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आने वाले 50 वर्षों को देखते हुए संसाधनों का उपयोग हो : सरयू राय

समिट में बोलते खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय और बैठे अन्य। एसोचैम के एक्सीलेंस इन एजुकेशन, ट्रेनिंग एवं...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 03:45 AM IST
समिट में बोलते खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय और बैठे अन्य।

एसोचैम के एक्सीलेंस इन एजुकेशन, ट्रेनिंग एवं डेवलपमेंट अवार्ड-2018 में बोले खाद्य आपूर्ति मंत्री

बिजनेस रिपोर्टर | रांची

आज उद्योग जगत को भी चिंता है कि हमारे शिक्षा का स्वरूप ऐसा हो कि देश को संपूर्ण विकास हो सके। मेरा मानना है कि आने वाले 50 वर्षों को देखते हुए विज्ञान-तकनीक सहित अन्य संसाधनों का उपयोग होना चाहित, ताकि देश का संपूर्ण विकास हो सके। इसमें शिक्षा का अहम योगदान होगा। उद्योग जगत का हित भी शिक्षा के विकास से जुड़ा हुआ है। हुनरमंद लोग विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। ये बातें एसोचैम द्वाारा मंगलवार को आयोजित एक्सीलेंस इन एजुकेशन, ट्रेनिंग एवं डेवलपमेंट अवार्ड-2018 में बतौर मुख्य अतिथि मौजूद राज्य के खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने कहीं। उन्होंने कहा कि समाज में एक्सीलेंसी की जरूरत है। कई राज्यों ने आपाधापी में कई संस्थान खोले हैं, आधारभूत संरचनाएं की खड़ी की, लेकिन वे भी दिक्कत में हैं। संरचना का पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है। इससे पूर्व एसोचैम के क्षेत्रीय निदेशक एसके सिंह ने कहा कि एसोचैम व्यापार के नए-नए आयाम पर हमेशा विचार करता है। वर्तमान में 28 देशों में सेंटर है। इस तरह के आयोजन का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार करना है। सेमिनार के दौरान एक्सीलेंस इन ट्रेनिंग, डेवलपमेंट एंड एजुकेशन-2018 (बेस्ट प्राइवेट यूनिवर्सिटी) ईस्ट : आइसेक्ट यूनिवर्सिटी, झारखंड सहित कई यूनिवर्सिटी पुरस्कृत किए गए।

इन्होंने भी रखा विचार : आइसेक्ट विवि के निदेशक अभिषेक पंडित ने कहा झारखंड में शिक्षा के क्षेत्र में काम करने की काफी संभावना है। एलएन मिथिला विवि के कुलपति प्रो एसके सिंह, विनोबा भावे के पूर्व कुलपति डॉ एमपी सिंह, इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड साइंस रांची विवि के प्रो चिन्मय कुमार, सीसीएल के वित्त विभागाध्यक्ष संजय सिंह ने भी अपने विचार रखे।