• Hindi News
  • Jharkhand
  • Ranchi
  • News
  • स्मार्ट सिटी की जमीन के आवंटन व लीज का ड्राफ्ट तैयार, 30 दिन में दे सकते हैं आपत्ति
--Advertisement--

स्मार्ट सिटी की जमीन के आवंटन व लीज का ड्राफ्ट तैयार, 30 दिन में दे सकते हैं आपत्ति

News - राजधानी के धुर्वा में 656.30 एकड़ में प्रस्तावित स्मार्ट सिटी में एजुकेशन हब, कॉमर्शियल कांप्लेक्स, होटल आदि बनाने के...

Dainik Bhaskar

Mar 01, 2018, 03:50 AM IST
स्मार्ट सिटी की जमीन के आवंटन व लीज का ड्राफ्ट तैयार, 30 दिन में दे सकते हैं आपत्ति
राजधानी के धुर्वा में 656.30 एकड़ में प्रस्तावित स्मार्ट सिटी में एजुकेशन हब, कॉमर्शियल कांप्लेक्स, होटल आदि बनाने के लिए जमीन की नीलामी की जाएगी। इसके लिए नगर विकास विभाग ने ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। झारखंड स्मार्ट सिटी लैंड एंड अदर फिक्सड एसेट्स यूटिलाइजेशन, अलॉटमेंट एंड डिस्पोजल रूल्स 2018 के तहत स्मार्ट सिटी की जमीन का आवंटन होगा। एक्ट का ड्रॉफ्ट Smartranchi.jharkhand.gov.in और smartranchi.city पर अपलोड किया गया है। किसी व्यक्ति या संस्था को आपत्ति या सुझाव देना हो, तो वे 30 मार्च तक लिखित रूप से दे सकते हैं। अपने नाम, पता और मोबाइल नंबर के साथ आपत्ति या सुझाव पत्र को मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, रांची स्मार्ट सिटी कॉर्पोरेशन लिमिटेड, तीसरा तल्ला, एमआर टॉवर, लाइन टैंक रोड के पता पर भेज सकते हैं। ranchismartcity@gmail.com पर कोई आपत्ति या सुझाव मेल भी किया जा सकता है। आम लोगों या संस्था द्वारा ड्राफ्ट पर की गई आपत्ति या दिए गए सुझाव के अनुसार एक्ट के ड्राफ्ट में सुधार किया जाएगा। इसी एक्ट के तहत स्मार्ट सिटी में जमीन का आवंटन होगा।

रांची स्मार्ट सिटी में जमीन लेने के लिए निजी लोगों और संस्थाओं को बोली लगानी होगी। ऊंची बोली के आधार पर जमीन का आवंटन होगा। एक्ट में जमीन का बेस प्राइस तय करने का फॉर्मूला भी स्पष्ट कर दिया गया है। 2017 के सर्कल रेट के अनुसार 50 डिसमिल जमीन के लिए रिजर्व प्राइस 3,30,97,040 रुपए होगा। जमीन का एरिया बढ़ने के साथ प्राइस भी बढ़ेगा। जिस वर्ष नीलामी होगी, उस समय का सर्कल रेट के आधार पर यह जमीन के रिजर्व प्राइस में बदलाव होगा। रिजर्व प्राइस के ऊपर जितनी अधिक बोली लगेगी, उतने में जमीन की बिक्री और लीज होगा। स्मार्ट सिटी में कुल 40 से 45 प्रतिशत क्षेत्र पार्क, खेल मैदान के लिए ओपन स्पेस रहेगा। ऐसे में इस जमीन का वैल्यू सेलेबुल जमीन में जुड़ेगा। जिस व्यक्ति या संस्था के नाम जमीन का आवंटन होगा। उसे ही स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस देना होगा।

स्मार्ट सिटी संस्थाओं के लिए जमीन का लैंड यूज 10 कैटेगरी में बांटा गया। आवासीय, व्यवसायिक, एजुकेशन के लिए अलग-अलग लैंड यूज तय किया गया है। लैंड यूज के अनुसार ही आवंटित जमीन का उपयोग होगा। उपयोग बदलने पर जमीन वापस लेने का भी प्रावधान किया गया है।

ऐसे तय हुआ लैंड यूज

रेसीडेंशियल यूज : हाउसिंग प्रोजेक्ट, अपार्टमेंट और निजी हॉस्टल बना सकते हैं। बड़े शैक्षणिक संस्थान और कार्यशील महिलाओं के लिए उपयोग नहीं होगा।

छोटे और खुदरा व्यवसायी : छोटे खुदरा व्यापार के लिए उपयोग होगा। बड़े उद्योग और व्यावसायिक कार्यालय के लिए उपयोग नहीं होगा।

बड़े खुदरा व्यापार और ऑफिस स्पेस : बड़े खुदरा व्यवसाय और व्यवसायिक कार्यालय, सिनेप्लेक्स जो झारखंड शॉप एंड कॉमर्शियल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट 1953 के तहत व्यवसाय आते हैं।

छोटे स्कूल और शैक्षणिक संस्थान : प्री स्कूल और प्राइमरी स्कूल के लिए। कक्षा पांच से ऊपर और डे केयर स्कूल चलाने की अनुमति नहीं मिलेगी।

आवासीय स्कूल और संस्थान : सभी तरह के छोटे स्कूल, जो स्कूल के साथ आवासीय सुविधा उपलब्ध कराएंगे।

यूनिवर्सिटी संस्थाएं : बड़े यूनिवर्सिटी और डीम्ड यूनिवर्सिटी के लिए जो केंद्र और राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त हो।

यूटिलिटी यूज : बिजली, पानी और इलेक्ट्रिक ट्रांसपोर्ट के लिए 2 एकड़ तक जमीन आवंटित की जाएगी। इसमें वाटर सप्लाई की व्यवस्था, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, पंपिंग स्टेशन, छोटे स्तर पर वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट, बस डिपो, टर्मिनल, साइकिल स्टैंड, पार्किंग,बिजली का सब स्टेशन, ट्रांसफॉर्मर लगाने में जमीन का उपयोग होगा।

अन्य उपयोगिता : बिजली, पानी और ट्रांसपोर्ट के अलावा जो भी सेवा होगी, उसके लिए अलग जमीन का इस्तेमाल होगा।

X
स्मार्ट सिटी की जमीन के आवंटन व लीज का ड्राफ्ट तैयार, 30 दिन में दे सकते हैं आपत्ति
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..