियजोशी, स्कूल एप को-ऑर्डिनेटर टीचर

^ हमारा फोकस स्कूल मैनेजमेंट सिस्टम को पूरी तरह डिजिटलाइज करने पर है। यह एप शुरुआत है। जल्द ही हम ऐसे और डेवलपमेंट करेंगे, जिसके जरिए स्कूल बच्चों के लिए एक स्मार्ट वर्ल्ड बन सके। -विजयकुमार सिंह, प्रिंसिपल, डीएवी बरियातू

इस एप को डीएवी पब्लिक स्कूल हजारीबाग से पढ़ाई कर चुके छात्र सौरभ कुमार और उदय भास्कर ने बनाया है। दोनों ने बीटेक किया है। सौरभ ने बताया कि दोनों ने 2009 में डीएवी से 10वीं पास की। अपने स्कूल टाइम में हमने जिन परेशानियों का सामना किया, उससे दूर करने के लिए स्कूल, स्टूडेंट्स और पैरेंट्स के बीच के कम्यूनिकेशन गैप को भरने की कोशिश की है। पिछले साल से हम इस पर काम कर रहे हैं। इस साल अप्रैल में अपनी कंपनी बनाई और एप का काम शुरू किया। बिहार-झारखंड के 6 स्कूलों में इस एप का इस्तेमाल हो रहा है। रांची में अभी ये सिर्फ डीएवी बरियातू के पास है।

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