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गुजिया-दहीबड़े के साथ धुसका की तैयारी

News - रांची |कोई भी त्योहार बिना पकवानों के अधूरा-सा लगता है। होली का पर्व रंगों के साथ ही पकवानों का स्वाद लेने का पर्व...

Dainik Bhaskar

Mar 01, 2018, 03:45 AM IST
गुजिया-दहीबड़े के साथ धुसका की तैयारी
रांची |कोई भी त्योहार बिना पकवानों के अधूरा-सा लगता है। होली का पर्व रंगों के साथ ही पकवानों का स्वाद लेने का पर्व है। गुजिया व दही बड़ा तो सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। शायद ही कोई घर हो जहां गुजिया न बने। बाहर के बने मिठाई और पकवान से ज्यादा घरों के बने पकवान की डिमांड रहती है। कई दिन पहले से ही सभी होली की तैयारी में लग जाते हैं।

होली पर घर-घर बन रहे हैं पकवान, आज अगजा में पकौड़ी होगी खास

हमारे यहां जब पूर्णिमा लगता है तो खीर बनाई जाती है। खीर से ही भगवान को भोग लगाती हूं। होली के दिन धुसका, पुआ और मटन बनता है। होली खेलने के बाद सब लोग मिल कर एक साथ पकवानों का आनंद लेते हैं। इन सब के साथ कुछ मीठा के लिए रसगुल्ले मंगा लेती हूं। -अंजलि

मैं अपने घर में हर बार होली में पुआ और और दही बड़े जरूर बनती हूं। इसके बिना हमारी होली अधूरी रहती है। हर साल होली के 2 दिन पहले ही मैं गुजिया और निमकी बना कर रखती हूं, ताकि होली वाले दिन आराम से होली खेल सकूं। होली वाले दिन पूरी और छोले जरूर बनाती हूं। -सोना

हमारे घर में होली के दिन पारंपरिक खाना बनता है- जैसे धुसका, पुआ, दही बड़ा। वहीं सूखे नाश्ते के लिए मैं पहले ही मठरी, निमकी, शक्कर पाले सब बना लेती हूं। होली के दिन हमारे घर में जिमीकंद (ओल) की सब्जी जरूर बनती है। साथ ही कटहल की सब्जी या उसकी कोई अलग तरह की डिश तो बनती ही है। -रोजी

मैं होली की तैयारी होली के 2 दिन पहले से ही करती हूं। होली के पहले ही गुलाब जामुन जरूर बनाती हूं और अगजा वाले दिन भोग लगती हूं। जब तक अगजा में बड़ा और चना का भोग न लगे, तब तक कोई उन सभी चीजों को खा नहीं सकता। -सोनाली

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