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बेहतर समाज के लिए डॉन बॉस्को के आदर्शों के साथ युवाओं को गढ़ें : फादर शिलानंद

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 01, 2018, 02:10 PM IST

कोकर स्थित डॉन बॉस्को स्कूल परिसर में सलेशियन समाज के लोगों ने सलेशियन धर्मसंघ के संस्थापक शिक्षक डॉन बॉस्को का...
कोकर स्थित डॉन बॉस्को स्कूल परिसर में सलेशियन समाज के लोगों ने सलेशियन धर्मसंघ के संस्थापक शिक्षक डॉन बॉस्को का पर्व बुधवार को समारोही मिस्सा के साथ मनाया। साथ ही उनके आदर्शों का स्मरण किया। पवित्र मिस्सा अनुष्ठान के मुख्य अनुष्ठाता कोकर के पेरिश प्रिस्ट फादर शिलानंद केरकेट्‌टा थे। उनके साथ सह अनुष्ठाता डॉन बॉस्को स्कूल कोकर के प्रिंसिपल फादर ज्योतिष किंडो रहे।

इस मौके पर पवित्र यूखरिस्त के प्रवचन में फादर शिलानंद ने कहा कि युवाओं के प्रेमी डॉन बॉस्को का यह पर्व हम सबों को उनके आदर्शों को जीने के लिए प्रेरित करता है। बेहतर समाज और राष्ट्र निर्माण के लिए जरुरी है कि हम सभी डॉन बॉस्को के आदर्शों को आत्मसात कर युवाओं को मित्रवत गढ़ें। फादर शिलानंद ने डॉन बॉस्को के स्टूडेंट्स से उनके आदर्शों को समाहित कर समाज निर्माण और दूसरों की सेवा में आगे बढ़ने को प्रेरित किया। मौके पर स्कूल के वाइस प्रिंसिपल फादर गोडेंसियुस कंडुलना समेत जूनियर सेक्शन से लेकर 12वीं कक्षा तक के मसीही स्टूडेंट्स व टीचर्स शामिल थे। शाम में धर्मसंघ के पुरोहितों, सिस्टर और धर्मबंधु समेत सलेशियन परिवार से जुड़े लोगों ने डॉन बॉस्को कोकर आकर सलेशियन फादर्स को पर्व की बधाइयां दीं।

बच्चियों से हाथ मिलाकर आशीष देते फादर ज्योतिष किड़ो।

भटके युवाओं को एकजुट कर धर्मसंघ की स्थापना की

फादर शिलानंद ने बताया कि डॉन बॉस्को का जन्म इटली के ट्यूरिन में एक कृषक परिवार में हुआ था। पिता फ्रांसिस बॉस्को और मां मारग्रेट थीं। डॉन बॉस्को के जन्म के दो साल बाद पिता का देहांत हो गया। मां की देखरेख में पले-बढ़े। बचपन से ही उनके दिलों में अनाथ, बेघर और बेरोजगार युवाओं के लिए दर्द था, करुणा थी। पुरोहिताई दीक्षा के लिए 1835 में सेमिनरी में प्रवेश लिया। 1841 में पुरोहिताभिषेक हुआ। फिर वे समाज के वैसे युवाओं को एकजुट करने लगे, जो किसी कारण से पथ से भटक गए थे या गलत संगत में थे। उन्होंने डॉन बॉस्को धर्मसंघ की स्थापना की। आज यह धर्मसंघ पूरी दुनिया में शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में समर्पित सेवा दे रहा है।

पोप फ्रांसिस का संदेश : रोज सदगुणों का अभ्यास जरूरी

रांची | पोप फ्रांसिस ने वेटिकन सिटी में मंगलवार को अपने ट्विट संदेश में लोगों को सदगुणों के निरंतर अभ्यास के लिए प्रोत्साहित किया है। कहा- प्रेम, न्याय और एकात्मता के साथ अच्छाई एक ही बार में और हमेशा के लिए हासिल कर रखी नहीं जा सकती है। उसे हर दिन अभ्यास करने की जरूरत है। वेटिकन सिटी से धर्मसंघ की सिस्टर उषा तिर्की ने यह जानकारी दी।

जीईएल चर्च विश्वासियों का 161वां ऐतिहासिक ख्रीस्तान डेरा महोत्वस आज

रांची | जीईएल चर्च के विश्वासी प्रतिवर्ष की भांति इस साल भी एक फरवरी को अपने पूर्वजों की ऐतिहासिक शरणस्थली डुमरगड़ी के बिलसेरेंग में 161वां ख्रीस्तान डेरा महोत्सव मनाएंगे। गुरुवार सुबह सात बजे जीईएल चर्च छोटानागपुर और असम के मॉडरेटर बिशप जोहन डांग, कलीसिया की महासचिव सुजया कुजूर, कोषाध्यक्ष व वित्त सचिव प्रदीप कुजूर, नॉर्थ-वेस्ट डायसिस के बिशप अमृत जय एक्का अन्य बिशपों के साथ बिलसेरेंग की सामूहिक आराधना में शामिल होंगे। महोत्सव में झारखंड के अलावा प. बंगाल, ओड़िशा और मध्यप्रदेश से हजारों की तादाद में येसु विश्वासी शामिल होंगे। प्रथम वेदी पर प्रार्थना की अगुवाई बिशप जोसेफ सांगा करेंगे, जबकि दूसरी वेदी पर प्रार्थना की अगुवाई बिशप मुरेल बिलुंग करेंगे। कमेटी का गठन कर दिया गया है। बिशप अमृत जय एक्का ने बताया कि महोत्सव के सफल आयोजन के लिए सेनेत कुल्ला, सबन बारला, सुबाल बारला, एस सुरीन और सुरजू राहा को विशेष जिम्मेवारी सौंपी गई है।

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Web Title: बेहतर समाज के लिए डॉन बॉस्को के आदर्शों के साथ युवाओं को गढ़ें : फादर शिलानंद
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